विवादों में श्रेणी सुधार परीक्षा, तीसरी बार आउट ऑफ सिलेबस प्रश्नपत्र का आरोप
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यूजी डिग्री की श्रेणी सुधार की परीक्षाएं विवादों में आ गई हैं। तीसरी बार विवि पर आउट ऑफ सिलेबस प्रश्नपत्र डालने का आरोप लगा है। शुक्रवार को राजधानी के कोटशेरा और मंडी कॉलेज परीक्षा केंद्रों से बीए द्वितीय वर्ष के अंग्रेजी परीक्षा का पेपर- ए सिलेबस से बाहर आने के आरोप लगाकर परीक्षार्थी हाल से बाहर आए गए। परीक्षार्थियों ने परीक्षा केंद्र अधीक्षक और विवि सीओई से शिकायत भी की है।
मंडी के वल्लभ कॉलेज में प्रश्नपत्र बाहर से आने पर छात्र भड़क गए और परीक्षा नहीं दी। रमेश कुमार, चेतन, पंकज, शकुंतला, संतोष, अरविंद, सीमा ने बताया कि उन्होंने पांच हजार की फीस भरी है। पूरी तैयारी के साथ मंडी कॉलेज में परीक्षा देने पहुंचे, जैसे ही उन्हें प्रश्न पत्र दिया गया उसे देखते ही वे परेशान हो गए। एडमिट कार्ड और डेटशीट में अंग्रेजी विषय को छोड़ कर सभी पेपरों के शीर्षक सही दिए गए थे।
विश्वविद्यालय की ओर से डाला गया पाठ्यक्रम भी भ्रमित करने वाला था। पाठ्यक्रम की पीडीएफ में भी परीक्षार्थियों सही अंदाजा नहीं लगा पाए। कोटशेरा में परीक्षा देने पहुंचे परीक्षार्थियों हरीश कुमार, अमर सिंह, पवन कुमार सहित कुल 31 परीक्षार्थी परीक्षा को बिना हल किए छोड़ने को मजबूर हुए।
इसके बाद उन्होंने इस मामले को लेकर विवि जा कर मांग पत्र सौंपा और पूरी बात बताई और दोबारा से पुराने सिलेबस के मुताबिक प्रश्न पत्र सेट कर परीक्षा देने का मौका देने की मांग की। बड़ा प्रश्न यह भी है कि यह समस्या सिर्फ यूजी की अंग्रेजी विषय की हो रही श्रेणी सुधार की परीक्षा में ही पेश आ रही है, अन्य विषयों के प्रश्न पत्र को लेकर छात्रों की कोई शिकायत नहीं है।
2012-13 के सिलेबस के मुताबिक ही सेट किया गया प्रश्न पत्र
विवि के परीक्षा नियंत्रक डॉ. जेएस नेगी का कहना है कि शिकायतें आई हैं। प्रश्नपत्र 2012-13 में लागू सिलेबस के मुताबिक ही सेट किए गए हैं। छात्रों ने बिना शिकायत पूरी परीक्षा भी दी है। इसमें विवि स्तर पर कोई चूक नहीं हुई है। इंप्रूवमेंट चांस देने पर अंतिम लागू ईयर सिस्टम के सिलेबस के अनुसार ही प्रश्न पत्र सेट किया जाता है।
4 फरवरी को जारी की गई थी अधिसूचना
विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक कार्यालय ने ईसी की 22 जनवरी को हुई बैठक में लिए गए फैसले को आधार बताते हुए कहा कि 1990 के बाद के बीए बीएससी और बीकॉम, ओटी/एमआईएल डिग्री धारकों को श्रेणी सुधार का मौका दिए जाने की अधिसूचना जारी की गई थी।
2012-13 तक लागू वार्षिक परीक्षा प्रणाली के छात्र छात्राओं को पांच हजार रुपये प्रतिवर्ष के हिसाब से श्रेणी सुधार का मौका दिया गया था। जिसमें साफ किया गया था कि परीक्षा 2012-13 सेशन के सिलेबस के मुताबिक होगी।