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साप्ताहिक राशिफल (26 जुलाई से 01 अगस्त): इस हफ्ते क्या कहते हैं आपके सितारे, किसको मिलेगा भाग्य का साथ
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उदयपुर: पुलिस के पहरे में निकली कांस्टेबल की बारात, जानें किसके डर से दूल्हे ने मांगी थी सुरक्षा

आजादी के 74 साल भी बाद भी गांवों में जातिवाद और ऊंच-नीच वाली भावना लोगों पर हावी है। राजस्थान के उदयपुर के गांव से ऐसा ही एक मामला सामने आया है। यहां दलित दूल्हे को डर था कि गांव के दबंग लोग उसे घोड़ी से उतार देंगे। खुद कांस्टेबल होने के बावजूद उसने पुलिस से सुरक्षा मांगी। बाद पुलिस सुरक्षा में बारात निकाली गई और शादी की शादी की रस्मों को अदा किया। 

राजस्थान में उदयपुर के राव मादड़ा में मंगलवार को एक कांस्टेबल कमलेश मेघवाल की पुलिस बल की मौजूदगी में शादी हुई। कांस्टेबल कमलेश मेघवाल को घोड़ी पर जाने पर विवाद होने की आशंका थी। शादी से पहले ही दूल्हे कमलेश ने पुलिस से शादी में सुरक्षा की गुहार की थी। इस पर शादी के दौरान डिप्टी एसपी, नायब तहसीलदार सहित दो थानों की फोर्स को तैनात किया गया। पुलिस सुरक्षा में बारात निकाली गई और शादी की सारी रस्में की गईं।

भाई ने कहा- घोड़ी से उतारने का डर था इसलिए मांगी सुरक्षा
दूल्हे के भाई दुर्गेश ने बताया कि गांव में दलित समाज के लोगों को घोड़ी पर बैठ बिंदोली नहीं निकालने दी जाती है। इससे पहले भी गांव में कई बार ऐसी घटनाएं हो चुकी हैं, जब दलित दूल्हे को बिंदौली के वक्त घोड़ी से उतार दिया गया। इसकी वजह से शादी से पहले ही पुलिस और प्रशासन से मदद मांगी गई थी। प्रशासन की देखरेख में शादी की रस्मों को पूरा कर लिया गया है। वहीं राव मादड़ा के उप सरपंच योगेंद्र सिंह राव ने कहा कि गांव में इससे पहले ऐसी कोई घटना नहीं हुई। उसने सिर्फ पुलिसिया रौब झाड़ने के लिए ऐसा किया।
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बेकाबू कोरोना: राजस्थान में ऑक्सीजन की मांग पांच गुना तक बढ़ी, हर रोज 31,425 सिलेंडर की खपत

राजस्थान में कोरोना वायरस संक्रमितों की बढ़ती संख्या के बीच मेडिकल ऑक्सीजन की मांग बीते तीन महीने में लगभग पांच गुना बढ़कर 31,425 सिलेंडर प्रतिदिन हो गई है। राज्य के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. रघु शर्मा ने इस बारे में जानकारी दी। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. रघु शर्मा ने बताया कि राज्य सरकार ऑक्सीजन की बढ़ती मांग को पूरा करने की भरसक कोशिश कर रही है। इसके तहत अलवर में 1,000 ऑक्सीजन सिलेंडर की क्षमता का नया संयंत्र लगाया गया है, जबकि राजसमंद में 1,200 सिलेंडर प्रतिदिन क्षमता का संयंत्र अगले सप्ताह शुरू होने की संभावना है।

