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कसौली में बैंक लूट के दोषी को 10 साल जेल की सजा, 25 हजार रुपये जुर्माना

Mon, 26 Aug 2019 08:16 PM IST
Krishan Singh न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सोलन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सोलन Published by: Krishan Singh Updated Mon, 26 Aug 2019 08:16 PM IST
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10 years imprisonment to Bank robbery convict in Kasauli and fined 25 thousand rupees
सांकेतिक तस्वीर

कसौली में करीब 34 साल पहले हुई बैंक डकैती के मामले में सत्र न्यायाधीश सोलन भूपेश शर्मा की अदालत ने दोषी को 10 साल कैद और 25 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है।

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अभियुक्त खैराती लाल पुत्र सोहन लाल निवासी गांव मालगजाड़ा, थाना गुरुहरश्या, जिला फिरोजपुर (पंजाब) को मामले में दोषी करार दिया गया था। जुर्माना अदा न करने की सूरत में अभियुक्त को छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
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वारदात के समय दोषी पंजाब पुलिस में कांस्टेबल पद पर था। लूट में साथ देने वाला दोषी का भाई अभी भी भगोड़ा है। अभियुक्त खैराती लाल पर भारतीय दंड संहिता की धारा 397, 398 व 25 आर्म्स एक्ट के तहत 28 जनवरी 1985 को मामला दर्ज किया गया था।

28 जनवरी 1985 को कसौली थाना में एक एफआईआर दर्ज की गई थी। इसमें बैंक ऑफ बड़ौदा के मुख्य कैशियर अनंत राम ठाकुर ने पुलिस को बताया कि दोपहर बाद करीब साढ़े तीन बजे खैराती लाल व उसका भाई विलायती लाल हथियार लेकर बैंक पहुंचे।

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उन्होंने बैंक में दाखिल होने से पूर्व टेलीफोन का तार काट दिया। दोनों ने अपने हाथों में हथियार ले रखे थे और पहचान छिपाने को मुंह पर मफलर बांध रखा था। दोनों भाईयों ने मिलकर हथियार की नोक पर बैंक कैशियर से एक लाख 21 हजार 413 रुपये लूट लिए।


इस लूट के दौरान स्थानीय पुलिस ने परिवहन निगम के चालक कर्म चंद की सहायता से दोनों को मौके पर काबू कर लिया। मामले की छानबीन के बाद मामले को 19 जुलाई 1985 को कोर्ट में पेश किया गया।

इसके बाद दोनों भाईयों खैराती व विलायती लाल पर क्रिमिनल केस दायर हुआ। लेकिन 1990 के बाद दोनों अभियुक्त कोर्ट के समक्ष पेश नहीं हुए। जिन्हें 10 दिसंबर 1990 को भगोड़ा घोषित कर दिया गया।

29 सालों बाद 22 मई 2019 को अभियुक्त खैराती लाल को दोबारा कोर्ट में पेश किया गया। जहां चले ट्रायल के बाद सोमवार को कोर्ट ने अभियुक्त को सजा सुनाई। इस केस की पैरवी लोकाधिवक्ता सुभाष शर्मा व जिला न्यायवादी संजय चौहान ने की।

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