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शिमला शहरी में घटे वोटर, कसुम्पटी और ग्रामीण में बड़ा ग्राफ

Wed, 25 Oct 2017 10:14 PM IST
Updated Wed, 25 Oct 2017 10:14 PM IST
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शिमला शहरी में घटे वोटर, कसुम्पटी और ग्रामीण में बड़ा ग्राफ
शिमला। राजधानी के विधानसभा चुनाव क्षेत्र शिमला शहरी में 2017 के चुनाव में मतदाताओं के ग्राफ में कमी आई है। जबकि, कसुम्पटी और शिमला ग्रामीण चुनाव क्षेत्र में मतदाताओं के ग्राफ में बढ़ोतरी हुई है। 2012 के मुकाबले 2017 के चुनाव में शिमला शहरी चुनाव क्षेत्र में 3346 मतदाताओं की संख्या में कटौती हुई है। वहीं, कसुम्पटी और शिमला ग्रामीण विधानसभा चुनाव क्षेत्र में 5309 मतदाता बढ़े हैं। विधानसभा चुनाव क्षेत्र शिमला शहरी में 2012 के विधानसभा चुनाव में 54720 मतदाता थे। इनमें 30154 पुरुष थे, जबकि 24566 महिलाएं मतदाता थीं। 2017 के चुनाव में इस क्षेत्र के 50406 मतदाता हैं। इनमें 26808 पुरुष, जबकि 23598 महिलाएं शामिल हैं। 2012 के मुकाबले 2017 में इस क्षेत्र में 3346 मतदाता कम हुए हैं, जबकि 968 महिला मतदाता कम हुई हैं। हालांकि, विधानसभा चुनाव क्षेत्र कसुम्पटी और शिमला ग्रामीण में 2012 के मुकाबले 2017 के चुनाव में 5309 मतदाता बढ़े हैं। शिमला ग्रामीण में 2017 में 71617 मतदाता हैं। इनमें 36978 पुरुष, जबकि 34639 महिलाएं हैं। वहीं, 2012 के चुनाव में 67670 मतदाता थे। इनमें 34884 पुरुष और 32786 महिला मतदाता थीं। 2012 के मुकाबले 2017 के चुनाव में शिमला ग्रामीण में 3947 मतदाता बढ़े हैं। इसके अलावा कसुम्पटी क्षेत्र में 2017 में 61084 मतदाता हैं। इसमें 32074 पुरुष, जबकि 29010 महिलाएं हैं। वहीं 2012 के चुनाव में 59722 मतदाता थे। इनमें 31610 पुरुष, जबकि 28112 महिलाएं मतदाता थीं। 2012 के मुकाबले 2017 में कसुम्पटी चुनाव क्षेत्र में 1362 मतदाता बढ़े हैं।
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हटाऐ गए डबल मतदाता : उपायुक्त
उपायुक्त शिमला रोहन चंद ठाकुर ने कहा कि 2012 से पहले आधार मतदाता सूची में शामिल नहीं था। 2012 के बाद इलेक्ट्रोल को साफ करने के लिए एनईपीपी अभियान चलाया गया। नेशनल इलेक्ट्रोल प्यूूरिफिकेशन प्रोग्राम (एनईपीपी) के तहत 2013-14 में मतदाता सूची में आधार नंबर की एंट्रियां शुरू की गईं। जब आधार बनने शुरू हुए तो मतदाताओं की सूची से डबल एंट्री और मृत मतदाताओं को हटाया गया। इससे कुछ चुनाव क्षेत्रों में मतदाता प्रतिशतता में कमी हुई है।
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