स्वास्थ्य मंत्री डॉ. शर्मा ने बताया कि राज्य में तीन महीने पहले ऑक्सीजन की खपत लगभग 6,500 सिलेंडर प्रतिदिन थी, जो फिलहाल बढ़कर 31,425 सिलेंडर प्रतिदिन हो गई है। उन्होंने कहा कि राज्य में कोरोना वायरस के मरीजों की संख्या में हो रही निरन्तर वृद्धि के कारण आपातकालीन चिकित्सकीय ऑक्सीजन सिलेंडर की मांग लगातार बढ़ रही है। बढ़ती मांग को पूरा करने का भरसक प्रयास किया जा रहा है। चिकित्सा सचिव सिद्धार्थ महाजन ने बताया कि ऑक्सीजन के प्रबन्ध के लिए राज्य सरकार ने युद्ध स्तर पर प्रयास किए हैं। आपात स्थिति को देखते हुए जामनगर (गुजरात) से ऑक्सीजन टैंकरों की वायु मार्ग से आपूर्ति की गई है। साथ ही अलवर जिले में 1,000 सिलेंडर प्रतिदिन उत्पादन क्षमता का नया संयंत्र लगाया गया है।

1,200 सिलेंडर प्रतिदिन क्षमता का प्लांट शुरू
महाजन ने बताया कि अगले सप्ताह तक 1,200 सिलेंडर प्रतिदिन क्षमता का संयंत्र दरीबा (राजसमंद) में हिन्दुस्तान जिंक लिमिटेड द्वारा प्रारम्भ किया जा रहा है। इसके अलावा 500 सिलेंडर का उत्पादन शीघ्र ही शुरू हो रहा है। उन्होंने कहा कि समय पर ऑक्सीजन आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए ऑक्सीजन टैंकर में जीपीएस सिस्टम लगाये गये हैं और वाहनों की निगरानी राज्य नियंत्रण कक्ष से की जा रही है।
महाजन ने बताया कि ऑक्सीजन की औद्योगिक प्रयोजन से आपूर्ति पूर्णतः बंद करते हुए समस्त आपूर्ति को चिकित्सा उद्देश्य से सुनिश्चित किया गया है।
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इंतजाम: ऑक्सीजन-बेड नहीं मिल रहे, लेकिन राजस्थान सरकार कराएगी मुफ्त अंतिम संस्कार

कोरोना काल में राज्य सरकार मरीजों को ऑक्सीजन, बेड या दवा तो मुहैया नहींं करा पा रही है, लेकिन शवों का अंतिम संस्कार करने के लिए अलग से व्यवस्था जरूर बना दी है। राजस्थान सरकार ने पूरे प्रदेश में एक नया फरमान जारी किया है कि कोरोना संक्रमितों के अंतिम संस्कार का खर्च राज्य सरकार उठाएगी। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या सरकार जो फंड अंतिम संस्कार के लिए जारी कर रही है, उससे तो मरीजों की जान बचाई जा सकती है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि अंतिम संस्कार के लिए सरकार पूरा खर्च उठाएगी। साथ ही शव को अस्पताल से श्मशान-कब्रिस्तान ले जाने के लिए मुफ्त एंबुलेंस या वाहन की सुविधा भी देगी। सीएम गहलोत ने व्यवस्था तुरंत प्रभाव से लागू करने के भी निर्देश दिए हैं। 

मुफ्त वाहन उपलब्ध कराने के निर्देश
दरअसल, जोधपुर उत्तर नगर निगम की ओर से यह व्यवस्था लागू की गई । जिसे देखते हुए मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सभी कलेक्टरों, शहरी निकायों और अस्पतालों को निर्देश जारी किए हैं। शवों का अस्पताल या घर से श्मशान, कब्रिस्तान तक सम्मानपूर्वक परिवहन सुनिश्चित किया जाए। अस्पताल से पार्थिव देह ले जाने के लिए एंबुलेंस नहीं मिले तो ऐसी हालत में जिला परिवहन अधिकारी वाहनों का अधिग्रहण करवाकर व्यवस्था करने में सहयोग करे।   मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि पूरे प्रदेश में इस व्यवस्था के बारे में प्रचार प्रसार करने के लिए शहरी निकायों के कंट्रोल रूम को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
कंट्रोल रूम से मिलेगी एंबुलेंस
कंट्रोल रूम को इसके लिए टोल फ्री नंबर भी जारी करने को कहा गया है। पार्थिव देह को निशुल्क ले जाने के लिए वाहन या एंबुलेंस की व्यवस्था शहरी निकाय के कंट्रोल रूम के अधीन रहेगी। कंट्रोल रूम में एंबुलेंस के लिए कॉल आने पर उसका पूरा ब्योरा दर्ज कर किया जाएगा। बता दें कि राजस्थान में कोरोना की रफ्तार तेज है। शनिवार को यहां पर कोरोना से 70 से ज्यादा लोगों की मौत हुई है। जबकि करीब 6 हजार नए मामले सामने आए हैं। सरकार की ओर से दावा किया जा रहा है कि जल्द ही इसे काबू कर लिया जाएगा। 
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राजस्थान: बीकानेर में 24 घंटे में दो बार महसूस किए गए भूकंप के झटके, रिक्टर स्केल पर तीव्रता रही 4.8

