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तीन साल लग गए पाक जासूस सतनाम को धरने में
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Tue, 07 Mar 2017 11:47 AM IST
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- फोटो : demo pic
बाड़मेर जिले के सरहदी थाना क्षेत्र में गत दिनों पकड़े गए आईएसआई के जासूस सतनाम माहेश्वरी पर खुफिया एजेंसिया पिछले तीन साल से नजर रख रही थीं। तीन साल से सतनाम के फोन को इंटेलिजेंस ने सर्विलांस पर ले रखा था। इनको जासूसी की एवज में पैसे का भुगतान भी लम्बे समय से किया जा रहा था।
पूछताछ में खुलासा हुआ कि सतनाम माहेश्वरी ने वर्ष 2015 में अपने रिश्तेदार विनोद को भी भारत बुलवा लिया और उसे पाक इंटेलिजेंस एजेन्सी से जोड़ा। इसके बाद ये दोनों पाक इंटेलिजेंस को बाड़मेर, जोधपुर व पोकरण के मिलिस्ट्री डिपलायमेन्ट की सूचनाऐं दे रहे थे। पहली बार 2014 में चौहटन से इंटेलीजेंस एजेंसी के एक कार्मिक ने सतनाम की संदिग्ध गतिविधियों की रिपोर्ट मुख्यालय को भेजी थी। जिसके बाद से उच्च स्तर से एजेंसियां सतनाम की हरकतों पर नजर रख रही थी। पुख्ता सबूत मिलने के बाद कार्यवाही अमल में लाई गई।
सतराम ने पाक आईएसआई के निशानदेही पर अन्य लोगों को भी उनके लिए कार्य करने हेतु तैयार किया एवं इनको साथ लेकर पाक जाने की फिराक में था। लेकिन इसके पहले ही सतनाम पकड़ा गया। इंटेलिजेंस टीम उन लोगों के बारे में जानकारी जुटा रही है। मामले में अनुसंधान जारी है। बाड़मेर जिले में कोई दो दर्जन लोग एजेंसियों की नजर में हैं, जो पाक एजेंसी के लिए काम करते है।
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पूछताछ में खुलासा हुआ कि सतनाम माहेश्वरी ने वर्ष 2015 में अपने रिश्तेदार विनोद को भी भारत बुलवा लिया और उसे पाक इंटेलिजेंस एजेन्सी से जोड़ा। इसके बाद ये दोनों पाक इंटेलिजेंस को बाड़मेर, जोधपुर व पोकरण के मिलिस्ट्री डिपलायमेन्ट की सूचनाऐं दे रहे थे। पहली बार 2014 में चौहटन से इंटेलीजेंस एजेंसी के एक कार्मिक ने सतनाम की संदिग्ध गतिविधियों की रिपोर्ट मुख्यालय को भेजी थी। जिसके बाद से उच्च स्तर से एजेंसियां सतनाम की हरकतों पर नजर रख रही थी। पुख्ता सबूत मिलने के बाद कार्यवाही अमल में लाई गई।
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सतराम ने पाक आईएसआई के निशानदेही पर अन्य लोगों को भी उनके लिए कार्य करने हेतु तैयार किया एवं इनको साथ लेकर पाक जाने की फिराक में था। लेकिन इसके पहले ही सतनाम पकड़ा गया। इंटेलिजेंस टीम उन लोगों के बारे में जानकारी जुटा रही है। मामले में अनुसंधान जारी है। बाड़मेर जिले में कोई दो दर्जन लोग एजेंसियों की नजर में हैं, जो पाक एजेंसी के लिए काम करते है।
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जासूसों के पूरे नेटवर्क पर एजेंसियों की नजरें
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एजेंसियां सरहदी क्षेत्रों में इसकी अपने स्तर पर तहकीकात में जुटी हैं। जासूसों के पूरे नेटवर्क पर नजर रखे हैं। रामसर, गागरिया, गडरा,सेड़वा सहित कई इलाकों की रेकी की जा रही है। इंटेलिजेंस कई ऐसे संदिग्धों पर नजर रख रही है, जिनके नेटवर्क गुजरात के सरहदी इलाको के तस्करों और हवाला कारोबारियों से जुड़ा है। कच्छ, गांधीधाम, सीतपुर, पालनपुर में डेरा डाले बैठे बाड़मेर के तस्करों तक उनकी नजर है।
राजस्थान के सीमावर्ती इलाकों में रहकर पाकिस्तान के लिए जासूसी करते पकड़े गए पाक जासूस सतनाम माहेश्वरी से कई अहम खुलासे हो रहे हैं। जानकारी के अनुसार सतनाम वर्ष 1973 में भारत में एलटी वीजा पर आया था। इसके बाद वर्ष 2009 में सतनाम ने भारत की नागरिकता प्राप्त की। तब से वह बार बार अपने रिश्तेदारों से मिलने के लिए पाकिस्तान जाता रहता था। दोनों जासूसों ने अपनी भारतीय मोबाईल की सिम पाक हेण्डलर्स को दे दी थी एवं इस सिम को समय समय पर पाकिस्तान भी रिचार्ज करवाता था।
राजस्थान के सीमावर्ती इलाकों में रहकर पाकिस्तान के लिए जासूसी करते पकड़े गए पाक जासूस सतनाम माहेश्वरी से कई अहम खुलासे हो रहे हैं। जानकारी के अनुसार सतनाम वर्ष 1973 में भारत में एलटी वीजा पर आया था। इसके बाद वर्ष 2009 में सतनाम ने भारत की नागरिकता प्राप्त की। तब से वह बार बार अपने रिश्तेदारों से मिलने के लिए पाकिस्तान जाता रहता था। दोनों जासूसों ने अपनी भारतीय मोबाईल की सिम पाक हेण्डलर्स को दे दी थी एवं इस सिम को समय समय पर पाकिस्तान भी रिचार्ज करवाता था।