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एसटीपी वर्कर्स ने किया एसजेपीएनएल के प्रबंध निदेशक के कार्यालय का घेराव
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अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। एसटीपी कांट्रेक्ट वर्कर्स यूनियन ने जल प्रबंधन निगम लिमिटेड के प्रबंधन निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी के कार्यालय का घेराव किया। यूएस क्लब स्थित कार्यालय में इस दौरान वर्करों ने जमकर नारेबाजी भी की। सीटू के जिला महासचिव विजेंद्र मेहरा ने आरोप लगाया कि कंपनी ने श्रम कानून और मार्च 2017 के समझौते को अभी तक लागू नहीं किया है।
जिला महासचिव ने कहा कि जल प्रबंधन निगम मजदूरों की समस्या को नहीं समझ रहा है, इसलिए जब उन्हें प्रदर्शन की सूचना मिली तो अधिकारी दफ्तर से नदारद हो गए। प्रदर्शन के दौरान जिला सचिव बाबू राम ने बताया कि विभाग से अकुशल, अर्ध कुशल और अति कुशल मजदूरों के सीवरमैन के लिए दस हजार रुपये वेतन को आधार बनाकर सभी मजदूरों का वेतन दस हजार रुपये से ज्यादा करने की मांग की गई। ठेकेदार के बदलने पर मजदूरों की छंटनी बंद करने, अप्रैल 2018 से बढ़े 450 प्रतिमाह के वेतन के बकाया का तुरंत भुगतान करने और मजदूरों के 33 लाख रुपये की बकाया ईपीएफ राशि को तुरंत जमा करने की मांग की। इसके साथ मजदूरों को पहचानपत्र और छुट्टियां की सुविधा देने का आग्रह भी किया।
प्रदर्शन में सीटू जिला महासचिव विजेंद्र मेहरा, जिला सचिव बाबू राम, यूनियन अध्यक्ष दलीप कुमार, महासचिव मदन लाल, धनेश, धर्म सिंह, मनोज, भारत भूषण, राकेश, क्षितिज, रवीश, द्रौपती, रीना, कल्पना, सीमा, केशव, सुरेंद्र, गीता राम, उजागर, पवन, अंकुश, विक्त्रस्म, युगल, हितेश, राजेश, केवल और योगेश नेगी मौजूद रहे।
शिमला। एसटीपी कांट्रेक्ट वर्कर्स यूनियन ने जल प्रबंधन निगम लिमिटेड के प्रबंधन निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी के कार्यालय का घेराव किया। यूएस क्लब स्थित कार्यालय में इस दौरान वर्करों ने जमकर नारेबाजी भी की। सीटू के जिला महासचिव विजेंद्र मेहरा ने आरोप लगाया कि कंपनी ने श्रम कानून और मार्च 2017 के समझौते को अभी तक लागू नहीं किया है।
जिला महासचिव ने कहा कि जल प्रबंधन निगम मजदूरों की समस्या को नहीं समझ रहा है, इसलिए जब उन्हें प्रदर्शन की सूचना मिली तो अधिकारी दफ्तर से नदारद हो गए। प्रदर्शन के दौरान जिला सचिव बाबू राम ने बताया कि विभाग से अकुशल, अर्ध कुशल और अति कुशल मजदूरों के सीवरमैन के लिए दस हजार रुपये वेतन को आधार बनाकर सभी मजदूरों का वेतन दस हजार रुपये से ज्यादा करने की मांग की गई। ठेकेदार के बदलने पर मजदूरों की छंटनी बंद करने, अप्रैल 2018 से बढ़े 450 प्रतिमाह के वेतन के बकाया का तुरंत भुगतान करने और मजदूरों के 33 लाख रुपये की बकाया ईपीएफ राशि को तुरंत जमा करने की मांग की। इसके साथ मजदूरों को पहचानपत्र और छुट्टियां की सुविधा देने का आग्रह भी किया।
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प्रदर्शन में सीटू जिला महासचिव विजेंद्र मेहरा, जिला सचिव बाबू राम, यूनियन अध्यक्ष दलीप कुमार, महासचिव मदन लाल, धनेश, धर्म सिंह, मनोज, भारत भूषण, राकेश, क्षितिज, रवीश, द्रौपती, रीना, कल्पना, सीमा, केशव, सुरेंद्र, गीता राम, उजागर, पवन, अंकुश, विक्त्रस्म, युगल, हितेश, राजेश, केवल और योगेश नेगी मौजूद रहे।
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