उदयपुर फाइल्स: सात महीने बाद मुख्य आरोपी विशाल गुर्जर को हाईकोर्ट से जमानत, किस आरोप में गया था जेल?
उदयपुर फाइल्स वीडियो ब्लैकमेलिंग मामले में राजस्थान हाईकोर्ट ने मुख्य आरोपी विशाल गुर्जर को सात महीने बाद जमानत दे दी। अदालत ने 50 हजार रुपये के निजी मुचलके और इतनी ही राशि की जमानत पर रिहाई के निर्देश दिए।
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बहुचर्चित 'उदयपुर फाइल्स' वीडियो ब्लैकमेलिंग मामले में राजस्थान हाईकोर्ट ने मुख्य आरोपी विशाल गुर्जर को सात महीने बाद जमानत दे दी है। भाजपा की एक स्थानीय महिला पदाधिकारी के आरोपों के आधार पर आरोपी पिछले सात महीने से जेल में बंद था। हाईकोर्ट के फैसले के बाद उसकी जेल से रिहाई का रास्ता साफ हो गया है।
दलील: आपत्तिजनक सामग्री नहीं मिली
राजस्थान हाईकोर्ट की जोधपुर पीठ में न्यायमूर्ति संदीप शाह की एकल पीठ ने मामले की सुनवाई की। अदालत ने आरोपी विशाल गुर्जर को 50 हजार रुपये के निजी मुचलके और इतनी ही राशि की जमानत जमा कराने की शर्त पर रिहा करने का निर्देश दिया।
सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष के अधिवक्ताओं ने दलील दी कि पुलिस की ओर से जब्त डिजिटल सामग्री और सीडी में किसी भी तरह के आपत्तिजनक वीडियो की पुष्टि नहीं हुई है। फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी की रिपोर्ट में भी पीड़िता के दावों से जुड़ी कोई आपत्तिजनक सामग्री नहीं मिली है। बचाव पक्ष ने यह भी कहा कि पुलिस मामले की जांच पूरी कर अदालत में आरोप पत्र दाखिल कर चुकी है। ऐसे में आरोपी को लगातार हिरासत में रखने का कोई कानूनी आधार नहीं बनता है।
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11 फरवरी को दर्ज हुई थी एफआईआर
मामला 11 फरवरी को उदयपुर के भूपालपुरा थाने में दर्ज एफआईआर के बाद सामने आया था। भाजपा की महिला पदाधिकारी ने आरोप लगाया था कि आरोपी विशाल गुर्जर ने काम के बहाने उसे अपने कार्यालय बुलाया। वहां आरोपी ने उसे धोखे से नशीला पेय पदार्थ पिला दिया, जिससे वह अचेत हो गई। पीड़िता का आरोप था कि बेसुध अवस्था में आरोपी ने उसका आपत्तिजनक वीडियो बना लिया। इसके बाद वीडियो सार्वजनिक करने की धमकी देकर उसे ब्लैकमेल किया गया। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने आरोपी को उसी रात गिरफ्तार कर लिया था। इसके बाद से वह न्यायिक हिरासत में था।
धोखाधड़ी के मामले में भी मिल चुकी है राहत
उल्लेखनीय है कि मुख्य आरोपी विशाल गुर्जर को पिछले महीने इसी प्रकरण से जुड़े धोखाधड़ी के एक अन्य मामले में भी अदालत से राहत मिल चुकी थी। उस मामले में भी अदालत ने उसकी जमानत मंजूर कर ली थी। अब मुख्य ब्लैकमेलिंग मामले में हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद उसके जेल से बाहर आने का रास्ता साफ हो गया है।