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सर्वपितृ अमावस्या को गया में अर्पित करें अपने समस्त पितरों को तर्पण, होंगे सभी पूर्वज प्रसन्न, 28 सितम्बर
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शहीद ऊधम सिंह गवर्नमेंट कॉलेज में 'टैलेंट शो' में युवाओं ने दिखाई प्रतिभा, शबनूर की पेंटिंग अव्वल

हरियाणा के करनाल जिले इन्द्री कस्बा स्थित शहीद उधम सिंह राजकीय महाविद्यालय में प्रतिभा खोज प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने अपना हुनर दिखाया।

20 सितंबर 2019

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पंचकूला

शनिवार, 21 सितंबर 2019

चंडीगढ़ में डिस्को मालिक को आई कॉल- मैं गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई बोल रहा हूं, मंथली दोगे या सालाना

चंडीगढ़ सेक्टर-26 स्थित बुलवार्ड डिस्को के मालिक को व्हॉटसएप कॉल कर खुद को गैंगस्टर लारेंस बिश्नोई बताते हुए एक व्यक्ति ने मंथली और सालाना रंगदारी मांगी है। रंगदारी की कॉल आने के बाद डिस्कोथेक मालिक ने मामले की सूचना पुलिस को दे दी। सेक्टर-26 थाना पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ आईपीसी की धारा 387 और 507 के तहत मामला दर्ज कर रंगदारी मांगने वाले की तलाश शुरू कर दी है।

पुलिस के अनुसार, मोहाली निवासी दिव्य मलिक सेक्टर-26 स्थित बुलवार्ड डिस्को के मालिक हैं। उनके मोबाइल पर बीती मंगलवार देर शाम को इंटरनेट नंबर से एक व्हॉटसएप कॉल आई। कॉल करने वाले ने खुद को गैंगस्टर लारेंस बिश्नोई बताते हुए कहा कि ‘अपनी सिक्योरिटी के लिए मंथली दोगे या सालाना।’ इतना सुनते ही दिव्य मालिक ने जवाब दिया वह शहर के बाहर हैं।

इसके बाद खुद को लारेंस बिश्नोई बताने वाले ने कहा कि ठीक है अपने पार्टनर से सलाह करके मुझे बता देेना, नहीं तो अंजाम बुरा होगा। यह बात सुनकर डिस्को मालिक सहम गए और अगले दिन शहर वापस लौटने के बाद मामले की सूचना पुलिस को दी। शिकायत के आधार पर सेक्टर-26 थाना पुलिस ने जांच के बाद मामला दर्ज किया। सूत्रों की मानें तो कॉल के दौरान खुद को लारेंस बिश्नाई बताने वाला पंजाबी में बात कर रहा था।

 
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चंडीगढ़ः गृहमंत्री अमित शाह के आने से पहले बस स्टैंड पर बम की अफवाह, अफसरों में मचा हड़कंप

गृहमंत्री अमित शाह के चंडीगढ़ आने से एक दिन पहले सेक्टर-17 स्थित बस स्टैंड पर बम की सूचना से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में बम स्क्वॉड समेत पुलिस के आलाधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर पूरे बस स्टैंड पर करीब तीन घंटे तक सर्च अभियान चलाया। इस दौरान बस स्टैंड पर मौजूद यात्री भी दहशत में रहे। सर्च के बाद बम नहीं मिलने पर पुलिस प्रशासन और यात्रियों ने राहत की सांस ली।

पुलिस के अनुसार, बुधवार देर रात करीब 12.30 बजे किसी ने पुलिस को सेक्टर-17 स्थित अंतरराज्यीय बस स्टैंड पर बम रखे होने की सूचना दी। सूचना मिलते पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में डीएसपी दिलीप रतन, ऑपरेशन सेल के एसएचओ जसविदंर सिंह, नाइट चेकिंग अफसर सेक्टर-3 थाना प्रभारी नीरज सरना सहित बम स्क्वॉड टीम मौके पर पहुंची और सघन चेकिंग अभियान चलाया गया।

