हिमाचल में सर्दी की दस्तक: पहाड़ों पर बर्फ की सफेद चादर, शिमला में चमकी धूप, 10 डिग्री गिरा पारा; जानें अपडेट
हिमाचल प्रदेश में सितंबर के आखिरी दिनों में मौसम ने अचानक करवट ली है। किन्नौर, लाहौल-स्पीति और कुल्लू के ऊंचे इलाकों में बर्फबारी ने ठंड बढ़ा दी है, जबकि कई हिस्सों में बारिश हुई। मौसम विभाग के अनुसार 29 सितंबर तक कुछ इलाकों में बारिश और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हल्की बर्फबारी की संभावना बनी हुई है। इसके बाद 30 सितंबर से प्रदेश में मौसम मुख्यतः साफ रहने का पूर्वानुमान है। पढ़ें पूरी खबर...
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सितंबर विदा होने की तैयारी में है, लेकिन हिमाचल के पहाड़ों ने जाते-जाते मौसम का ऐसा रंग दिखाया है कि कई इलाकों में लोगों को अक्टूबर-नवंबर की ठंड का एहसास होने लगा है। ऊंची चोटियों पर बर्फ की सफेद चादर, निचले इलाकों में बारिश और ठंडी हवाओं ने प्रदेश का मौसम अचानक बदल दिया है। किन्नौर, लाहौल-स्पीति और कुल्लू के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी से तापमान में गिरावट आई है, जबकि शिमला समेत कई इलाकों में बारिश ने ठिठुरन बढ़ा दी है। वहीं, मंगलवार को राजधानी शिमला में धूप से पहाड़ चांदी से चमक रहे हैं। बारिश-बर्फबारी के चलते प्रदेश में दिन का तापमान सामान्य से 10 डिग्री तक गिर गया है। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में रात के तापमान में भी भारी गिरावट दर्ज की है। रविवार रात को कल्पा में 18 साल बाद सितंबर में सबसे कम न्यूनतम तापमान दर्ज हुआ। 24 सितंबर 2008 को कल्पा में रात का पारा 3.0 डिग्री दर्ज हुआ था। अब यह 4.4 डिग्री रिकॉर्ड किया गया है।
आज प्रदेश के कुछ हिस्सों में बादल और हल्की बारिश का दौर देखने को मिल सकता है। किन्नौर और लाहौल-स्पीति के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी की संभावना बनी हुई है। मौसम की इस करवट का असर तापमान पर भी पड़ा है। पिछले दिनों प्रदेश के कई हिस्सों में दिन का तापमान सामान्य से नीचे रहा। मौसम विभाग के अनुसार हालिया मौसम गतिविधि के दौरान अधिकतम तापमान में सामान्य के मुकाबले लगभग 2 से 4 डिग्री तक कमी दर्ज की गई।
अगर आप बारिश और ठंड से परेशान हैं तो राहत की खबर है। 30 सितंबर से हिमाचल में मौसम साफ होने की संभावना है। इसके बाद 4 अक्तूबर तक ज्यादातर हिस्सों में मौसम शुष्क रहने का पूर्वानुमान है। यानी सितंबर के आखिरी दिनों में बदला मौसम अक्टूबर की शुरुआत के साथ फिर सामान्य होने की ओर बढ़ सकता है। शिमला के लिए भी उपलब्ध पूर्वानुमान 29 सितंबर के बाद अगले दिनों में अपेक्षाकृत साफ मौसम की ओर इशारा कर रहा है।
सितंबर के आखिरी दिनों में हुई बारिश और बर्फबारी ने उन बागवानों की चिंता बढ़ा दी है जो सेब की फसल समेटने में जुटे हैं। ऊपरी हिमाचल में मौसम खराब होने से सेब तुड़ान और परिवहन की रफ्तार प्रभावित हो सकती है।
कुछ दिन पहले तक हिमाचल में गर्मी का असर महसूस हो रहा था, लेकिन मौसम बदलते ही ऊंचाई वाले क्षेत्रों में तापमान तेजी से नीचे आया। 28 सितंबर के आंकड़ों में कल्पा में न्यूनतम तापमान 3.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था, जो प्रदेश में सबसे कम रहा। यही वजह है कि सितंबर के अंत में ही ऊंचे पहाड़ों में सुबह और रात के समय सर्दी का असर काफी बढ़ गया है।
इस बार पूरे मानसून सीजन में हिमाचल में सामान्य से कम बारिश दर्ज हुई है। इसके बावजूद सितंबर के आखिरी दिनों में मौसम की गतिविधि ने पहाड़ी क्षेत्रों का मिजाज बदल दिया है। यही मौसम का विरोधाभास है पूरे सीजन में बारिश सामान्य से कम रही, लेकिन सीजन के अंतिम दौर में कुछ दिनों की बारिश और ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी ने ठंड का अहसास अचानक बढ़ा दिया।
29 सितंबर: कुछ हिस्सों में बारिश, ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हल्की बर्फबारी की संभावना।
30 सितंबर: मौसम में सुधार, ज्यादातर हिस्सों में मौसम साफ रहने की संभावना।
1 से 4 अक्तूबर: मुख्यतः साफ और शुष्क मौसम का पूर्वानुमान।