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एचआरटीसी नहीं बढ़ाएगा स्कूल बस पास की दरें
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अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। शहर के प्राइवेट स्कूल जहां मनमानी फीस बढ़ोतरी कर अभिभावकों की कमर तोड़ रहे हैं वहीं एचआरटीसी ने इस बार स्कूल बस पास के स्लैब रेट न बढ़ाने का फैसला लेकर अभिभावकों को बड़ी राहत दी है।
बीते साल सितंबर से बनने वाले स्कूल बस पास के स्लैब रेट में एचआरटीसी ने 600 रुपये की बढ़ोतरी कर दी थी। हालांकि अभिभावकों के विरोध के बाद निगम को बढ़ोतरी वापस लेनी पड़ी थी। निगम के इस फैसले से हजारों अभिभावकों को राहत मिली है। एचआरटीसी ने नए शैक्षणिक सत्र से बढ़ी हुई दरों पर बस पास बनाने का फैसला लिया था लेकिन इस बार पुरानी दरों पर ही बस पास बनाए जा रहे हैं। एचआरटीसी हर साल स्कूल टाइम पर करीब 60 बसों का संचालन करता है। सुबह के समय बच्चों को स्कूल पहुंचाने और शाम को वापस छोड़ने के लिए स्कूल बसें चलती हैं। निगम ने किलोमीटर रेंज के अनुसार बस पास के स्लैब तय कर रखे हैं। एचआरटीसी की बसें सुबह 7 से 8:15 बजे के बीच सेवाएं देंगी। दोपहर बाद बसें 2:00 से 3:00 बजे के बीच बच्चों को स्कूल से घर छोड़ेंगी। बस पास दरें पांच किलोमीटर तक एक माह के छह सौ रुपये और तीस किलोमीटर तक के 12 सौ रुपये शुल्क तय कर रखा है।
पिछली दरों पर ही बनाए जा रहे बस पास : नेगी
स्कूल बस पास की दरें बढ़ाने को लेकर सरकार की ओर से कोई निर्देश नहीं मिले हैं। इस सत्र में भी पिछले सत्र में निर्धारित दरों पर ही बस पास बनाए जा रहे हैं।
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- देवासेन नेगी क्षेत्रीय प्रबंधक, एचआरटीसी
ओल्ड बस स्टैंड, संजौली में बन रहे बस पास
कान्वेंट और प्राइवेट स्कूलों के स्कूल बस पास बनाने के लिए ओल्ड बस स्टैंड और संजौली में काउंटर खोले गए हैं। इन काउंटरों पर रोजाना सुबह 10 से शाम 5 बजे तक पास बनाए जा रहे हैं। 15 मार्च तक पास काउंटर रविवार और छुट्टियों के दिन भी खुले रहेंगे।
इस बार नहीं चलेंगी अतिरिक्त बसें
एचआरटीसी इस शैक्षणिक सत्र में बतौर स्कूल बस अतिरिक्त बसों का संचालन नहीं करेगा। निगम के पास बसों की सीमित संख्या हैं। ऐसे में कोई रूट प्रभावित न हो इसलिए निगम अतिरिक्त बसें नहीं चलाएगा। बीते साल एचआरटीसी ने शिमला लोकल के अलावा तारादेवी और शिमला ग्रामीण डिपो की बसें भी बतौर स्कूल बस संचालित की थीं।
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शिमला। शहर के प्राइवेट स्कूल जहां मनमानी फीस बढ़ोतरी कर अभिभावकों की कमर तोड़ रहे हैं वहीं एचआरटीसी ने इस बार स्कूल बस पास के स्लैब रेट न बढ़ाने का फैसला लेकर अभिभावकों को बड़ी राहत दी है।
बीते साल सितंबर से बनने वाले स्कूल बस पास के स्लैब रेट में एचआरटीसी ने 600 रुपये की बढ़ोतरी कर दी थी। हालांकि अभिभावकों के विरोध के बाद निगम को बढ़ोतरी वापस लेनी पड़ी थी। निगम के इस फैसले से हजारों अभिभावकों को राहत मिली है। एचआरटीसी ने नए शैक्षणिक सत्र से बढ़ी हुई दरों पर बस पास बनाने का फैसला लिया था लेकिन इस बार पुरानी दरों पर ही बस पास बनाए जा रहे हैं। एचआरटीसी हर साल स्कूल टाइम पर करीब 60 बसों का संचालन करता है। सुबह के समय बच्चों को स्कूल पहुंचाने और शाम को वापस छोड़ने के लिए स्कूल बसें चलती हैं। निगम ने किलोमीटर रेंज के अनुसार बस पास के स्लैब तय कर रखे हैं। एचआरटीसी की बसें सुबह 7 से 8:15 बजे के बीच सेवाएं देंगी। दोपहर बाद बसें 2:00 से 3:00 बजे के बीच बच्चों को स्कूल से घर छोड़ेंगी। बस पास दरें पांच किलोमीटर तक एक माह के छह सौ रुपये और तीस किलोमीटर तक के 12 सौ रुपये शुल्क तय कर रखा है।
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पिछली दरों पर ही बनाए जा रहे बस पास : नेगी
स्कूल बस पास की दरें बढ़ाने को लेकर सरकार की ओर से कोई निर्देश नहीं मिले हैं। इस सत्र में भी पिछले सत्र में निर्धारित दरों पर ही बस पास बनाए जा रहे हैं।
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- देवासेन नेगी क्षेत्रीय प्रबंधक, एचआरटीसी
ओल्ड बस स्टैंड, संजौली में बन रहे बस पास
कान्वेंट और प्राइवेट स्कूलों के स्कूल बस पास बनाने के लिए ओल्ड बस स्टैंड और संजौली में काउंटर खोले गए हैं। इन काउंटरों पर रोजाना सुबह 10 से शाम 5 बजे तक पास बनाए जा रहे हैं। 15 मार्च तक पास काउंटर रविवार और छुट्टियों के दिन भी खुले रहेंगे।
इस बार नहीं चलेंगी अतिरिक्त बसें
एचआरटीसी इस शैक्षणिक सत्र में बतौर स्कूल बस अतिरिक्त बसों का संचालन नहीं करेगा। निगम के पास बसों की सीमित संख्या हैं। ऐसे में कोई रूट प्रभावित न हो इसलिए निगम अतिरिक्त बसें नहीं चलाएगा। बीते साल एचआरटीसी ने शिमला लोकल के अलावा तारादेवी और शिमला ग्रामीण डिपो की बसें भी बतौर स्कूल बस संचालित की थीं।