राजस्थान निकाय चुनाव: उदयपुर नगर निगम के नए महापौर बने पारस सिंघवी, कांग्रेस प्रत्याशी को हराया
उदयपुर नगर निगम महापौर चुनाव में भाजपा के पारस सिंघवी ने 55 वोट हासिल कर जीत दर्ज की। कांग्रेस प्रत्याशी को 25 वोट मिले। भाजपा को अपने 53 पार्षदों के साथ दो निर्दलीय पार्षदों का समर्थन मिला। जीत के बाद समर्थकों ने जश्न मनाया।
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झीलों की नगरी उदयपुर के नगर निगम महापौर चुनाव के नतीजे सामने आ चुके हैं। मतगणना की प्रक्रिया पूरी होने के बाद जिला निर्वाचन विभाग ने आधिकारिक घोषणा करते हुए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता पारस सिंघवी को उदयपुर का नया महापौर (मेयर) घोषित कर दिया है। महापौर पद के लिए हुए सीधे मुकाबले में भाजपा प्रत्याशी पारस सिंघवी ने एकतरफा जीत हासिल की। कुल 80 पार्षदों के बोर्ड में पारस सिंघवी को 55 मत प्राप्त हुए, जबकि कांग्रेस प्रत्याशी को मात्र 25 मतों से ही संतोष करना पड़ा।
दो निर्दलीय पार्षदों का समर्थन
उदयपुर नगर निगम के 80 वार्डों के चुनाव परिणामों में भाजपा के पास 53 पार्षद थे, जबकि कांग्रेस के 23 और अन्य पार्षद थे। महापौर चुनाव के दौरान भाजपा को अपनी पार्टी के 53 वोटों के अलावा 2 निर्दलीय पार्षदों का भी साथ मिला, जिससे भाजपा प्रत्याशी के पक्ष में कुल वोटों का आंकड़ा 55 तक पहुंच गया।
पारस सिंघवी के समर्थकों ने बजाए छोल नगाड़े
जीत की औपचारिक घोषणा होते ही भाजपा खेमे और कार्यकर्ताओं में खुशी की लहर दौड़ गई। नवनिर्वाचित महापौर पारस सिंघवी का समर्थकों ने ढोल-नगाड़ों और आतिशबाजी के साथ स्वागत किया। सिंघवी ने अपनी इस जीत को शहर की जनता और भाजपा कार्यकर्ताओं का विश्वास बताया और उदयपुर के समग्र विकास को अपनी पहली प्राथमिकता करार दिया।
छात्र राजनीति से लेकर संगठन और जनसेवा के लंबे अनुभव का सफर
उदयपुर नगर निगम के नए महापौर बने पारस सिंघवी छात्र राजनीति से लेकर संगठन और जनसेवा के लंबे अनुभव के लिए जाने जाते हैं। वार्ड संख्या 24 से पांचवीं बार पार्षद चुने गए 62 वर्षीय पारस सिंघवी इससे पहले उप महापौर का दायित्व भी संभाल चुके हैं। 10 मई 1964 को जन्मे सिंघवी ने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत छात्रसंघ राजनीति से की थी। नब्बे के दशक में राम मंदिर आंदोलन के दौरान उन्होंने लखनऊ से अयोध्या तक पैदल यात्रा की थी।
होटल और ट्रैवल का व्यवसाय
शैक्षणिक रूप से बीकॉम पारस सिंघवी का होटल और ट्रैवल का व्यवसाय है। व्यापारिक संगठनों में मजबूत पकड़ रखने वाले सिंघवी की चुनावी हलफनामे के अनुसार कुल संपत्ति 3.69 करोड़ रुपये है। उन्हें सिक्किम के राज्यपाल ओम माथुर का करीबी माना जाता है। इसके साथ ही मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष मदन राठौड़ से भी उनके बेहतरीन संबंध हैं।
महापौर चुनाव के सीधे मुकाबले में भाजपा प्रत्याशी पारस सिंघवी ने 55 मत हासिल कर एकतरफा जीत दर्ज की। नगर निगम के कुल 80 पार्षदों के बोर्ड में भाजपा को अपने 53 पार्षदों के अलावा दो निर्दलीय पार्षदों का समर्थन मिला, जबकि कांग्रेस प्रत्याशी को केवल 25 मतों से ही संतोष करना पड़ा। जीत की आधिकारिक घोषणा के बाद नवनिर्वाचित महापौर पारस सिंघवी ने उदयपुर के समग्र विकास को अपनी पहली प्राथमिकता बताया