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नीट परिणाम की हो निष्पक्ष जांच : एसएफआई
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-एसएफआई की राज्य कमेटी ने की नेशनल टेस्टिंग एजेंसी को बंद करने की मांग
राजधानी में आज होगा धरना-प्रदर्शन
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी के तय तिथि से दस दिन पूर्व चार जून को घोषित किए नीट यूजी-2024 के परीक्षा परिणाम के बाद गड़बड़ी के लगाए जा रहे आरोपों के मामले में एसएफआई ने जांच करवाने और विवादों में आई नेशनल टेस्टिंग एजेंसी को बंद करने की सरकार से मांग की है। एसएफआई बुधवार को उपायुक्त शिमला के कार्यालय के बाहर धरना-प्रदर्शन करेगा। छात्र नेताओं ने कहा कि एनटीए के परीक्षा संचालन और पारदर्शिता को लेकर लगातार सवाल उठते रहे हैं। एनटीए लाए जाने के बाद से परीक्षाओं में भ्रष्टाचार एवं कुप्रबंधन की शिकायतें मिल रही हैं। नीट यूजी की परीक्षा में एक साथ 60 से अधिक विद्यार्थियों के टॉप करने से एक बार फिर साबित हो गया है कि एनटीए नीट जैसी प्रवेश परीक्षा आयोजित करवाने में नाकाम रही है और यह सक्षम नहीं है। एसएफआई के राज्य अध्यक्ष अनिल ठाकुर और सचिव दिनीत देंटा ने कहा कि एमबीबीएस-बीडीएस मेडिकल कोर्स के लिए राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित की गई नीट यूजी-2024 में कुल 720 अंकों के प्रश्नपत्र में हर सही जवाब के लिए चार अंक दिए जाते हैं। गलत उत्तर का एक अंक कटता है। अनुत्तरित प्रश्नों छोड़ दिया जाता है। उस स्थिति में 719 और 718 जैसे अंक प्राप्त करना गणितीय रूप से संभव नहीं है। एनटीए के बयान में इस परीक्षा में ग्रेस मार्क्स दिए जाने की बात कही गई है। परीक्षा से पहले एनटीए ने जारी दिशा निर्देशों में कहीं भी ग्रेस मार्किंग की योजना का उल्लेख नहीं किया है। एक ही केंद्र से एक ही क्रम में लगातार रोल नंबर वाले छात्रों को 720 में से 720 अंक लेकर टॉप किया है। इससे मेरिट हाई होने से छात्रों को निजी कॉलेजों में प्रवेश लेने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। छात्र नेताओं ने कहा कि यह मेडिकल की पढ़ाई को निजी हाथों में देने और इसे प्रोत्साहित करने की एक साजिश है। एसएफआई ने निष्पक्ष जांच करवाने और एनटीए को खत्म करने की मांग की है।
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राजधानी में आज होगा धरना-प्रदर्शन
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी के तय तिथि से दस दिन पूर्व चार जून को घोषित किए नीट यूजी-2024 के परीक्षा परिणाम के बाद गड़बड़ी के लगाए जा रहे आरोपों के मामले में एसएफआई ने जांच करवाने और विवादों में आई नेशनल टेस्टिंग एजेंसी को बंद करने की सरकार से मांग की है। एसएफआई बुधवार को उपायुक्त शिमला के कार्यालय के बाहर धरना-प्रदर्शन करेगा। छात्र नेताओं ने कहा कि एनटीए के परीक्षा संचालन और पारदर्शिता को लेकर लगातार सवाल उठते रहे हैं। एनटीए लाए जाने के बाद से परीक्षाओं में भ्रष्टाचार एवं कुप्रबंधन की शिकायतें मिल रही हैं। नीट यूजी की परीक्षा में एक साथ 60 से अधिक विद्यार्थियों के टॉप करने से एक बार फिर साबित हो गया है कि एनटीए नीट जैसी प्रवेश परीक्षा आयोजित करवाने में नाकाम रही है और यह सक्षम नहीं है। एसएफआई के राज्य अध्यक्ष अनिल ठाकुर और सचिव दिनीत देंटा ने कहा कि एमबीबीएस-बीडीएस मेडिकल कोर्स के लिए राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित की गई नीट यूजी-2024 में कुल 720 अंकों के प्रश्नपत्र में हर सही जवाब के लिए चार अंक दिए जाते हैं। गलत उत्तर का एक अंक कटता है। अनुत्तरित प्रश्नों छोड़ दिया जाता है। उस स्थिति में 719 और 718 जैसे अंक प्राप्त करना गणितीय रूप से संभव नहीं है। एनटीए के बयान में इस परीक्षा में ग्रेस मार्क्स दिए जाने की बात कही गई है। परीक्षा से पहले एनटीए ने जारी दिशा निर्देशों में कहीं भी ग्रेस मार्किंग की योजना का उल्लेख नहीं किया है। एक ही केंद्र से एक ही क्रम में लगातार रोल नंबर वाले छात्रों को 720 में से 720 अंक लेकर टॉप किया है। इससे मेरिट हाई होने से छात्रों को निजी कॉलेजों में प्रवेश लेने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। छात्र नेताओं ने कहा कि यह मेडिकल की पढ़ाई को निजी हाथों में देने और इसे प्रोत्साहित करने की एक साजिश है। एसएफआई ने निष्पक्ष जांच करवाने और एनटीए को खत्म करने की मांग की है।