राजस्थान के बीकानेर जिले में गुरुवार सुबह फिर से भूकंप के झटके महसूस किए गए। भूकंप की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 4.8 मापी गई।  अभी जान-माल के किसी नुकसान की सूचना नहीं है। सुबह 7 बजकर 42 मिनट पर भूकंप के झटके महसूस किए गए। इससे पहले 21 जुलाई (बुधवार) को भी भूकंप के झटके महसूस किए गए थे। 

मौसम केंद्र जयपुर के अनुसार, बुधवार तड़के पांच बजकर 24 मिनट पर आए भूकंप की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 5.3 मापी गई। भूकंप का केंद्र जमीन से नीचे 110 किलोमीटर की गहराई में था।

जिला प्रशासन के अनुसार, इस दौरान अधिकतर लोग सो रहे थे इसलिए किसी तरह की अफरा तफरी का माहौल नहीं बना। भूकंप से कोई हताहत नहीं हुआ है।
 
 
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भूकंप भूकंप

आफत: अब चित्तौड़गढ़ किले पर गिरी बिजली, ऐतिहासिक कीर्ति स्तम्भ का टूटा पत्थर

देशभर में आकाशीय बिजली गिरने का दौर जारी है। गुजरात के बाद राजस्थान में एतिहासिक स्थल पर व्रजपात हुआ है। राजस्थान के चित्तौड़गढ़ के ऐतिहासिक किले को बड़ा नुकसान पहुंचा है। वहां मौजूद कीर्ति स्तम्भ पर बिजली गिरी, जिसकी वजह से करीब 40 किलो वजनी पत्थर टूटकर गिर गया है।  इसी हफ्ते जयपुर के आमेर किले में मौजूद वॉच टॉवर पर बिजली गिरी थी। इसमें 11 लोगों की मौत हो गई थी। 12 जुलाई को आमेर किले पर 40 मिनट में कई बार आकाशीय बिजली गिरी थी।

कीर्ति स्तम्भ को नुकसान 
भारतीय पुरातत्व और संरक्षण विभाग के कर्मचारी ने बताया कि मंगलवार शाम को करीब साढ़े सात बजे बिजली गिरी थी। इससे कीर्ति स्तम्भ पर उत्तरी दिशा में लगी प्रतिमा के नीचे का पत्थर टूट गया। इसके अलावा पीपल के 2 पेड़ भी काले पड़ गए हैं और वहां पर बड़ा गड्ढा बन चुका था।  बता दें कि कीर्ति स्तम्भ पर इससे पहले भी बिजली गिर चुकी है। 

प्रशासन की लापरवाही से नुकसान
भारतीय पुरातत्व विभाग के कर्मचारी ने मीडिया को बताया कि यह नुकसान बिजली गिरने से नहीं बल्कि प्रशासन की लापरवाही से हुआ है। क्योंकि कीर्ति स्तम्भ पर लगा तड़ित चालक खराब पड़ा था। यह कई दिनों से खराब था, लेकिन प्रशासन की ओर से इसे बनाया नहीं गया, जिसकी वजह से बिजली गिरने की आशंका है। बता दें कि तड़ित चालक एक धातु से बनी छड़ होती है, जिसे ऊंची इमारतों पर बिजली गिरने से उसकी सुरक्षा के लिए लगाया जाता है।

