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Mohali News: सुखना चौ की सफाई शुरू, मॉनसून में जलभराव से मिलेगी राहत
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जीरकपुर। मॉनसून सीजन से पहले जीरकपुर में सुखना चौ की सफाई का काम शुरू हो गया है। नगर परिषद करीब ढ़ाई करोड़ रुपये की लागत से यह सफाई करवा रही है। इसका उद्देश्य मॉनसून की बारिश के दौरान चौ में पानी भरने और ओवरफ्लो होने की समस्या को खत्म करना है। इस पहल से बरसात का पानी बिना किसी रुकावट के सीधा घग्गर नदी तक पहुंच सकेगा। हर साल मॉनसून में जीरकपुर और आसपास के क्षेत्रों का पानी सुखना चौ में आता है।
चंडीगढ़ की सुखना लेक से भी फ्लड गेट खुलने पर बड़ी मात्रा में पानी इसी चौ में छोड़ा जाता है। बलटाना, बिशनपुरा, गाजीपुर, सनोली और नगला जैसे गांवों के हजारों लोग सुखना चौ के आसपास रहते हैं। भारी बारिश होने पर चौ का पानी अक्सर ओवरफ्लो होकर सड़कों और घरों में घुस जाता है। इससे लोगों को काफी परेशानी होती है। प्रशासन ने इस समस्या की जांच के लिए एक टीम बनाई थी। टीम ने चंडीगढ़ से बलटाना होते हुए नगला तक चौ का निरीक्षण किया। जांच में सामने आया कि सुखना चौ में पानी को नियंत्रित करने की पर्याप्त क्षमता है। हालांकि, इसके अंदर जमा गंदगी के कारण बरसाती पानी को निकलने में बाधा आती है। इसी गंदगी के कारण पानी आगे बढ़ने के बजाय ओवरफ्लो होकर बाहर आ जाता है। टीम ने अपनी रिपोर्ट आलाधिकारियों को सौंपी थी।
सफाई का निर्णय और कार्यप्रणाली
अधिकारियों की टीम की रिपोर्ट के बाद आलाधिकारियों की एक बैठक हुई। इस बैठक में सुखना चौ की अंदर से सफाई करवाने का प्रस्ताव सामने आया। प्रशासन ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इसके बाद एक निजी कंपनी को सफाई का जिम्मा सौंपा गया है। आलाधिकारियों ने सफाई के लिए करीब ढ़ाई करोड़ रुपये के कोष को मंजूरी दी है। निजी कंपनी आधुनिक जेसीबी, हाइड्रोलिक और अन्य टिप्परों की मदद से गंदगी को डंपिंग ग्राउंड पहुंचाएगी।
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मॉनसून से पहले तैयारी
यह सफाई कार्य मॉनसून सीजन से पहले पूरा कर लिया जाएगा। इससे जीरकपुर और आसपास के क्षेत्रों के हजारों निवासियों को राहत मिलेगी। सीवरेज विभाग के अधिकारी इस पूरे काम की निगरानी कर रहे हैं। प्रशासन ने मॉनसून को देखते हुए सतर्कता बढ़ा दी है। इस योजना से बरसात का पानी बिना किसी बाधा के घग्गर नदी तक पहुंच पाएगा।
पिछले वर्ष का अनुभव
पिछले साल भारी बारिश के कारण सुखना लेक के फ्लड गेट कई बार खोले गए थे। इससे सुखना चौ में पानी का स्तर बढ़ गया था। बलटाना क्षेत्र में पानी ओवरफ्लो होकर सड़कों पर आ गया था। बलटाना में पुलिस चौकी पूरी तरह डूब गई थी। इसके अंदर पड़ा सरकारी रिकॉर्ड भी पानी में खराब हो गया था। हालांकि, बलटाना के बाद सुखना चौ की हुई सफाई के कारण बिशनपुरा, गाजीपुर, सनोली और नगला में पानी नहीं भरा था। पानी सीधा घग्गर में चला गया था।
इससे पहले मॉनसून सीजन के दौरान जब कभी बारिश होती तो पानी ओवरफ्लो होकर गांव में दाखिल हो जाता था। गत वर्ष पहली बार हुई सफाई के बाद बारिश का पानी ओवरफ्लो नहीं हुआ, बल्कि बिना किसी रुकावट के आगे निकल गया। - अमनदीप सिंह, निवासी नगला।
सुखना लेक के फ्लड गेट से छोड़ा जाने वाला पानी सुखना चौ से होकर गाजीपर पहुंचता है। इस वजह से हर साल लोगों को परेशानी होती थी। लेकिन प्रशासन के पहले ही सफाई के इंतजाम करने से समस्या पहले जैसी नहीं रही और गत वर्ष पानी ओवरफ्लो होने की जगह आगे चला गया। - जसविंदर सिंह, निवासी गाजीपुर सैणियां।
सुखना चौ के अंदर पड़ी गंदगी की सफाई का जिम्मा एक निजी कंपनी को दिया गया, जिसने अपना काम शुरू कर दिया है। मॉनसून सीजन से पहले सुखना चौ की सफाई कर ली जाएगी। इसके बाद अगर बारिश ज्यादा भी होती है तो पानी बिना किसी रुकावट के जीरकपुर के अलग-अलग गांवों से होता हुआ सीधा घग्गर में पहुंच जाएगा। -साक्षी जिंदल, एसडीओ, सीवरेज विभाग, जीरकपुर।
