हिमाचल में डेंगू से हाहाकार, 33 मामले आए सामने
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हिमाचल में भी डेंगू तेजी से पांव पसारने लगा है। सोलन जिले में ही 30 पॉजिटिव मामले सामने आए हैं। वहीं हमीरपुर के तीन लोगों में भी डेंगू की पुष्टि हुई है।वीरवार को बीबीएन में 7 नए मामले सामने आए हैं जिसमें से बद्दी में दो व नालागढ़ में 5 डेंगू पॉजिटिव पाए गए हैं। दो की हालत बिगड़ती देख उसे चंडीगढ़ के सेक्टर 32 स्थित अस्पताल में रेफर किया गया है। वहीं परवाणू में करीब 9 मामले डेंगू पॉजिटिव निकले हैं।
इसके अलावा बुधवार तक जिले में 14 डेंगू के पॉजिटिव मामले आए थे। हालांकि सभी को उपचार दे दिया गया है। उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है और कई अपने घरों को भी वापस लौट गए हैं। बीबीएन में तापमान वीरवार को 35 से अधिक डिग्री सेल्सियस के करीब दर्ज किया गया है। यहां पर अब 14 में डेंगू के लक्षण पाए गए है। अब सात अन्य मामले सामने आने से इनकी संख्या 21 हो गई है।
इनका चल रहा इलाज
वार्ड नंबर दो के युवक नीरज के प्लेटलेट्स 80 हजार से अचानक 15 रहने पर उसे चंडीगढ़ रेफर कर दिया गया है। इसके अलावा बस स्टैंड बद्दी की निशा, गुल्लरवाला के महेंद्र, फलां के मनजीत, बसी सलार के दलीप कुमार, वार्ड नंबर दो से आशा, गोगी, वार्ड नंबर एक से शिवम, स्लम एरिया बद्दी के चक्कां पर रहने वाली प्रवासी सुनील।
सराजमाजरा से अमर, वार्ड नंबर एक से रेखा, वार्ड नंबर दो से पिंटू यादव, स्वराज माजरा से राजेश के कार्ड टेस्ट पॉजिटिव आने पर उपचार दिया जा रहा है। इसके अलावा भटोलीकलां से राजकुमारी व शैंकी भी बद्दी के एक निजी चिकित्सालय में भर्ती है।
ऐसे फैलता है डेंगू
डेंगू एडिजएजिप्टआई मादा मच्छर के काटने से फैलता है। यह मच्छर दिन के समय लोगों को काटता है। अन्य मच्छर की अपेक्षा यह बड़ा और धारीदार होता है। मच्छर काटने के बाद शरीर में प्रतिरक्षण क्षमता कम हो जाती है। शरीर में प्लेटलेट्स कम होने से बीमारी तेजी से बढ़ती है। इससे शरीर में पानी की कमी आ जाती है।
बीएमओ डा. कुलदीप जसवाल ने बताया कि डेंगू का कोई सीधा इलाज नहीं है। इसके सिस्टेमेटिक ट्रीटमेंट किया जाता है। अगर रोगी के प्लेटलेट्स कम होते है तो उसे नए चढ़ा दिए जाते हैं। आशा वर्कर व एनजीओ की मदद से लोगों को डेंगू को लेकर जागरूक किया जा रहा है।
लक्षण
- मरीज को तेज बुखार आना
- लगातार सामान्य या तेज सिरदर्द
- रोगी को भूख न लगना
- पूरे शरीर में दर्द होना
- सिर में चक्कर या आंखों में दर्द
उपाय
-अपने घर के आसपास सफाई रखे।
- गमले, कुलर व अन्य खड़े पानी में मिट्टी का तेल डालें।
- घर के कोने व बेड के नीचे सफाई रखें जिससे मच्छर पैदा न हो।
- मच्छरदानियों का प्रयोग करें।
-शरीर को पूरा ढकने वाले वस्त्रों का प्रयोग करें।
- घर के आसपास पानी को एक स्थान पर जमा न होने दें।
संक्रमण का खतरा: एक बैड पर लैटाए जा रहे दो-दो रोगी
बीबीएन में डेंगू के पीड़ितों का ग्राफ बढ़ता जा रहा है, लेकिन यहां सरकारी चिकित्सालय में सुविधा न के बराबर है। बद्दी में हर रोज दर्जनों बुखार के रोगी आ रहे हैं। कई गंभीर बीमारी से भी पीड़ित हैं, लेकिन सीएचसी में तीन बेड है जिसमें एक बेड पर दो-दो रोगियों को लेटाया जा रहा है। इससे संक्रमण का खतरा अधिक बढ़ रहा है। अगर हालत थोड़ी चिंताजनक है तो भी एक रोगी को कुछ समय के लिए एडमिट करने के बाद उसे ग्लूकोज चढ़ाने के बाद घर भेजा जा रहा है।
सीएमओ डा. आरके धरोच ने बताया कि बीबीएन, परवाणू पंजाब से सटा होने से यहां पर गर्मी अन्य स्थानों से अधिक है। इसलिए यहां पर डेंगू के मामले सामने आए हैं, लेकिन उपचार के बाद रोगी ठीक हो रहे है। उन्होंने सभी जिले के चिकित्सालयों को अलर्ट कर दिया गया है। अस्पतालों समेत पीएचसी, सीएचसी और स्वास्थ्य उपकेंद्रों से रोजाना रिपोर्ट ली जा रही है।
हमीरपुर में तीन लोगों को डेंगू, रिपोर्ट पोजिटिव
जिला हमीरपुर के तीन लोगों में डेंगू बुखार के लक्षण पाए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट में तीनों पोजिटिव आए हैं। तीनों मरीजों को स्वास्थ्य विभाग ने अस्पताल में भर्ती कर लिया है। मरीजों का रोजाना चेकअप हो रहा है। तीनों मरीज प्रदेश से बाहर काम करते हैं। एक मरीज चंडीगढ़ जबकि अन्य दो दिल्ली में काम करते हैं।
साफ जाहिर है कि प्रदेश से बाहरी राज्यों में रहने वाले लोग बीमारी की चपेट में हैं। तीनों को बुखार आने के बाद दवाइयां दी गई थीं, लेकिन स्वास्थ्य में सुधार न होने पर तीनों मरीजों के खून की लेबोरेटरी में जांच की गई। जहां से ब्लड रिपोर्ट पोजिटिव मिली है। क्षेत्रीय अस्पताल हमीरपुर के वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ. रमेश चौहान ने तीन मरीजों में डेंगू बुखार की पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि तीनों मरीजों को अस्पताल में भर्ती किया गया है। उनके स्वास्थ्य में धीरे-धीरे सुधार हो रहा है।