राजस्थान में बिजली गिरने से अभी तक 28 लोगों की मौत
बता दें कि 14 जुलाई को राजस्थान के अलग अलग हिस्सों में आकाशीय बिजली गिरने से छह लोगों की मौत हुई और 20 से ज़्यादा पशु मारे गए। पिछले एक सप्ताह से राजस्थान में आकाशीय बिजली गिरने से 28 लोगों की मौत हो चुकी है। मौसम विभाग ने अगले दो दिन और बारिश का अनुमान जताया है। मौसम विभाग ने इस दौरान बिजली गिरने की भी आशंका जताई है। 
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राजस्थान में बड़ा हादसा : बेकाबू डंपर ने एक ही परिवार के पांच लोगों को रौंदा, पति-पत्नी समेत तीन बच्चों की मौत

बड़ी खबर राजस्थान के झालावाड़ से आ रही है। यहां पर बेकाबू डंपर ने 5 लोगों को कुचल दिया। मौके पर तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि 2 लोगों को अस्पताल पहुंचाया गया , जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। बताया जा रहा है कि तेज रफ्तार डंपर जयपुर की ओर से आ रहा था। इसी दौरान सड़क किनारे स्थित एक घर में परिवार सो रहा था। अनियंत्रित डंपर घर में जा घुसा, जिससे पति-पत्नी व उनके तीन बच्चों की दर्दनाक मौत हो गई । हादसा देर रात के बीच बताया जा रहा है।

मण्डावर थाना अधिकारी मुरलीधर ने बताया कि घाटोली निवासी सुरेश का परिवार मजदूरी करता था। रात 12.30 बजे तेज गति से आ रहे एक डंपर ने उसके परिवार को कुचल दिया। जिसमें सुरेश उसकी पत्नी सीताबाई, पुत्र पवन, कमलेश और बालिका निर्मला की मौत हो गई ।

 
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खुशखबर: राजस्थान में आज से पाबंदियां खत्म, 75 दिन बाद पुष्कर-अजमेर पहुंचने लगे लोग, देखें तस्वीरें

भारत में कोरोना की दूसरी लहर पूरी तरह कमजोर पड़ गई है। धीरे-धीरे जिंदगी पटरी पर लौट रही है। देश के कुछ राज्यों में कोरोना के नए मरीज सौ से कम  निकल रहे हैं। जिन राज्यों में कोरोना की रफ्तार कम हुई है, वहां पर सार्वजनिक और धार्मिक स्थलों को आज से खोलने की अनुमति दे दी गई है। राजस्थान में अनलॉक के बाद  मंदिर, मस्जिद, गुरुद्वारे समेत अन्य सार्वजनिक स्थानों को खोल दिया गया है। करीब ढाई महीनों से बंद पड़े धार्मिक स्थल खुलने के बाद श्रद्धाओं के चेहरों पर खुशी देखी गई। 
 

देश में बीते 24 घंटे में कोरोना के 50,040 नए मामले सामने आए हैं। जबकि इस दौरान 57,944 कोरोना मरीज डिस्चार्ज किए गए हैं। वहीं, एक दिन में 1,258 कोविड मरीजों की मौत हुई ।
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राजस्थान: भाजपा के भीतर जारी अंतर्कलह बढ़ी, वसुंधरा खेमे और पूनिया गुट आमने-सामने

पुष्कर मंदिर में पूजा
राजस्थान में विधानसभा चुनाव होने में अभी दो साल का समय बाकी है, लेकिन सत्ताधारी दल कांग्रेस और मुख्य विपक्षी पार्टी भाजपा अंतर्कलह से गुजर रही है। भाजपा में तो मुख्यमंत्री का चेहरा कौन होगा इसको लेकर अभी से घमासान तेज हो गया है। भाजपा के वरिष्ठ नेता रोहिताश्व शर्मा को पार्टी के खिलाफ बयान देने पर नोटिस जारी किया है। भाजपा अध्यक्ष सतीश पूनिया ने कहा कि जो लोग पार्टी के विरुद्ध बयानबाजी करेंगे उनपर कार्रवाई होगी।  बता दें कि रोहिताश्व शर्मा वसुंधरा राजे के करीबी नेता हैं। 