सभी यात्रियों के सामानों की जांच के साथ यहां मौजूद दुकानों, लावारिस पड़े सामानों की गहनता से तलाशी शुरू की गई। करीब तीन घंटे तक चेकिंग अभियान चलाने के बाद जब कुछ नहीं मिला तो सभी ने राहत की सांस ली। पुलिस जांच में सामने आया है कि कॉल करने वाले युवक का नंबर मुकेरियां का है, लेकिन नंबर पिछले काफी समय से स्विच्ड ऑफ रहा हैै।

एक माह पहले एलांते मॉल में बम की सूचना से मचा था हड़कंप
बता दें कि बीते करीब एक महीने पहले एलांते मॉल में बम रखे होने की सूचना पर महकमे में हड़कंप मच गया था। पुलिस टीम ने पूरे मॉल को खाली करवाकर करीब पांच घंटे तक तलाशी अभियान चलाया था, लेकिन बम नहीं मिला। इसके बाद इंडस्ट्रियल थाना पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज किया था। फिलहाल अभी तक मामला अनसुलझा है।
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सिटी के युवराज ने जीता फीडर टूर

चंडीगढ़। सिटी के स्टार गोल्फर युवराज सिंह संधू पीजीटीआई फीडर टूर गोल्फ ट्राफी जीतने में कामयाब रहे। युवराज सिंह की फीडर टूर में यह दूसरी जीत है। टूर्नामेंट का आयोजन नोएडा के जेपी ग्रीन गोल्फ क्लब में किया गया। इसमें फाइनल राउंड में युवराज सिंह संधू ने कांटे की टक्कर में दिल्ली के वासिम खान को पछाड़ते हुए जीत हासिल की। युवराज ने ट्राफी और एक लाख रुपये इनामी राशि जीती। टूर का आखिरी टूर्नामेंट अभी खेला जाना है। इसमें बेहतर प्रदर्शन कर युवराज पीजीटीआई फीडर टूर की मेरिट लिस्ट में अच्छी पोजिशन पर पहुंच सकते हैं। युवराज ने तीन दिवसीय फीडर टूर में वीरवार को 62,63,60 के साथ कुल 185 अंक पर खेल खत्म किया।
इससे पहले युवराज सिंह फीडर टूर का तीसरा टूर्नामेंट करनाल में जीत चुके हैं। अब नोएडा में यह उनका दूसरा टाइटल रहा। युवराज ने कहा कि आखिरी राउंड का मुकाबला बेहद कठिन था। मुकाबले में काफी दबाव था, लेकिन खुद को कूल रखते हुए खेल को जारी रखा। 9वें होल में बेहतर स्टार्ट मिला और आखिरी होल तक कायम रखा। बंकर शॉट मेरे लिए दिन का सबसे बेहतर शॉट रहा।
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देश से 18 फुटबॉल टीमों के खिलाड़ी शहर में दमखम दिखाने पहुंचेंगे

