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मोहालीः हत्या के प्रयास से जुड़े एक मामले में गैंगस्टर संपत नेहरा को कोर्ट ने किया बरी, मुकर गए गवाह
Thu, 09 Jan 2020 03:49 PM IST
पंचकुला ब्यूरो
अमर उजाला, मोहाली
अमर उजाला, मोहाली
Published by: पंचकुला ब्यूरो
Updated Thu, 09 Jan 2020 03:49 PM IST
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Sampat Nehra
मोहाली जिला अदालत ने गैंगस्टर संपत नेहरा को हत्या के प्रयास से जुड़े एक मामले में बरी कर दिया। यह फैसला अदालत ने केस से जुड़े दो गवाहों के बयानों से मुकरने पर सुनाया। जानकारी के मुताबिक 2016 में जीरकपुर निवासी सरबजीत सिंह की शिकायत पर नेहरा पर हत्या के प्रयास का केस दर्ज किया गया था। आरोप था कि संपत्त नेहरा ने उन पर गोली चलाई थी।
बुधवार को सरबजीत सिंह और एक अन्य गवाह कुलवंत सिंह अदालत में अपने बयान से मुकर गए। हालांकि उस समय सरबजीत ने पुलिस को बताया था कि 2016 में जीरकपुर बस स्टैंड पर नेहरा और उसके लोगों ने उन पर हमला किया था और नेहरा ने उन पर गोली चलाई थी। इस पर जीरकपुर पुलिस ने नेहरा और उनके कुछ साथियों पर भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा-307 (हत्या का प्रयास) और आर्म्स एक्ट की धारा 25, 54 और 59 के तहत मामला दर्ज किया था।
नेहरा के वकील ने मीडिया को बताया कि गवाहों के मुकरने से उसे बरी किया गया। 2017 में पुलिस ने मामले में चार्जशीट पेश करके नेहरा को मामले में मुख्य आरोपी बनाया। अभियोजन पक्ष अपना पक्ष साबित नहीं कर सका। हालांकि, इस दौरान नेहरा अदालत में पेश नहीं हुए क्योंकि उन्होंने जेल से वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए अदालत में पेश होने के लिए आवेदन दिया था और अदालत ने उनके आवेदन को स्वीकार कर लिया था।
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बता दें कि नेहरा पर पंजाब, हरियाणा और राजस्थान में हत्या से जुड़े 20 से अधिक मामले दर्ज हैं। हरियाणा पुलिस द्वारा जून 2018 में हैदराबाद से गिरफ्तार किए जाने के बाद नेहरा फिलहाल फरीदकोट जेल में बंद हैं।
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बुधवार को सरबजीत सिंह और एक अन्य गवाह कुलवंत सिंह अदालत में अपने बयान से मुकर गए। हालांकि उस समय सरबजीत ने पुलिस को बताया था कि 2016 में जीरकपुर बस स्टैंड पर नेहरा और उसके लोगों ने उन पर हमला किया था और नेहरा ने उन पर गोली चलाई थी। इस पर जीरकपुर पुलिस ने नेहरा और उनके कुछ साथियों पर भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा-307 (हत्या का प्रयास) और आर्म्स एक्ट की धारा 25, 54 और 59 के तहत मामला दर्ज किया था।
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नेहरा के वकील ने मीडिया को बताया कि गवाहों के मुकरने से उसे बरी किया गया। 2017 में पुलिस ने मामले में चार्जशीट पेश करके नेहरा को मामले में मुख्य आरोपी बनाया। अभियोजन पक्ष अपना पक्ष साबित नहीं कर सका। हालांकि, इस दौरान नेहरा अदालत में पेश नहीं हुए क्योंकि उन्होंने जेल से वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए अदालत में पेश होने के लिए आवेदन दिया था और अदालत ने उनके आवेदन को स्वीकार कर लिया था।
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बता दें कि नेहरा पर पंजाब, हरियाणा और राजस्थान में हत्या से जुड़े 20 से अधिक मामले दर्ज हैं। हरियाणा पुलिस द्वारा जून 2018 में हैदराबाद से गिरफ्तार किए जाने के बाद नेहरा फिलहाल फरीदकोट जेल में बंद हैं।