केंद्र की मंजूरी के बिना खर्च कर दिए 18.82 करोड़ रुपये
हिमाचल प्रदेश बागवानी तकनीकी मिशन (एचटीएम) को मिले 25.98 करोड़ की योजना का पूरा लाभ बागवानों को नहीं मिल पाया। इससे 18.82 करोड़ की राशि केंद्र सरकार की मंजूरी लिए बिना गलत तरीके से खर्च किए गए, जबकि बागवानी विभाग ने बैंक में 25.98 करोड़ जमाकर रखे।
इस गंभीर मामले में महालेखाकार कार्यालय ने ऑडिट कर आपत्ति जताई है। केंद्र सरकार ने हिमाचल में बागवानी विकास के लिए 25.98 करोड़ की राशि जारी की थी। इसका उपयोग प्रदेश में बागवानी विकास के लिए उपयोग किया जाना था।
इसमें विभाग ने 18.82 करोड़ केंद्र सरकार की स्वीकृति के बिना गलत तरीके से व्यय कर डाली, जबकि यह राशि खर्च करने से पहले केंद्र से स्वीकृति लेना अनिवार्य था।
इसके अलावा आज तक 17.16 लाख की राशि बागवानी विभाग ने बैंक में जमा करके रखी, जबकि ऐसा नहीं किया जा सकता है। अगर योजना की राशि बागवानी विभाग खर्च नहीं कर पाया था तो इसे केंद्र सरकार को वापस किया जाना था।
विभाग के सीए की पकड़ में भी क्यों नहीं आया मामला
महालेखाकार कार्यालय ने इस पर भी आपत्ति जताई है कि योजना की 18.82 करोड़ की जो राशि विभाग ने खर्च की है, उसके संबंध में अभी तक केंद्र सरकार को राशि का उपयोगिता प्रमाण पत्र नहीं दिया गया है।
इस संबंध में बागवानी विभाग से सात दिन में जवाब मांगा गया है। बागवानी विभाग के सूत्रों के अनुसार हर साल सीए की सेवाएं विभाग हर साल लेता रहा है। हैरानी की बात यह है कि इसके बाद भी यह गंभीर मामला सीए की नजर से कैसे बचता रहा।
क्या कहते हैं बागवानी मंत्री
राज्य के बागवानी मंत्री महेंद्र सिंह ने कहा कि यह गंभीर मामला है। इस मामले की छानबीन करके दोषी अफसरों पर सरकार कार्रवाई करेगी।