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घरेलू हिंसा के आरोपी पुलिस कर्मी पर विभाग मेहरबान

Wed, 09 Mar 2016 11:23 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो, अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Wed, 09 Mar 2016 11:23 AM IST
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The policeman, accused, domestic violence, department Clement, UT Police Chandigarh
पु‌लिस - फोटो : अमर उजाला
जब बात यूटी पुलिस पर अपने विभाग के किसी मुलाजिम पर कार्रवाई करने की आती है तो विभाग के अफसरों की हवाइयां उड़ जाती हैं। यूटी पुलिस के एएसआई सतिंदर सिंह के खिलाफ दर्ज घरेलू हिंसा के मामले में वुमन सेल 14  माह बाद भी कोर्ट में चालान पेश नहीं कर सका है।
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केस में पीड़ित कामना सेक्टर 42 की रहने वाली हैं। वह आरोपी एएसआई की पत्नी हैं। महिला ने जांच अधिकारी सतबीर सिंह पर भी कई आरोप लगाए हैं। महिला ने जांच अधिकारी पर मामले में जानबूझकर कार्रवाई न करने का आरोप लगाया है। जबकि जांच अधिकारी सब इंस्पेक्टर सतबीर सिंह का कहना है कि पीड़िता को अपने गवाह पेश करने के लिए बार बार बुलाया जा रहा है लेकिन वह गवाह नहीं ला पा रही हैं।
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14 माह हो गए एएसआई पर केस दर्ज हुए
जानकारी के अनुसार पीड़ित महिला कामना ने पहले मामले में शिकायत वुमन सेल को दी थी। वुमन सेल की जांच के बाद ही 31 दिसंबर 2014 को सेक्टर 36 पुलिस स्टेशन में उसके पति एएसआई सतिंद्र सिंह के खिलाफ घरेलू हिंसा की धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया था।
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यह मामला वुमन सेल में तैनात सब इंस्पेक्टर सतबीर सिंह द्वारा की गई जांच के बाद ही दर्ज किया था। तबसे एक साल से अधिक का समय निकल गया। लेकिन जांच अधिकारी ने कोर्ट में चालान पेश नहीं किया है। कामना ने कुछ दिन पहले ही आईजी को शिकायत देते हुए जांच अधिकारी सतबीर पर आरोप लगाए थे।

क्योंकि आरोपी उसका पति चंडीगढ़ पुलिस का मुलाजिम है। जिस कारण से जांच अधिकारी उसे बचाने की भरपूर कोशिश में जुटा है। वह जानबूझकर चालान पेश नहीं कर रहा है। पीड़िता ने जांच अधिकारी पर उसे और उसके पिता को बार बार वुमन सेल में बुलाकर परेशान करने के भी आरोप लगाए हैं।


गवाह नहीं है, केस कमजोर है
जब इस मामले में जांच अधिकारी सब इंस्पेक्टर सतबीर सिंह से बात की गई तो उसका कहना था कि पीड़िता को मामले में गवाह पेश करने के लिए कहा जा रहा है। लेकिन उसके पास कोई गवाह नहीं है। लिखित नोटिस दिए जाने के बावजूद वह गवाह पेश नहीं कर पाई हैं। केस में कोई ठोस सबूत या गवाह नहीं है। जिसके चलते केस कमजोर हैं। इसलिए चालान पेश नहीं किया जा रहा है।
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