दरअसल, पूर्व मंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता रोहिताश्व शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री पद के लिए प्रदेश भाजपा में कोई चेहरा नहीं है। वसुंधरा राजे ही एक मात्र सर्वश्रेष्ठ और बड़ी नेता हैं। इसी महीने के पहले हफ्ते में अलवर में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए रोहिताश्व शर्मा ने कहा कि अगर प्रदेश में सर्वे कराए जाए तो दस में से नौ लोग वसुंधरा राजे को पसंद करते हैं  इस बयान के बाद पार्टी में खलबली मच गई। जिसपर पार्टी ने नोटिस जारी कर 15 दिनों के भीतर जवाब मांगा है। 

 शर्मा के एक और बयान ने बढ़ाया सियासी पारा
रोहिताश्व शर्मा लगातार वसुंधरा राजे का गुणगान कर रहे हैं। उनका एक और बयान ने पार्टी और प्रदेश के सियासी पारा को बढ़ा दिया है। रविवार को एक बार फिर वसुंधरा राजे के पक्ष में बयान दिया। रोहिताश्व शर्मा के मुताबिक,  वसुंधरा राजे के दम पर राजस्थान में भाजपा 130 और 163 सीट हासिल कर चुकी है। वर्तमान में प्रदेश भाजपा में वसुंधरा के कद का कोई नेता नहीं है। 
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शर्मनाक: नाबालिग बेटी को होटल-पार्टियों में भेजता था शराबी पिता, सात महीने तक दुष्कर्म, हुई गर्भवती

राजस्थान के जोधपुर में एक रिश्ते को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। जोधपुर में एक शराबी पिता ने पैसों के लालच में अपनी नाबालिग बेटी को वेश्यावत्ति के बाजार में उतार दिया।  शराबी पिता नाबालिग बेटी को अलग-अलग लोगों संग जबरन संबंध बनाने का दबाव डालता था। यहां तक कि बेटी को होटल और पार्टियों में डांस करने के लिए भेजता था। वहां उसके साथ कई बार दुष्कर्म भी हुआ, जिससे अब वह गर्भवती हो गई है। पीड़िता जब जान बचाकर अपनी नानी घर पहुंची तो उसने अपनी मां को अपने साथ हुई आपबीती सुनाई। लड़की ने मथानिया थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस मामले की जांच कर रही है। हालांकि, पिता अभी घर से फरार है। 

पार्टियों में नहीं जाने पर पीटता था पिता
 नाबालिग ने कई बार ऐसी पार्टियों में जाने से इनकार किया तो पिता उसे पीटता और धमकी देता कि वह किसी से इस बारे में कुछ ना बताए। चुपचाप जो कहा जाए वही करे। 21 जून को भी पिता ने उसे किसी पार्टी में जाने को कहा। लड़की से जब यह सब सहा नहीं गया तो उसने अपनी बड़ी बहन को यह जानकारी दी, फिर किसी तरह दोनों जान बचकर ननिहाल आ गईं। जहां पर उसकी मां रहती है। 

शिकायत में नाबालिग लड़की ने बताया है कि उसका पिता बहुत ज्यादा शराब का सेवन करता है।  पिछले 6-7 महीने से पिता उसको जैसलमेर में लंगा मांगणियार समुदाय के लोगों के साथ पार्टियों में भेजता था। इन पार्टियों में कई बार उसके साथ बदसलूकी और दुष्कर्म हुआ। पार्टी में भेजने के लिए पिता 5 से 8 हजार रुपये लेता था।

बेचना चाहती थी सौतेली मां
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, पिता लड़की की मां को घर से निकालकर दूसरी महिला के साथ रहता है। शिकायत के मुताबिक, सौतेली मां भी उस लड़की की नहीं सुनती थी। पीड़िता ने आरोप लगाया गया है कि सौतेली मां ने उसे बेचने के लिए कई लोगों से सौदा किया था। पीड़िता ने पुलिस को बताया कि इसी साल होली के बाद एक दिन पिता ने किसी पार्टी में भेजा, जहां उसके साथ गैंगरेप हुआ, जिसके बाद वह गर्भवती हो गई।
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पलटवार: सीएम गहलोत ने पीएम मोदी पर साधा निशाना, कोरोना के कारण अनाथ हुए बच्चों के लिए केंद्र का पैकेज ‘आधा-अधूरा'

राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कोरोना वायरस संक्रमण के कारण अनाथ होने वाले बच्चों के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से घोषित पैकेज पर निशाना साधा है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने पीएम मोदी के पैकेज को आधा-अधूरा बताया और कहा कि वह इस विषय को प्रधानमंत्री के समक्ष उठाएंगे। गहलोत ने कहा कि केंद्र सरकार के पैकेज में प्रभावित बच्चों के लिए तत्काल किसी तरह की राहत नहीं दी गई है। न ही कोरोना के कारण विधवा होने वाली महिलाओं के लिए किसी तरह की मदद की घोषणा की गई है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने अपने पैकेज में इस तरह के बच्चों व महिलाओं को मासिक राशि के अलावा एक लाख रुपये की तुरंत राहत की घोषणा की है।

गहलोत ने केंद्र सरकार द्वारा घोषित पैकेज का जिक्र करते हुए कहा, ‘‘भारत सरकार का जो पैकेज है,  वह डिफेक्टिव (आधा-अधूरा) पैकेज है। किसी के घर में अगर कोई बच्चा अनाथ हो गया तो उसे 18 साल की उम्र के बाद तीन साल तक आर्थिक मदद दी जाएगी और अभी केवल पढ़ाई का इंतजाम किया जाएगा। 18 साल के बाद किसने क्या देखा। 23 साल की उम्र होने पर 10 लाख रुपये देंगे। इसमें भी संशय है। पैकेज का मतलब होता है कि आप तत्काल क्या मदद दे रहे हैं। मैं इस बारे में अलग से प्रधानमंत्री से बात करूंगा और कहूंगा कि आपका यह पैकेज डिफेक्टिव है।’’

पीएम मोदी से इस मुद्दे पर करूंगा बात- गहलोत
गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 29 मई को घोषणा की थी कि कोविड-19 के कारण अनाथ हुए बच्चों को 18 वर्ष की आयु पूरी करने पर मासिक वित्तीय सहायता और 23 वर्ष की आयु पूरी करने पर पीएम केयर्स फंड से 10 लाख रुपये की राशि मिलेगी। इसका जिक्र करते हुए गहलोत ने कहा, ‘‘इसमें सुधार की आवश्यकता है और मैं समझता हूं कि भारत सरकार को सोचना चाहिए।’’

राज्य सरकार के पैकेज में तत्काल राहत का इंतजाम
गहलोत ने कहा कि उनकी सरकार जो पैकेज लाई है उसके तहत कोरोना महामारी से माता-पिता दोनों की मृत्यु होने या एकल जीवित की मृत्यु होने पर अनाथ बच्चों को तत्काल एक लाख रुपये का अनुदान दिया जाएगा। ऐसे बच्चों को 18 साल की उम्र तक प्रतिमाह 2,500 रुपये की सहायता दी जाएगी। 18 साल की उम्र होने पर उन्हें पांच लाख रुपये की सहायता दी जाएगी। ऐसे बच्चों को 12वीं तक की शिक्षा आवासीय विद्यालय या छात्रावास के जरिए दी जाएगी।

राज्य सरकार के पैकेज में महिलाओं को भी मिलेगी आर्थिक मदद
अधिकारियों के अनुसार राज्य सरकार के इस पैकेज के तहत किसी व्यक्ति की कोरोना वायरस संक्रमण से मृत्यु होने पर उसकी पत्नी को एक लाख रुपये की एकमुश्त अनुग्रह राशि दी जाएगी। इसके अलावा 1,500 रुपये प्रतिमाह विधवा पेंशन सभी आयु व आय वर्ग की महिलाओं को मिलेगी। वहीं ऐसी महिला के बच्चों को 1,000 रुपये प्रति बच्चा प्रति माह तथा विद्यालय की पोशाक व पाठ्यपुस्तकों के लिए सालाना 2,000 रुपये का लाभ दिया जाएगा।
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राजस्थान: स्वास्थ्य मंत्री डॉ रघु शर्मा बोले- शिशु अस्पतालों में चिकित्सा सुविधाएं मजबूत कर रही गहलोत सरकार