चंडीगढ़। एडमिनिस्ट्रेटर चैलेंजर कप ऑल इंडिया फुटबॉल टूर्नामेंट 22 से 30 सितंबर तक सिटी में खेला जाएगा। इसके मुकाबले सेक्टर 7 स्पोर्ट्स कांप्लेक्स, सेक्टर 46 स्पोर्ट्स कांप्लेक्स, सेक्टर 42 स्पोर्ट्स कांप्लेक्स में खेले जाएंगे। यूटी खेल विभाग इस बार अंडर 14 आयु वर्ग के लिए इस टूर्नामेंट को कराने जा रहा है। टूर्नामेंट ऑल इंडिया फुटबॉल फेडरेशन के नियमाें के मुताबिक खेला जाएगा।
टूर्नामेंट संबंधी एक प्रेसवार्ता को आयोजन शुक्रवार को सुखना लेक स्थित स्पोर्ट्स कांप्लेक्स में किया गया। इसमें यूटी खेल विभाग के डायरेक्टर स्पोर्ट्स तेजदीप सिंह सैनी पहुंचे। तेजदीप सिंह ने बताया कि ग्रास रूट से फुटबॉल खिलाड़ियाें को उभारने के लिए यूटी प्रशासन का खेल विभाग लगा है। इसी के अंतर्गत अंडर 14 आयु वर्ग के लिए यह टूर्नामेंट कराया जा रहा है। टूर्नामेंट में 36 मुकाबले खेले जाएंगे। टूर्नामेंट में देश से 18 फुटबॉल टीमें शिरकत कर रही हैं।
लाखों में मिलेगी इनामी की राशि
एडमिनिस्ट्रेटर चैलेंजर कप ऑल इंडिया फुटबॉल टूर्नामेंट का 22 सितंबर से स्पोर्ट्स कांप्लेक्स सेक्टर 7 में आगाज होगा। 30 सितंबर को समापन समारोह में यूटी के प्रशासक और पंजाब के गवर्नर वीपी सिंह बदनौर मुख्य मेहमान होंगे। वे विजेता और उपविजेता खिलाड़ियाें को इनामी राशि देकर सम्मानित करेंगे। इस वर्ष विजेता टीम को 2 लाख, उपविजेता टीम को 1 लाख, तीसरे स्थान की टीम को 75 हजार रुपये की इनामी राशि दी जाएगी।
डॉक्टराें का पैनल करेगा जांच
टूर्नामेंट में ओवरएज की समस्या से निपटने के लिए यूटी के खेल विभाग ने कमर कसी है। टूर्नामेंट में खिलाड़ियाें की उम्र को जांचने के लिए डॉक्टरों के पैनल की मदद ली जाएगी।
ये टीमें लेंगी हिस्सा
एडमिनिस्ट्रेटर फुटबॉल टूर्नामेंट में चंडीगढ़ की दो टीमें चंडीगढ़ फुटबॉल अकादमी और चंडीगढ़ फुटबॉल एसोसिएशन हिस्सा ले रहीं हैं। इसके अलावा टूनामेंट में फुटबॉल कोचिंग सेंटर आसाम, कुलजीत फुटबॉल अकादमी अमृतसर, सुखदेव अकादमी दिल्ली, फुटबॉल क्लब तेलंगाना, यूनाइटेड पंजाब फुटबॉल क्लब पठानकोट, बाइचुंग भूटिया फुटबॉल स्कूल दिल्ली, फुटबॉल अकादमी मणिपुर, फुटबॉल अकादमी गुजरात, फुटबॉल क्लब अहमदाबाद, दिल्ली सॉकर एसोसिएशन, यूथ एसोसिएशन मणिपुर, स्पोर्ट्स अकादमी मणिपुर, साउथहॉल फुटबॉल अकादमी पंजाब, फुटबॉल क्लब चेन्नई, वेस्ट बंगाल फुटबॉल क्लब, फुटबॉल स्कूल मुंबई की टीमें हिस्सा ले रही हैं।
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एनडीपीएस मामले के दोषी को दस साल कैद, एक लाख जुर्माना

चंडीगढ़। 16 प्रतिबंधित इंजेक्शन के साथ गिरफ्तार किए दोषी को 10 साल कैद का फैसला सुनाया गया। यह फैसला एडिशनल डिस्ट्रिक्ट एंड सेशन जज संजीव जोशी की अदालत ने शुक्रवार को सुनाया। कोर्ट ने दोषी पर एक लाख रुपये जुर्माना भी लगाया है। दोषी की पहचान सेक्टर-35 निवासी महेश नेगी (22) के रूप में हुई है।
मामला 28 सितंबर, 2017 का है। पुलिस सेक्टर-61/52 की डिवाडिंग रोड पर नाका लगाकर वाहनों की चेकिंग कर रही थी। दोपहर करीब दो बजकर दस मिनट पर मोहाली के वाईपीएस चौक से एक व्यक्ति आता हुआ दिखाई दिया। उसके हाथ में एक लिफाफा था। पुलिस को देखकर वह सहम गया और पीछे मुड़कर तेज कदमों से चलने लगा। पुलिस ने शक के दौरान दौड़कर उसे पकड़ लिया। तलाशी लेने पर उससे 16 प्रतिबंधित इंजेक्शन बरामद हुए। पुलिस के पूछने पर वह कोई लाइसेंस या परमिट नहीं दिखा पाया। उसके बाद पुलिस ने दोषी पर मामला दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया था।
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महिला के गले की चेन छीनकर भागे बाइक सवार

