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HP News: हिमाचल की 2,57,000 महिलाएं कर रहीं ट्रेडिंग, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज की मार्केट पल्स रिपोर्ट में खुलासा

Sun, 10 May 2026 10:10 AM IST
Ankesh Dogra अनिमेष कौशल, शिमला
अनिमेष कौशल, शिमला Published by: Ankesh Dogra Updated Sun, 10 May 2026 10:10 AM IST
सार

हिमाचल प्रदेश की 2.57 लाख महिलाएं ट्रेडिंग कर रही हैं। ये खुलासा नेशनल स्टॉक एक्सचेंज की 2026 मार्केट पल्स रिपोर्ट में हुआ है। पढ़ें पूरी खबर...

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257000 Women in Himachal Are Engaged in Trading Revealed in National Stock Exchange Market Pulse Report
सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क

विस्तार

कुछ वर्ष पहले तक हिमाचल प्रदेश में निवेश का मतलब फिक्स्ड डिपॉजिट, डाकघर की बचत योजना, सोना या जमीन था। शेयर बाजार को जोखिम भरी दुनिया माना जाता था और आम परिवार खासकर महिलाएं, उससे दूरी बनाकर रखती थीं। अब तस्वीर तेजी से बदल रही है।

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मोबाइल फोन की स्क्रीन पर खुलते ट्रेडिंग ऐप, यूपीआई से जुड़ा बैंक खाता और इंटरनेट की आसान पहुंच ने हिमाचल की महिलाओं को निवेश की नई दुनिया से जोड़ दिया है। अब पहाड़ की बेटियां केवल घर का बजट नहीं संभाल रहीं, बल्कि शेयर बाजार में निवेश कर आर्थिक फैसलों में भी अपनी भूमिका मजबूत कर रही हैं। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज की 2026 मार्केट पल्स रिपोर्ट इसी बदलाव की कहानी कहती है। रिपोर्ट के अनुसार मार्च 2026 तक हिमाचल प्रदेश में 15.63 लाख यूनिक निवेशक दर्ज किए गए हैं। इनमें करीब 2.57 लाख महिलाएं शामिल हैं।
 
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वित्त वर्ष 2025-26 में हिमाचल से 3.07 लाख नए निवेशक जुड़े। जनवरी से मार्च 2026 की अंतिम तिमाही में ही 90,795 नए क्लाइंट अकाउंट खुले। बाजार में उतार-चढ़ाव के बावजूद निवेशकों की संख्या बढ़ना बताता है कि अब लोग शेयर बाजार को केवल सट्टा नहीं, बल्कि लंबी अवधि के निवेश के रूप में देखने लगे हैं। 
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हिमाचल में निवेश की यह नई संस्कृति केवल शिमला या बड़े शहरों तक सीमित नहीं है। मंडी, कांगड़ा, हमीरपुर, ऊना, सोलन और चंबा जैसे जिलों में भी तेजी से डीमैट खाते खुल रहे हैं। पहले शेयर बाजार को कारोबारी परिवारों या बड़े शहरों की चीज माना जाता था, लेकिन अब गांवों की महिलाएं भी एसआईपी, म्यूचुअल फंड और इक्विटी निवेश जैसे शब्द समझने लगी हैं। 

डीमेट खाता खोलने से लेकर केवाईसी, फंड ट्रांसफर और शेयर खरीदने तक का पूरा काम घर बैठे हो रहा है। यही वजह है कि महिलाओं और युवाओं की भागीदारी तेजी से बढ़ी है। एनएसई रिपोर्ट के अनुसार हिमाचल के लगभग 81 प्रतिशत निवेशक पिछले पांच वर्षों में जुड़े हैं।

उत्तर भारत बना सबसे बड़ा निवेशक क्षेत्र
रिपोर्ट के अनुसार मार्च 2026 तक उत्तर भारत देश का सबसे बड़ा निवेशक क्षेत्र बनकर उभरा है। यहां 4.7 करोड़ से अधिक पंजीकृत निवेशक हैं। हिमाचल, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और चंडीगढ़ ने इसमें अहम योगदान दिया है। हालांकि कुल निवेशकों की संख्या के मामले में हिमाचल अभी बड़े राज्यों से पीछे है, लेकिन वृद्धि दर ने बाजार विशेषज्ञों का ध्यान खींचा है।

एसआईपी में योजना निवेश
गृहिणी डिंपल शर्मा, रंजना चौहान हर महीने पांच हजार रुपये व्यवस्थित निवेश योजना (एसआईपी) में निवेश करती हैं। उनका कहना है कि पहले बचत केवल बैंक खाते तक सीमित थी, लेकिन अब वे बच्चों की पढ़ाई और भविष्य के लिए म्यूचुअल फंड में निवेश कर रही हैं। 

कोविड महामारी के बाद आर्थिक सोच में बड़ा बदलाव आया है। नौकरी और आय को लेकर बढ़ी अनिश्चितता ने अतिरिक्त आय और दीर्घकालिक निवेश की ओर सोचने के लिए प्रेरित किया। एचपीयू में एमफिल कर रही छात्रा वंदना ठाकुर ने बताया कि कई छात्राएं भी मोबाइल ऐप से निवेश सीख रही हैं। विविमें अब कॅरिअर और स्टार्टअप चर्चा के साथ निवेश और वित्तीय स्वतंत्रता पर भी बातचीत होने लगी है।
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