राजस्थान के चिकित्सा और स्वास्थ्य मंत्री डॉ रघु शर्मा ने कहा कि कोविड-19 महामारी की संभावित तीसरी लहर में बच्चों के सर्वाधित प्रभावित होने की आशंका को देखते हुए राज्य में बच्चों के अस्पतालों में चिकित्सकीय सुविधाओं को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। डॉ शर्मा ने सोमवार को जयपुर के जेकेलोन अस्पताल के निरीक्षण के बाद समीक्षा बैठक में कहा कि जयपुर स्थित सर पदमपत मदर एंड चाइल्ड केयर इंस्ट्टीयूट (जेकेलोन अस्पताल) के साथ शहर के अन्य अस्पतालों में भी बच्चों के इलाज के लिए सभी आवश्यक संसाधन जुटाए जा रहे हैं।

600 बेड कोविड मरीजों के लिए आरक्षित
उन्होंने बताया कि 800 बेड वाले बच्चों के प्रमुख चिकित्सालय जेकेलोन अस्पताल में जल्द ही करीब 200 आईसीयू बेड उपलब्ध होंगे। ‘‘कोविड महामारी की संभावित तीसरी लहर में बच्चों पर अधिक असर होने की आशंका को ध्यान में रखते हुए इस अस्पताल में 600 बेड कोविड मरीजों के लिए आरक्षित रखे जा सकते हैं। इन सभी 600 बेड को जरुरत के समय आईसीयू बैड में बदला जा सकेगा। अस्पताल के सभी बेड केन्द्रीयकृत ऑक्सीजन सिस्टम से जुड़े हुए हैं। अस्पताल में ऑक्सीजन संयंत्र की स्थापना की जा रही है और इसके बाद जल्द ही जेकेलोन में करीब 1500 लीटर ऑक्सीजन की क्षमता उपलब्ध होगी।’’

स्वास्थ्य मंत्री ने अस्पतालों का दौरा किया
चिकित्सा मंत्री डॉ शर्मा ने अस्पताल परिसर का दौरा कर निर्माणाधीन सीटी स्कैन यूनिट स्थापित किए जाने वाले स्थान सहित अन्य निर्माण तथा विकास कार्यों का अवलोकन किया। उन्होंने समस्त कार्य निर्धारित समयावधि में पूर्ण गुणवत्ता के साथ पूरा करने पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने अस्पताल की सफाई व्यवस्था पर संतोष व्यक्त किया एवं इसे बेहतर बनाए रखने की आवश्यकता प्रतिपादित की। निरीक्षण के दौरान एसएमएस मेडिकल कॉलेज प्रिसिपल डॉ सुधीर भंडारी, अस्पताल अधीक्षक डॉ अरविंद शुक्ला, मुख्य चिकित्सा व स्वास्थ्य अधिकारी डॉ नरोत्तम शर्मा भी मौजूद थे
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पहल: डोर-टू-डोर टीका देने वाला देश का पहला शहर बनेगा बीकानेर, सार्वजनिक स्थलों पर मोबाइल कैंप लगाकर दी जा रही वैक्सीन

कोविड महामारी के खिलाफ घर-घर जाकर टीका लगाने वाला देश का पहला शहर बीकानेर बनेगा। राजस्थान के बीकानेर में सोमवार से वैक्सीनेशन ड्राइव की शुरुआत होगी। इसके तहत 45 वर्ष और उससे अधिक उम्र के लोगों को वैक्सीन दी जाएगी। इससे पहले शहर में सर्वाजनिक स्थलों पर मोबाइल वैन के जरिए टीका लगाया जा रहा है। जिला प्रशासन की ओर से शुरू की गई इस पहल के तहत तीन दिन के भीतर 65000 हजार लोगों का वैक्सीनेशन हो चुका है।  बीकानेर कलेक्टर ने बताया कि इसका अच्छा रिस्पांस मिल रहा है और जल्द ही शहर कोविड मुक्त हो जाएगा।


