मंडी: चार गुना मुआवजे के लिए गरजा भूमि अधिग्रहण प्रभावित मंच, डीसी कार्यालय तक निकाली रैली
भूमि अधिग्रहण प्रभावित मंच की रैली सुबह 12 बजे सेरी मंच से निकली और जिलाधीश कार्यालय तक पहुंची। यहां उपायुक्त अरिंदम चौधरी के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजते हुए प्रभावितों की मांग को पूरा करने की अपील की गई।
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भूमि अधिग्रहण प्रभावित मंच ने शुक्रवार को मंडी में फोरलेन प्रभावितों को चार गुना मुआवजे की मांग के लिए धरना प्रदर्शन किया। इस दौरान रैली भी निकाली गई। रैली सुबह 12 बजे सेरी मंच से निकली और जिलाधीश कार्यालय तक पहुंची। यहां उपायुक्त अरिंदम चौधरी के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजते हुए प्रभावितों की मांग को पूरा करने की अपील की गई। रैली में फल उत्पादक संघ के अध्यक्ष और विधायक (ठियोग) राकेश सिंघा और संयुक्त किसान मंच के संयोजक संजय चौहान ने कहा कि पूरे प्रदेश के किसान-बागवान नाराज चल रहे हैं। किसान और बागवानों ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। अध्यक्ष बेली राम कौंडल ने कहा कि राज्य सरकार भूमि अधिग्रहण 2013 कानून को लागू करने में आनाकानी कर रही है। एक के बाद दूसरी कमेटी बनाकर फैसले पर टालमटोल करती जा रही है। केंद्र सरकार भूमि अधिग्रहण कानून, 2013 के अनुसार चार गुना मुआवजा, पुनर्वास और पुनर्स्थापना को यथावत लागू करने के लिए राजी है।
उत्तराखंड, बिहार और झारखंड आदि में चार गुना मुआवजा दिया जा रहा है। इस दौरान कुल्लू जिला के सह संयोजक नरेश कुकू, प्रेम सिंह ठाकुर ने कहा कि टनल परियोजना से प्रभावित मकानों, जमीन और बगीचे आदि को हुए नुकसान का मुआवजा दिया जाए। बिलासपुर जिले से मदन शर्मा ने मांग उठाई कि सरकार राष्ट्रीय उच्च मार्ग-रोड प्लान के अनुसार भूमि अधिग्रहण करे। उसमें कोई बदलाव न हों।
कोटली-मंडी के अध्यक्ष प्रशांत मोहन, सरकाघाट-धर्मपुर के संयोजक मान सिंह ने कहा कि अधिग्रहित भूमि पर आश्रित अन्य लोगों को हुए आजीविका के नुकसान का आकलन कर उन्हें भी उचित मुआवजा दिया जाए। किसान सभा के राज्य अध्यक्ष डॉ. कुलदीप तंवर ने सरकार से मांग की कि नए मेगा प्रोजेक्ट्स के लिए स्थान का चयन तकनीकी आधार पर सोशल इंपेक्ट सर्वे के पश्चात ही किया जाए। रैली के संयोजक, जोगिंद्र वालिया, कुशाल भारद्वाज, हिमालयन नीति अभियान से गुमान सिंह इस दौरान मौजूद रहे।