सुखना चौ की सफाई के लिए प्रशासन ने करीब अढ़ाई करोड़ रुपये के फंड को मंजूरी दी है, ताकि स्थानीय लोगों को किसी तरह की परेशानी न हों। ये काम सीवरेज विभाग के अधिकारियों की देखरेख में हो रहा है। -परविंदर सिंह भट्टी, ईओ, नगर परिषद।
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चंडीगढ़ की सुखना लेक से भी फ्लड गेट खुलने पर बड़ी मात्रा में पानी इसी चौ में छोड़ा जाता है। बलटाना, बिशनपुरा, गाजीपुर, सनोली और नगला जैसे गांवों के हजारों लोग सुखना चौ के आसपास रहते हैं। भारी बारिश होने पर चौ का पानी अक्सर ओवरफ्लो होकर सड़कों और घरों में घुस जाता है। इससे लोगों को काफी परेशानी होती है। प्रशासन ने इस समस्या की जांच के लिए एक टीम बनाई थी। टीम ने चंडीगढ़ से बलटाना होते हुए नगला तक चौ का निरीक्षण किया। जांच में सामने आया कि सुखना चौ में पानी को नियंत्रित करने की पर्याप्त क्षमता है। हालांकि, इसके अंदर जमा गंदगी के कारण बरसाती पानी को निकलने में बाधा आती है। इसी गंदगी के कारण पानी आगे बढ़ने के बजाय ओवरफ्लो होकर बाहर आ जाता है। टीम ने अपनी रिपोर्ट आलाधिकारियों को सौंपी थी।
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सफाई का निर्णय और कार्यप्रणाली
अधिकारियों की टीम की रिपोर्ट के बाद आलाधिकारियों की एक बैठक हुई। इस बैठक में सुखना चौ की अंदर से सफाई करवाने का प्रस्ताव सामने आया। प्रशासन ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इसके बाद एक निजी कंपनी को सफाई का जिम्मा सौंपा गया है। आलाधिकारियों ने सफाई के लिए करीब ढ़ाई करोड़ रुपये के कोष को मंजूरी दी है। निजी कंपनी आधुनिक जेसीबी, हाइड्रोलिक और अन्य टिप्परों की मदद से गंदगी को डंपिंग ग्राउंड पहुंचाएगी।
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मॉनसून से पहले तैयारी
यह सफाई कार्य मॉनसून सीजन से पहले पूरा कर लिया जाएगा। इससे जीरकपुर और आसपास के क्षेत्रों के हजारों निवासियों को राहत मिलेगी। सीवरेज विभाग के अधिकारी इस पूरे काम की निगरानी कर रहे हैं। प्रशासन ने मॉनसून को देखते हुए सतर्कता बढ़ा दी है। इस योजना से बरसात का पानी बिना किसी बाधा के घग्गर नदी तक पहुंच पाएगा।
पिछले वर्ष का अनुभव
पिछले साल भारी बारिश के कारण सुखना लेक के फ्लड गेट कई बार खोले गए थे। इससे सुखना चौ में पानी का स्तर बढ़ गया था। बलटाना क्षेत्र में पानी ओवरफ्लो होकर सड़कों पर आ गया था। बलटाना में पुलिस चौकी पूरी तरह डूब गई थी। इसके अंदर पड़ा सरकारी रिकॉर्ड भी पानी में खराब हो गया था। हालांकि, बलटाना के बाद सुखना चौ की हुई सफाई के कारण बिशनपुरा, गाजीपुर, सनोली और नगला में पानी नहीं भरा था। पानी सीधा घग्गर में चला गया था।
इससे पहले मॉनसून सीजन के दौरान जब कभी बारिश होती तो पानी ओवरफ्लो होकर गांव में दाखिल हो जाता था। गत वर्ष पहली बार हुई सफाई के बाद बारिश का पानी ओवरफ्लो नहीं हुआ, बल्कि बिना किसी रुकावट के आगे निकल गया। - अमनदीप सिंह, निवासी नगला।
सुखना लेक के फ्लड गेट से छोड़ा जाने वाला पानी सुखना चौ से होकर गाजीपर पहुंचता है। इस वजह से हर साल लोगों को परेशानी होती थी। लेकिन प्रशासन के पहले ही सफाई के इंतजाम करने से समस्या पहले जैसी नहीं रही और गत वर्ष पानी ओवरफ्लो होने की जगह आगे चला गया। - जसविंदर सिंह, निवासी गाजीपुर सैणियां।
सुखना चौ के अंदर पड़ी गंदगी की सफाई का जिम्मा एक निजी कंपनी को दिया गया, जिसने अपना काम शुरू कर दिया है। मॉनसून सीजन से पहले सुखना चौ की सफाई कर ली जाएगी। इसके बाद अगर बारिश ज्यादा भी होती है तो पानी बिना किसी रुकावट के जीरकपुर के अलग-अलग गांवों से होता हुआ सीधा घग्गर में पहुंच जाएगा। -साक्षी जिंदल, एसडीओ, सीवरेज विभाग, जीरकपुर।
सुखना चौ की सफाई के लिए प्रशासन ने करीब अढ़ाई करोड़ रुपये के फंड को मंजूरी दी है, ताकि स्थानीय लोगों को किसी तरह की परेशानी न हों। ये काम सीवरेज विभाग के अधिकारियों की देखरेख में हो रहा है। -परविंदर सिंह भट्टी, ईओ, नगर परिषद।