जयराम कैबिनेट बैठक, खुल सकता है नौकरियों का पिटारा
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जयराम कैबिनेट की बैठक में नौकरियों का पिटारा खुल सकता है। साथ ही कर्मचारियों को बड़ा तोहफा मिल सकता है। तीन वर्ष की अनुबंध सेवाएं पूरी कर चुके सैकड़ों सरकारी कर्मचारियों के नियमितीकरण पर कैबिनेट की बैठक में मुहर लग सकती है।
विभिन्न विभागों में खाली पदों को भरने के लिए जयराम सरकार नौकरियों का पिटारा भी खोल सकती है। जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए जीरो बजट खेती के तहत किसानों को दिए जाने वाले लाभों पर भी मंत्रिमंडल निर्णय लेगा।
जीरो बजट खेती के लिए अलग से निदेशालय गठित हुआ है, जिसके ढांचे की स्वीकृति का प्रस्ताव भी बैठक में आना है। पिछली बैठक में आखिरी समय पर बाहर की गई नई ऊर्जा नीति पर इस बार फैसला संभव है।
बैठक में इन फैसलों पर लग सकती है मुहर
अनुबंध पर तैनात होने वाले कर्मचारियों को तीन वर्ष की सेवाओं के बाद सरकार नियमित करती है। साल में दो बार एक अप्रैल और एक अक्तूबर नियमितीकरण की प्रक्रिया के लिए तिथियां तय की गई हैं। इस दौरान अपना तय कार्यक्रम पूरा करने वाले कर्मियों को लाभान्वित किया जाता है।
इस बार निर्धारित तिथि गुजरने के बावजूद प्रक्रिया शुरू नहीं हुई। बैठक में ऊर्जा नीति के सरलीकरण का मामला भी आएगा। सरकार जलविद्युत परियोजनाओं पर रॉयल्टी प्रावधानों में ढील देने की तैयारी में है।
ऊर्जा क्षेत्र में निवेश बढ़ाने के साथ जंगी थोपन जैसे लटके आधा दर्जन बड़े हाइड्रो प्रोजेक्टों को नए सिरे से शुरू करने का प्रयास है। चीड़ की पत्तियों के दोहन और उनके व्यावसायिक उपयोग को लेकर भी कैबिनेट में नीतिगत प्रस्ताव आ सकता है। स्वास्थ्य, आईपीएच, पशुपालन, लोक निर्माण सहित अन्य कुछ विभागों से रिक्त पदों पर होने वाली भर्तियों के एजेंडा प्रस्ताव तैयार करने को कहा गया है।