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1800 एसएमसी शिक्षकों को झटका, सेवा विस्तार समाप्त
Thu, 03 Jan 2019 01:05 PM IST
अरविन्द ठाकुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Thu, 03 Jan 2019 01:05 PM IST
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स्कूल मैनेजमेंट कमेटी (एसएमसी) के तहत प्रदेश के शीतकालीन स्कूलों में नियुक्त 1800 शिक्षकों का सेवा विस्तार समाप्त हो गया है। इन शिक्षकों से 31 दिसंबर तक सेवाएं देने का सरकार से करार हुआ था। नए शैक्षणिक सत्र के लिए सेवा विस्तार न मिलने से शिक्षकों को भविष्य का खतरा सता रहा है।
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एसएमसी शिक्षक बीते सात सालों से नीति बनाने की मांग कर रहे हैं। एसएमसी पीरियड बेसिस संघ के कार्यकारी अध्यक्ष मनोज रौंगटा ने बताया कि 1800 शिक्षकों में 1000 सीएंडवी, 600 टीजीटी और 200 जेबीटी का सेवा विस्तार समाप्त हो गया है।
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उन्होंने बताया कि साल 2012 में भाजपा सरकार ने 257 अध्यापकों की नियुक्ति एसएमसी से की थी। उसके बाद कांग्रेस के कार्यकाल में 2400 एसएमसी अध्यापक तैनात किए गए। सभी अध्यापक टेट की योग्यता के साथ आरटीई की योग्यता को पूर्ण करते हैं।
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एसएमसी अध्यापक सात सालों से बिना अवकाश के प्रदेश के दुर्गम क्षेत्रों में सेवाएं दे रहे हैं। एसएमसी अध्यापकों पर सुप्रीम कोर्ट में कोई भी मामला विचाराधीन न होने के चलते सरकार नीति बना सकती है।
रौंगटा ने कहा कि जब सरकार उर्दू और पंजाबी, तकनीकी संस्थान में कार्यरत पीरियड बेसिस अध्यापकों को अनुबंध नीति में ला सकती है तो एसएमसी अध्यापकों के साथ भेदभाव क्यों किया जा रहा है। संघ ने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर और शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज से एसएमसी अध्यापकों के लिए जल्द नीति बनाने की मांग की है।