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अपराजिता: अचार और स्वेटर बेचकर हर माह 10 हजार कमा रहीं सीता
Thu, 09 Dec 2021 12:10 PM IST
अरविन्द ठाकुर
सोनम शर्मा, संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर
सोनम शर्मा, संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Thu, 09 Dec 2021 12:10 PM IST
सार
सीता देवी कहती हैं कला से बड़ा कोई हथियार नहीं है। आज के युग में हर महिला को आत्मनिर्भर होना चाहिए। इसके लिए कला का होना बहुत जरूरी है।
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सीता देवी
- फोटो : संवाद
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विस्तार
हमीरपुर जिले के नड़ियाना की रहने वाली 65 वर्षीय सीता देवी ने कभी पति से अपने खर्च के लिए पैसे नहीं लिए। आत्मनिर्भर बनकर कई बार उन्होंने पति के वेतन से अधिक आमदन अर्जित की। स्वयं सहायता समूह नड़ियाना-सड़ियाना की सदस्य सीता देवी स्वरोजगार की दिशा में मिसाल कायम कर युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत बनी हैं। अचार, सेवियां, मुरब्बा, अमचूर, सर्दियों में हस्त निर्मित स्वेटर और अन्य सामान बेचकर सीता देवी हर माह करीब दस हजार रुपये कमा रही हैं।
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स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं अच्छा सामान बनाती हैं, उनसे सामान खरीद वह हमीरपुर में बेच रहीं हैं। कई बार स्वयं सहायता समूहों की तरफ से ग्रामीण इलाकों में अन्य महिलाओं को प्रशिक्षण देती हैं। सीता देवी कहती हैं कला से बड़ा कोई हथियार नहीं है। आज के युग में हर महिला को आत्मनिर्भर होना चाहिए। इसके लिए कला का होना बहुत जरूरी है। उनके पति आईटीबीपी में सेवाएं देते थे। पिछले ही वर्ष उनका निधन हो गया है। वह कभी पति से अपने खर्च के लिए रुपये नहीं मांगती थीं। नौकरी के दौरान साथ रहने पर पति ने ही इसका प्रशिक्षण दिलवाया था।
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उसके बाद आईटीबीपी में रहकर काम किया और सैनिकों के मोजे आदि बनाए। विभिन्न मेलों में भी सामान बेचा और हजारों का मुनाफा हुआ। कई बार तो उनकी कमाई पति के वेतन से ज्यादा होती थी। उन्होंने कहा कि आजकल हर महिला को कार्य करना चाहिए। एक तरफ कोरोना काल में हजारों युवा बेरोजगार हो गए हैं तो दूसरी तरह सीता देवी उन युवाओं को अपनी कला की पहचान कर नए कार्य करने के लिए प्रेरित कर रही हैं।
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