मनीमाजरा। बाजार जा रही महिला से मोटरसाइकिल सवार दो युवकों द्वारा चेन स्नैचिंग का मामला पुलिस के सामने आया है। सूचना पाते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने इलाके में नाकाबंदी कर आरोपियों को पकड़ने की मुहिम चला दी थी।
पुलिस के अनुसार शुक्रवार दोपहर 12 बजे माता राजा कौर गुरुद्वारे से सामने से देहरा साहिब मोहल्ले की रहने वाली अनीता रानी कुछ सामान लेने मनीमाजरा टाउन जा रही थीं। जैसे ही वो शांति नगर की गली नंबर-0 के पास पहुंचीं तो पीछे से मोटरसाइकिल सवार दो युवक आए और उसके गले से सोने की चेन झपटकर फरार हो गए। इससे पहले कि महिला मोटरसाइकिल का नंबर नोट कर पातीं दोनों मोटरसाइकिल सवार आंखों से ओझल हो गए।
महिला ने बताया कि बाइक के पीछे जो युवक बैठा था उसने काले रंग की टीशर्ट पहनी थी। अचानक छीना-छपटी होने से वे घबराकर बेसुध हो गईं। वहां के दुकानदारों ने पानी आदि पिलाया, उसके बाद घटना की सूचना कंट्रोल रूम को दी। सूचना मिलते ही मनीमाजरा थाना प्रभारी रणजीत सिंह घटनास्थल पर पहुंचे। जानकारी हासिल करने के बाद, घटनास्थल के आसपास लगे सभी सीसीटीवी कैमरों की जांच करने के लिए पुलिस कर्मचारियों को लगा दिया। पुलिस ने महिला की शिकायत पर मामला दर्ज कर आरोपियों को पकड़ने की मुहिम चला दी है।
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कोर्ट पहुंचा चालान तो पता चला कि 189 बार पहले भी कट चुका है चालान

चंडीगढ़। सेक्टर 39 निवासी संजीव का 26 जुलाई को यू टर्न का चालान कटा था। शुक्रवार को उसका चालान अदालत पहुंचा। जब उस वाहन नंबर की जांच की तो पता चला कि उस नंबर की बाइक का 189 बार पहले चालान कट चुका है। ये सभी चालान पेंडिंग पड़े हैं। इस बारे में जब बाइक मालिक संजीव को पता चला तो उसके होश उड़ गए। वह खुद हैरान था कि उसे इस बारे में क्यों नहीं पता चला। जांच में यह भी पता चला है कि ये सारे चालान सीसीटीवी कैमरे में कैद ट्रैफिक नियम वायलेशन करने पर काटे गए हैं। संजीव सेक्टर 34 में एक इश्योरेंस कंपनी में काम करते हैं और उन्होंने डेढ़ साल पहले सेकेंड हैंड बाइक खरीदी थी। ये सभी चालान 2017 से लेकर जुलाई 2019 के बीच काटे गए हैं।
इस बारे में जब ट्रैफिक पुलिस से बात की गई तो उनका कहना था कि यह असंभव है। यदि किसी का इतनी बार चालान कटता है तो उसकी जानकारी हमारे पास होती है। ट्रैफिक पुलिस के पास जो रिकार्ड है, उसके मुताबिक एक दूध वाले का 35 बार से ज्यादा चालान कट चुका है। उससे ज्यादा किसी भी दूसरे व्यक्ति का चालान नहीं कटा है। ट्रैफिक पुलिस का कहना है कि जब भी किसी का सीसीटीवी के तहत ट्रैफिक नियमों के वायलेशन का चालान कटता है तो उसे मैसेज भेजकर उसकी जानकारी दी जाती है। जब रिस्पांस नहीं मिलता है तो उसे नोटिस भेजा जाता है। इतने में अधिकतर लोग आ ही जाते हैं। ट्रैफिक पुलिस का यह भी कहना है कि आनलाइन चालान काटने की व्यवस्था साल 2018 से लागू हुई है, जबकि बाइक के चालान साल 2017 से पेंडिंग हैं। ऐसे में कोई न कोई तकनीक खामी जरूर है। संजीव अब सोमवार को चालान भरने जाएंगे, तभी इस संबंध में खुलासा हो सकेगा।
दूध वाले के नाम सबसे ज्यादा चालान
ट्र्रैफिक पुलिस के पास अब तक जिस शख्स के नाम सबसे ज्यादा चालान हैं, वह एक दूध वाला है। उसके अब तक 35 से ज्यादा चालान कट चुके हैं। सभी चालान हेलमेट नहीं पहनने पर काटे गए हैं। इतने चालान कटने के बावजूद वह हेलमेट नहीं पहनता था। बाद में ट्रैफिक पुलिस ने उसकी काउंसलिंग की, तब जाकर दूध वाला हेलमेट पहनने के लिए तैयार हुआ।
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23 को सेक्टर 17 में होगा पब्लिक बाइक शेयरिंग का ट्रायल

