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अब घर बैठकर जमा करवाएं बिल- टैक्स
Updated Sun, 21 Jan 2018 09:55 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। शहरवासियों को अब पानी के बिल और प्रॉपर्टी टैक्स जमा करवाने के लिए नगर निगम कार्यालय के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। घर बैठे ही लोग अपने मोबाइल फोन से इनका भुगतान कर सकेंगे।
नगर निगम प्रशासन फरवरी से नौ तरह की सेवाएं ऑनलाइन करने जा रहा है। साथ ही इन सेवाओं से जुड़ा मोबाइल ऐप भी लांच करने की तैयारी चल रही है। शहरवासियों को न सिर्फ बिल काउंटर पर लाइनों में लगने से छुटकारा मिलेगा बल्कि पानी और सीवरेज के नए कनेक्शन के लिए बार-बार निगम कार्यालय के चक्कर भी नहीं काटने पड़ेंगे। ऑनलाइन आवेदन के बाद लोग इसका स्टेटस भी देख सकेंगे। ई-गवर्नेंस प्रोजेक्ट के तहत नगर निगम ने इन सेवाओं को ऑनलाइन करने के लिए आईटी विभाग को सॉफ्टवेयर तैयार करने जिम्मा सौंपा था। अब यह सॉफ्टवेयर तैयार हो गया है। इसका ट्रायल चल रहा है। निगम प्रशासन का दावा है कि फरवरी से इसे चालू कर दिया जाएगा। यदि यह प्रयोग सफल रहता है तो निगम 12 अन्य तरह की सेवाएं भी जल्द ऑनलाइन कर देगा। नगर निगम के संयुक्त आयुक्त का अतिरिक्त कार्यभार देख रहे प्रशांत सरकैक ने बताया कि सॉफ्टवेयर तैयार है। जल्द ही लोगों को इसकी सुविधा मिलने लगेगी।
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ये सेवाएं होंगी ऑनलाइन
शहरवासी अब पानी बिल और प्रॉपर्टी टैक्स ऑनलाइन जमा करवा सकेंगे। इसके अलावा पानी और सीवरेज के नए कनेक्शन के लिए ऑनलाइन आवेदन की भी सुविधा मिलेगी। व्यावसायिक को घरेलू कनेक्शन में बदलने, बिजली की एनओसी देने, नॉन पीएफए लाइसेंस, निगम एरिया में कैनोपी लगाने के लिए भी अब ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। साथ ही खतरनाक पेड़ों को हटाने और डंपिंग संबंधी अनुमति भी ऑनलाइन ले पाएंगे। प्ले स्टोर से लोग मोबाइल ऐप डाउनलोड कर अपने स्मार्टफोन से इन सेवाओं का फायदा उठा सकेंगे। नगर निगम अपनी वेबसाइट को भी अपडेट करने की तैयारी कर रहा है।
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पहले चलाई सुविधा बन रही थी परेशानी
इससे पहले भी नगर निगम ने पानी बिल और प्रॉपर्टी टैक्स जमा करवाने के लिए शहरवासियों को ऑनलाइन भुगतान की सुविधा दी थी। जून 2015 में तत्कालीन सीएम वीरभद्र सिंह ने इसका शुभारंभ किया था। लेकिन जल्द ही यह सेवा सही सॉफ्टवेयर न होने से परेशानी का सबब बन गई। पानी बिल के भुगतान में कई लोगों ने पैसे तो जमा करवाए, लेकिन रसीद नहीं मिली। वहीं, अगले बिल में पिछला बकाया भी आ गया।
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शिमला। शहरवासियों को अब पानी के बिल और प्रॉपर्टी टैक्स जमा करवाने के लिए नगर निगम कार्यालय के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। घर बैठे ही लोग अपने मोबाइल फोन से इनका भुगतान कर सकेंगे।
नगर निगम प्रशासन फरवरी से नौ तरह की सेवाएं ऑनलाइन करने जा रहा है। साथ ही इन सेवाओं से जुड़ा मोबाइल ऐप भी लांच करने की तैयारी चल रही है। शहरवासियों को न सिर्फ बिल काउंटर पर लाइनों में लगने से छुटकारा मिलेगा बल्कि पानी और सीवरेज के नए कनेक्शन के लिए बार-बार निगम कार्यालय के चक्कर भी नहीं काटने पड़ेंगे। ऑनलाइन आवेदन के बाद लोग इसका स्टेटस भी देख सकेंगे। ई-गवर्नेंस प्रोजेक्ट के तहत नगर निगम ने इन सेवाओं को ऑनलाइन करने के लिए आईटी विभाग को सॉफ्टवेयर तैयार करने जिम्मा सौंपा था। अब यह सॉफ्टवेयर तैयार हो गया है। इसका ट्रायल चल रहा है। निगम प्रशासन का दावा है कि फरवरी से इसे चालू कर दिया जाएगा। यदि यह प्रयोग सफल रहता है तो निगम 12 अन्य तरह की सेवाएं भी जल्द ऑनलाइन कर देगा। नगर निगम के संयुक्त आयुक्त का अतिरिक्त कार्यभार देख रहे प्रशांत सरकैक ने बताया कि सॉफ्टवेयर तैयार है। जल्द ही लोगों को इसकी सुविधा मिलने लगेगी।
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ये सेवाएं होंगी ऑनलाइन
शहरवासी अब पानी बिल और प्रॉपर्टी टैक्स ऑनलाइन जमा करवा सकेंगे। इसके अलावा पानी और सीवरेज के नए कनेक्शन के लिए ऑनलाइन आवेदन की भी सुविधा मिलेगी। व्यावसायिक को घरेलू कनेक्शन में बदलने, बिजली की एनओसी देने, नॉन पीएफए लाइसेंस, निगम एरिया में कैनोपी लगाने के लिए भी अब ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। साथ ही खतरनाक पेड़ों को हटाने और डंपिंग संबंधी अनुमति भी ऑनलाइन ले पाएंगे। प्ले स्टोर से लोग मोबाइल ऐप डाउनलोड कर अपने स्मार्टफोन से इन सेवाओं का फायदा उठा सकेंगे। नगर निगम अपनी वेबसाइट को भी अपडेट करने की तैयारी कर रहा है।
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पहले चलाई सुविधा बन रही थी परेशानी
इससे पहले भी नगर निगम ने पानी बिल और प्रॉपर्टी टैक्स जमा करवाने के लिए शहरवासियों को ऑनलाइन भुगतान की सुविधा दी थी। जून 2015 में तत्कालीन सीएम वीरभद्र सिंह ने इसका शुभारंभ किया था। लेकिन जल्द ही यह सेवा सही सॉफ्टवेयर न होने से परेशानी का सबब बन गई। पानी बिल के भुगतान में कई लोगों ने पैसे तो जमा करवाए, लेकिन रसीद नहीं मिली। वहीं, अगले बिल में पिछला बकाया भी आ गया।
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