एमसी की मासिक बैठक में इस मामले पर जमकर हुआ हंगामा, उग्र कांग्रेस पार्षद पीटने लगे टेबल
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टाउनहाल और पूर्व सीएम वीरभद्र सिंह पर दिए बयान पर सदन में जमकर हंगामा बरपा। डिप्टी मेयर के बयान पर कांग्रेस पार्षद उग्र हो गए और टेबल पीटकर नारेबाजी करने लगे।
हंगामा इतना बढ़ा कि प्रस्तावों पर चर्चा होने से पहले ही दोपहर तीन बजे मेयर-डिप्टी मेयर सदन स्थगित कर पार्षद हॉल से बाहर चले गए। हंगामे की शुरुआत भाजपा पार्षद पूरनमल ने की। पूछा कि आखिर बचत भवन की बजाय पालिका भवन में क्यों सदन बुलाया जा रहा है?
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राकेश चौहान ने पूछा जब बचत भवन की अनुमति नहीं मिली थी तो पार्षदों को भेजे एजेंडे में इसे क्यों छाप दिया? आयुक्त ने कहा कि वहां पटवारियों की कार्यशाला है। इस पर पार्षद संजय परमार, आरती चौहान, शैली शर्मा, सिमी नंदा, सुषमा कुठियाला, अर्चना धवन, दिवाकर शर्मा भड़क गए।
बोले कि यह सरकार और निगम की नाकामी है। जिला प्रशासन के लिए चुने हुए प्रतिनिधियों से ज्यादा जरूरी पटवारी हो गए हैं। कई पार्षद ने कहा कि मेयर और सरकार टाउनहाल वापस दिलाने में नाकाम हो गए हैं।
सदन करवाने के लिए पार्षदों का फुटबाल बना दिया है। इस पर डिप्टी मेयर राकेश शर्मा ने कहा कि टाउनहाल पूर्व सीएम वीरभद्र सिंह के समय में मरम्मत को दिया था। इसके बारे में उन्हें सोचना चाहिए था। डिप्टी मेयर के इतना कहते ही हंगामा मच गया। पार्षद डिप्टी मेयर पर माफी मांगने का दबाव डालने लगे।
कांग्रेसी अंदर, मेयर-डिप्टी मेयर बाहर
हंगामे के बीच मेयर ने सदन दस मिनट के लिए स्थगित कर दिया। मेयर-डिप्टी मेयर सदन से बाहर चले गए। उधर, भाजपा पार्षद दंग थे। हंगामा करने वाले कांग्रेसी सदन में आराम से बैठ गए। भाजपा पार्षद शैलेंद्र चौहान ने कहा कि मेयर-डिप्टी मेयर ढाई साल बाद भी सदन नहीं चला पा रहे।
इस मुद्दे पर सदन से बाहर जाना जरूरी नहीं था। एक भी भाजपा पार्षद सदन से बाहर नहीं गया। भाजपा पार्षदों ने डिप्टी मेयर पर निगम की खबरें जिला प्रशासन तक पहुंचाने के भी आरोप लगाए।