चंडीगढ़। चंडीगढ़ स्मार्ट सिटी योजना के तहत 23 सितंबर को सेक्टर 17 में पब्लिक बाइक शेयरिंग प्रोजेक्ट का ट्रायल होगा। सेक्टर में 13 डॉकिंग स्टेशन बनाए गए हैं, जहां से लोग साइकिल ले सकेंगे। लोगों का अच्छा रिस्पांस मिला तो साइकिल खरीदने के लिए टेंडर किया जाएगा।
स्मार्ट सिटी के जीएम एनपी शर्मा ने बताया कि लोगों का रुझान समझने के लिए पंचकूला से साइकिल मंगवाई जा रही हैं। 35 साइकिलें मंगवा ली गई हैं। इन्हें सेक्टर 17 में 13 अलग-अलग जगह रखा जाएगा। सेक्टर 17 साइक्लिंग के लिए अच्छा सेक्टर है। ज्यादातर लोग यहां आते भी हैं। यही वजह है कि इस सेक्टर से ट्रायल शुरू कर रहे हैं। इसके लिए लोग अपनी आईडी कार्ड जमा कर साइकिल का उपयोग कर सकेंगे।
प्लानिंग बाद में लेकिन पंचकूला ने शुरुआत पहले की
पंचकूला ने चंडीगढ़ के बाद प्लानिंग की और इसकी शुरुआत भी कर दी है, जबकि चंडीगढ़ में अब पंचकूला से साइकिल मंगवाकर ट्रायल की शुरुआत की जा रही है। चंडीगढ़ पहले लोगों का रुझान जानना चाहता है। अगर ट्रायल सफल रहा तो इसके टेंडर किए जाएंगे। उधर, लोगों का भी कहना है कि साइकिल ट्रैक तो बनवा दिए, लेकिन सुविधा अब तक शुरू नहीं हुई।
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पीजीआई में रात के वक्त खुद से चलती व्हीलचेयर का वीडियो वायरल

