JICA Project: वन विभाग में जाइका परियोजना में 460 सूक्ष्म योजनाएं धरातल पर पर उतरेंगी
अतिरिक्त प्रधान मुख्य अरण्यपाल एवं मुख्य परियोजना निदेशक नागेश कुमार गुलेरिया ने कहा कि इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य परियोजना क्षेत्रों में सतत वन प्रबंधन द्वारा वन पारिस्थितिकी तंत्र को बहाल करना है।
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शिमला के होटल पीटरहॉफ में आयोजित जाइका वित्त पोषित वानिकी और एनआरएम परियोजनाओं की 12 वीं वार्षिक कार्यशाला के दूसरे दिन देश के विभिन्न स्थानों से आए प्रतिनिधियों ने वन पारिस्थितिकी तंत्र प्रबंधन और आजीविका सुधार पर चर्चा की। अतिरिक्त प्रधान मुख्य अरण्यपाल एवं मुख्य परियोजना निदेशक नागेश कुमार गुलेरिया ने कहा कि इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य परियोजना क्षेत्रों में सतत वन प्रबंधन द्वारा वन पारिस्थितिकी तंत्र को बहाल करना है। इस परियोजना के तहत वित्तीय वर्ष 2023 -2024 के अंत तक 460 सूक्ष्म योजनाएं धरातल पर क्रियान्वित की जाएंगी।
परियोजना के तहत लोगों की आर्थिकी में सुधार के लिए स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से लगभग 24 आय सृजन गतिविधियां चलाई जा रही हैं, जिनमें से कुछ गतिविधियां अन्य विभागों के साथ अभिसरण (कंवर्जेन्स) के माध्यम से चलाई जा रही हैं। कार्यशाला में चर्चा के दौरान प्रशाद राव, आजीविका एवं विकास परियोजना निदेशक, त्रिपुरा ने राज्य में लोगों की आजीविका सुधार के तहत किए जा रहे कार्यों के विषय में बताया। कहा कि राज्य में कृषि वानिकी ,इको टूरिज्म ,वन उत्पाद आधारित गतिविधियों के माध्यम से समुदायों की आर्थिक स्थिति में सुधार के लिए परियोजना के तहत कार्य किए जा रहे हैं। कृषि विश्वविद्यालय पालमपुर के पूर्व कुलपति व आजीविका विशेषज्ञ तेज प्रताप ने चीन के आजीविका सुधार मॉडल पर जानकारी दी। कार्यशाला के दौरान परियोजना उप निदेशक उत्तराखंड वन संसाधन प्रबंधन परियोजना कोकोरोज ने जाइका परियोजना के तहत आजीविका सुधार के विषय में जानकारी दी।