वहीं सोमवार से लोगों के घरों तक वैक्सीन पहुंचाने के लिए मोबाइल टीमों का भी गठन किया गया है। वहीं ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के लिए हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए हैं। इस हेल्पलाइन नंबर के जरिए वैक्सीनेशन के लिए रजिस्ट्रेशन कराया जा सकता है। बिना रजिस्ट्रेशन वैक्सीन नहीं दी जाएगी। रजिस्ट्रेशन होने के बाद उस इलाके में वैन पहुंचेगी और लोगों को जांच कर उन्हें टीका लगाया जाएगा। 



 मेडिकल स्टाफ भी रहेंगे मौजूद
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, दस लोगों के रजिस्ट्रेशन कराने के बाद ही वैक्सीन वैन लोगों के घरों के लिए जाएगी। दरअसल, वैक्सीन की एक शीशी में 10  को टीका लगाया जाता है। दस लोगों से कम होने पर बची हुई खुराक के खराब होने की आशंका रहती है। 4 घंटे से अधिक खुले रहने पर वैक्सीन खराब हो जाती है। इस को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाने का फैसला किया गया है। इस अभियान के लिए एक मेडिकल स्टाफ को भी नियुक्त किया गया है, जो वैक्सीन लेने वाले व्यक्ति के पास कुछ समय के लिए ऑब्जर्वेशन के लिए रहेगा।

60-65 फीसदी आबादी का हो चुका है वैक्सीनेशन
 बीकानेर में इस समय 16 शहरी स्वास्थ्य केंद्र हैं। इन स्वास्थ्य केंद्रों पर मौजूद डॉक्टरों से कहा गया है कि उनके क्षेत्र में जिन्हें भी वैक्सीन दी जाएगी, वे सभी उस व्यक्ति की मॉनिटरिंग करेंगे। बीकानेर जिला प्रशासन ने बताया कि अब तक लगभग 60-65 फीसदी आबादी का वैक्सीनेशन किया जा चुका है। जिले में अब तक लगभग 3 लाख 69 हजार लोगों को वैक्सीन दी जा चुकी है। पिछले 24 घंटों में कोरोना वायरस के 50 से भी कम नए मामले सामने आए हैं. जिले में अबतक कुल 40 हजार 118 मामले सामने आए हैं। 
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शिकंजा: घूस की डील करते कैमरे में कैद हुए निलंबित मेयर सौम्या का पति , वीडियो वायरल होने पर एसीबी ने शुरू की जांच

जयपुर नगर निगम की निलंबित मेयर सौम्या गुर्जर का मामला अभी थमा भी नहीं कि पति राजाराम गुर्जर का डील वाला वीडियो वायरल हो गया। निलंबित मेयर का पति राजाराम गुर्जर का बीवीजी कंपनी के पदाधिकारियों के साथ डील का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल  हो रहा है। वायरल वीडियो में 276 करोड़ रुपए के भुगतान के बदले 20 करोड़ का शेयर मांगते हुए देखा गया है।  

वायरल हो रहे वीडियो पर राजस्थान एसीबी ने स्वत: संज्ञान लेते हुए प्राथमिक जांच शुरू की। एसीबी डीजी बीएल सोनी ने बताया कि 20 करोड़ रुपए की मांग करने का वीडियो वायरल होने के बाद एसीबी मुख्यालय की ओर से इस पूरे प्रकरण को लेकर प्राथमिकी जांच शुरू कर दी गई है। एसीबी के एडिशनल एसपी बजरंग सिंह शेखावत को प्राथमिक जांच करने के आदेश दिए गए हैं।

एसीबी कर रही मामले की जांच
एसीबी इस मामले की जांच कर तमाम तथ्यों की पुष्टि करने में जुटी है।  वायरल वीडियो में जो शख्स दिखाई दे रहे हैं क्या सच में वह सौम्या गुर्जर का पति राजाराम गुर्जर है और वीडियो कब का है इन तमाम पहलुओं की बारीकी से जांच की जा रही है। निलंबित मेयर सौम्या गुर्जर ने बीते दिनों एसीबी मुख्यालय को पत्र लिखकर नगर निगम  में होने वाले घोटालों पर नजर रखने के लिए कहा था। अब उसके पति राजाराम गुर्जर ही एसीबी के निशाने पर आ गए।
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