चंडीगढ़। पीजीआई के नवनिर्मित 334 बेड के हास्पिटल गेट के सामने खुद से चलती व्हीलचेयर के एक वीडियो ने होश उड़ा दिए हैं। जिसने भी यह वीडियो देखा है, वह एक बार सोचने पर जरूर मजबूर हो गया है आखिर बिना किसी बल के वह व्हीलचेयर आगे कैसे बढ़ी। यह वीडियो एक दो दिन पुराना है। वीडियो के मुताबिक रात में गेट के साइड पर एक व्हीलचेयर है, जो खुद से आगे बढ़ती है और गेट के सामने से गुजर कर आगे निकल जाती है। उस दौरान सिक्योरिटी गार्ड गेट से बाहर निकलता है वह भी देखकर दंग रह जाता है। वीडियो को देखकर एक बार लगा कि कहीं किसी ने शरारत तो नहीं की है। या फिर कोई ऑटोमैटिक व्हीलचेयर तो नहीं थी।
पीजीआई के सिक्योरिटी आफिसर ने दोनों ही एंगल से जांच की, मगर कुछ भी नहीं मिला है। कुछ सिक्योरिटी अफसर का कहना है कि दो दिन पहले तेज हवाएं चली थीं। संभव है कि उससे व्हील चेयर आगे बढ़ी हो। अब सवाल यह है कि उसके आसपास भी व्हीलचेयर है, लेकिन वह आगे क्यों नहीं बढ़ी। फिलहाल, शुक्रवार को यह वीडियो चंडीगढ़ के व्हाट्सअप पर वायरल रहा और चरचा का विषय बना रहा। कुछ साल पहले भी इसी तरह का एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें पोस्टमार्टम हाउस के बाहर पड़ा स्ट्रेचर खुद से चल पड़ा था। काफी दूर तक वह चलता रहा और अपने ही मूव होता रहा। यह वीडियो भी सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुआ था।
पीजीआई के नवनिर्माण हास्पिटल के बाहर से व्हीलचेयर जाती।
पीजीआई के नवनिर्माण हास्पिटल के बाहर से व्हीलचेयर जाती।
पीजीआई के नवनिर्माण हास्पिटल के बाहर से व्हीलचेयर जाती।
पीजीआई के नवनिर्माण हास्पिटल के बाहर से व्हीलचेयर जाती।
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अब बनेगा रिंग रोड, जमीन देने के लिए पंजाब ने नॉर्दर्न जोनल काउंसिल मीटिंग में भरी हामी

चंडीगढ़। ट्राइसिटी में ट्रैफिक कंजेशन कम करने के लिए अटका रिंग रोड प्रोजेक्ट अब केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के हस्तक्षेप के बाद रफ्तार पकड़ेगा। पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ की मदद से बनने वाले रिंग रोड पर शुक्रवार को अमित शाह की अध्यक्षता में 29वीं नॉर्दर्न जोनल काउंसिल मीटिंग में चर्चा हुई। अपने एरिया में 700 मीटर का पुल बनाने को जमीन देने के लिए पंजाब सरकार ने हामी भर दी है। साथ ही मोहाली में इंटरनेशनल एयरपोर्ट से पंचकूला के सेक्टर 20-21 तक बनने वाली रिंग रोड पीआर 7 के निर्माण के लिए भी पंजाब ने सहमति जताई है।
मीटिंग में हरियाणा सरकार ने बताया कि पंजाब से मिलने वाली सड़क के लिए पंचकूला के सेक्टर-24 से 25 तक लगभग 700 मीटर तक बेहतर कनेक्टिविटी के लिए घग्गर नदी पर पुल का निर्माण किया जाना है। इस प्रक्रिया को शुरू करने के लिए सरकार के प्रिंसिपल सेक्रेटरी के स्तर की मीटिंग हुई। इसमें यह तय हुआ कि सड़क बनाने के लिए हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) को वन भूमि सौंपने के लिए पंजाब और वन विभाग के अधिकारियों की ओर से जमीन का सीमांकन किया जाएगा। एचएसवीपी ने सीमांकन कर लिया, लेकिन पंजाब की तरफ से जमीन नहीं दी गई। इसके बाद रिंग रोड बनाने का प्रोजेक्ट लटक गया था। नॉर्दर्न जोनल काउंसिल मीटिंग में इस मुद्दे को उठाने के बाद केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने पंजाब से पूछा, जिसके बाद पंजाब ने इसके लिए हामी भर दी। कहा गया कि वह पुल बनाने के लिए जमीन हरियाणा को जल्द दे देंगे, जिसके बाद हरियाणा उस पर निर्माण कार्य शुरू कर सकता है। इस बैठक में पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, राजस्थान के मुख्यमंत्री उपस्थित रहे। जम्मू-कश्मीर के गवर्नर, दिल्ली के एलजी और चंडीगढ़ के प्रशासक वीपी सिंह बदनौर भी उपस्थित रहे।
इसलिए ट्राइसिटी को रिंग रोड की जरूरत
चंडीगढ़ को एक से डेढ़ लाख लोगों के रहने के लिए बसाया गया था, लेकिन अब सिटी की आबादी 12 लाख तक पहुंच चुकी है। जनसंख्या बढ़ने के साथ ही शहर की सड़कों पर वाहनों का दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है। इतना ही नहीं, पड़ोसी राज्यों से रोजाना करीब डेढ़ लाख से अधिक छोटे व बड़े वाहन सिटी में प्रवेश कर इस दबाव को और बढ़ा रहे हैं। नतीजतन शहर और बाहरी वाहनों के बढ़ते दबाव के चलते शहर की सड़कें कराह उठी हैं। ट्रिब्यून चौक, हल्लोमाजरा चौक समेत शहर के कई अन्य चौक-चौराहे जाम की गिरफ्त में रहते हैं। खासकर सुबह और शाम को वाहन चालकों को जाम का झाम झेलना पड़ता है। यही वजह है कि बीते दो साल से चंडीगढ़ में रिंग रोड बनाने की मांग चल रही है।
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किडनी कांड: कमेटी ने पीजीआई को दी क्लीन चिट

