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एक दिन में 41 रुपये में कैसे गुजारा करे परिवार, हाईकोर्ट ने उठाए सवाल

Mon, 26 Aug 2019 11:17 AM IST
Krishan Singh न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला Published by: Krishan Singh Updated Mon, 26 Aug 2019 11:17 AM IST
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हिमाचल में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाओं के पद भरने के लिए राज्य सरकार की नीति पर हाईकोर्ट ने कड़ी टिप्पणी की है। न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान ने हिमाचल के मुख्य सचिव को आदेश दिए हैं कि वह सभी संबंधित अधिकारियों से बैठक करें और नई नीति बनाने के लिए संभावनाएं तलाशें, जो व्यावहारिक और तर्कपूर्ण हो। 

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प्रदेश सरकार की नीति में रखे प्रावधानों पर हाईकोर्ट ने कहा कि सरकार ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और हेल्पर के लिए वार्षिक आय पंद्रह हजार रुपये रखी है जो प्रतिदिन के हिसाब से मात्र 41 रुपये बैठती है। अदालत ने आश्चर्य जताते हुए कहा कि अधिकारी कैसे इस नतीजे पर पहुंच गए कि एक परिवार एक दिन में मात्र 41 रुपये में गुजारा कर सकता है। नीति में अपील के प्रावधान पर भी अदालत ने प्रतिकूल टिप्पणी की है।
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नीति के तहत आंगनबाड़ी कार्यकर्ता या हेल्पर की नियुक्ति को चुनौती सिर्फ पंद्रह दिनों के भीतर ही दी जा सकती है। यही नहीं, अपील निपटाने के लिए भी पंद्रह दिन ही दिए गए हैं जो व्यावहारिक और तर्कपूर्ण नहीं है। अदालत ने आदेशों में स्पष्ट किया कि हिमाचल प्रदेश की भौगोलिक स्थिति और प्रार्थियों की वित्तीय स्थिति के नजरिये से अपील दायर करने के लिए उचित समय नहीं दिया गया है। इससे प्रार्थियों का अपील दायर करने का अधिकार लगभग समाप्त कर दिया है। 

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एक छत के नीचे दो दफ्तरों में पत्राचार भी डाक से  

न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान ने हिमाचल सरकार के उन कर्मचारियों और अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी कड़ी प्रतिकूूल टिप्पणी की है, जो एक ही छत के नीचे स्थापित है और उसी भवन में स्थापित दूसरे दफ्तर के लिए डाक के माध्यम से पत्राचार करते हैं जिसे कि सेवादार के जरिये और ईमेल या अन्य माध्यम से भेजा जा सकता है। इससे समय और सरकारी खजाने दोनों की ही बचत होगी।

न्यायाधीश ने उक्त आदेश प्रार्थी संगीता की ओर से दायर याचिका को स्वीकार करते हुए पारित किए। एडीएम ने प्रार्थी की याचिका को यह कहकर खारिज कर दिया था कि प्रार्थी ने अपील पंद्रह दिनों के भीतर दायर नहीं की। हालांकि प्रार्थी ने दलील दी थी की चूंकि अपील दायर करने के लिए कम समय का प्रावधान रखा है फिर भी उसने समय रहते अपील दायर कर दी थी। 

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