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नशा और हथियार तस्करी के बाद पाकिस्तान का नया दांव: अब खेत में लगी फसलों पर नजर, भारतीय सीमा में खदेड़ रहा सूअर
Tue, 03 Nov 2026 07:58 PM IST
शाहिल शर्मा
संवाद न्यूज एजेंसी, हुसैनीवाला बॉर्डर (फिरोजपुर)
संवाद न्यूज एजेंसी, हुसैनीवाला बॉर्डर (फिरोजपुर)
Published by: शाहिल शर्मा
Updated Tue, 03 Nov 2026 07:58 PM IST
सार
पाकिस्तान की तरफ सरकंडों का घना जंगल है। वहां से जंगली सूअर निकलकर गांवों की ओर आते हैं। किसानों का आरोप है कि इन जानवरों को भारतीय सीमा की तरफ खदेड़ दिया जाता है जो फसलों को नुकसान पहुंचाते हैं।
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पाकिस्तान भारतीय सीमा में खदेड़ रहा सूअर
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
विस्तार
पाकिस्तान की तरफ से जंगली सूअरों को भारतीय सीमा में खदेड़े जाने पर किसानों की फसल बर्बाद हो रही है। सोमवार रात हुसैनीवाला बॉर्डर पर फेंसिंग पार खेतों में जंगली सूअरों ने कई किसानों की आलू की फसल बर्बाद कर दी। खेतों में खड़ी फसल से कमाई की उम्मीद लगाए किसानों की लागत तक डूब गई। विडंबना यह है कि सीमा पर सुरक्षा कारणों से किसान रात में खेतों में रुककर रखवाली भी नहीं कर सकते। ऐसे में जंगली जानवरों से फसल बचाना उनके लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है।
हबीब वाला निवासी किसान राम सिंह ने फेंसिंग पार ढाई एकड़ में आलू की बिजाई की थी। इस पर करीब 70 हजार रुपये खर्च किए थे। नवंबर के अंत में फसल निकालनी थी और करीब ढाई लाख रुपये के मुनाफे की उम्मीद थी। जंगली सूअरों ने पूरी फसल खराब कर दी। अब लागत और कमाई, दोनों पर पानी फिर गया है। गांव के सरपंच बगीचा सिंह ने फेंसिंग पार पांच एकड़ में आलू की फसल लगाई थी। कुछ दिनों बाद फसल निकालकर मंडी में बेचनी थी, लेकिन जंगली सूअरों ने खेत में फसल को बुरी तरह नुकसान पहुंचाया। किसान के मुताबिक, उसे पांच लाख रुपये से अधिक की चपत लगी है। किसान बलविंदर सिंह की भी फेंसिंग पार तीन एकड़ में लगी आलू की फसल नष्ट हुई है। संबंधित किसान के पास खेती के लिए यही जमीन है।
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हबीब वाला निवासी किसान राम सिंह ने फेंसिंग पार ढाई एकड़ में आलू की बिजाई की थी। इस पर करीब 70 हजार रुपये खर्च किए थे। नवंबर के अंत में फसल निकालनी थी और करीब ढाई लाख रुपये के मुनाफे की उम्मीद थी। जंगली सूअरों ने पूरी फसल खराब कर दी। अब लागत और कमाई, दोनों पर पानी फिर गया है। गांव के सरपंच बगीचा सिंह ने फेंसिंग पार पांच एकड़ में आलू की फसल लगाई थी। कुछ दिनों बाद फसल निकालकर मंडी में बेचनी थी, लेकिन जंगली सूअरों ने खेत में फसल को बुरी तरह नुकसान पहुंचाया। किसान के मुताबिक, उसे पांच लाख रुपये से अधिक की चपत लगी है। किसान बलविंदर सिंह की भी फेंसिंग पार तीन एकड़ में लगी आलू की फसल नष्ट हुई है। संबंधित किसान के पास खेती के लिए यही जमीन है।
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पाकिस्तान की तरफ सरकंडों का घना जंगल बड़ी मुसीबत
किसानों के मुताबिक, पाकिस्तान की तरफ सरकंडों का घना जंगल है। वहां से जंगली सूअर निकलकर गांवों की ओर आते हैं। किसानों का आरोप है कि इन जानवरों को भारतीय सीमा की तरफ खदेड़ दिया जाता है। इसके बाद सूअर खेतों में घुसकर फसल रौंदते और जमीन खोदकर आलू को नुकसान पहुंचाते हैं। झुंड के खेत में घुसने से फसल का बड़ा हिस्सा बर्बाद हो सकता है।
सीमा पर फेंसिंग के पार खेतों में आने-जाने का समय निर्धारित है। किसान रात में खेतों में रुककर रखवाली नहीं कर सकते। ऐसे में जंगली जानवरों के हमले से फसल बचाने का मौका भी नहीं मिलता। फसल बर्बाद होने से बीज, खाद, जुताई, सिंचाई और मजदूरी पर खर्च की गई रकम डूब जाती है। अगली फसल के लिए पूंजी जुटाना भी मुश्किल हो जाता है। किसानों ने जंगली जानवरों से फसल बचाने की प्रभावी व्यवस्था करने और नुकसान की भरपाई की मांग की है।
किसानों के मुताबिक, पाकिस्तान की तरफ सरकंडों का घना जंगल है। वहां से जंगली सूअर निकलकर गांवों की ओर आते हैं। किसानों का आरोप है कि इन जानवरों को भारतीय सीमा की तरफ खदेड़ दिया जाता है। इसके बाद सूअर खेतों में घुसकर फसल रौंदते और जमीन खोदकर आलू को नुकसान पहुंचाते हैं। झुंड के खेत में घुसने से फसल का बड़ा हिस्सा बर्बाद हो सकता है।
सीमा पर फेंसिंग के पार खेतों में आने-जाने का समय निर्धारित है। किसान रात में खेतों में रुककर रखवाली नहीं कर सकते। ऐसे में जंगली जानवरों के हमले से फसल बचाने का मौका भी नहीं मिलता। फसल बर्बाद होने से बीज, खाद, जुताई, सिंचाई और मजदूरी पर खर्च की गई रकम डूब जाती है। अगली फसल के लिए पूंजी जुटाना भी मुश्किल हो जाता है। किसानों ने जंगली जानवरों से फसल बचाने की प्रभावी व्यवस्था करने और नुकसान की भरपाई की मांग की है।
पाकिस्तान की तरफ सरकंडों का घना जंगल है। वहां से जंगली सूअर निकलकर गांवों की ओर आते हैं। किसानों का आरोप है कि इन जानवरों को भारतीय सीमा की तरफ खदेड़ दिया जाता है जो फसलों को नुकसान पहुंचाते हैं।