चंडीगढ़। मणिपुर से चंडीगढ़ में किडनी ट्रांसप्लांट के लिए लाई गई महिला के मामले में गठित कमेटी ने पीजीआई को क्लीन चिट दे दी है। कमेटी के मुताबिक इस मामले में पीजीआई का कोई रोल नहीं मिला है। मणिपुर के जिन लोगों के किडनी ट्रांसप्लांट पीजीआई में हुए हैं, उनमें शामिल डोनर और रिसीपीएंट के सभी कागजात को चेक किया गया, जो पूरी तरह से सही पाए गए हैं। डोनर को चेक करने का पीजीआई का जो तरीका है, वह भी मजबूत है। कमेटी ने अपनी रिपोर्ट पीजीआई डायरेक्टर को सौंप दी है। साथ ही कुछ सुझाव भी दिए हैं, जिन्हें पीजीआई जल्द ही लागू करेगा। इससे सिस्टम और मजबूत हो जाएगा।
इसी महीने की शुरुआत में चंडीगढ़ पुलिस के हाथ मणिपुर की एक महिला लगी थी। जांच में पता चला है कि उस महिला का पीजीआई में किडनी ट्रांसप्लांट होना था, इसलिए उसे मणिपुर से यहां लाया गया था। यह भी बात उठी कि पीजीआई में पहले भी इस तरह के मामले हो चुके हैं। उसके बाद पीजीआई डायरेक्टर प्रो. जगतराम ने तीन सदस्यीय एक कमेटी गठित की। इसमें डीन रिसर्च प्रो. डा. अरविंद राजवंशी को कमेटी का चेयरमैन बनाया गया, जबकि डा. विपिन कौशल और डा. सुरजीत सिंह को मेंबर बनाया। कमेटी को एक हफ्ते में रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए थे। कमेटी के चेयरमैन डा. अरविंद राजवंशी का कहना है कि जांच में हमें पीजीआई का कोई रोल नहीं मिला है। न ही पीजीआई का कोई व्यक्ति शामिल है।
इनके रिकार्ड चेक किए गए
पीजीआई ने अपनी जांच में उन केसों पर फोकस किया, जो मणिपुर के थे। जांच के दौरान देखा गया कि दो साल के भीतर मणिपुर के कुल 15 लोगों को ट्रांसप्लांट हुआ था। इनमें आठ वे थे, जो पति-पत्नी थे। शक की सुई इन्हीं लोगों पर थी, क्योंकि इनके संबंध की जांच करना थोड़ा मुश्किल होता था, जो भाई-बहन, पिता-पुत्र व मां-पुत्र उनके डीएनए सैंपल से पता चल जाता है। आठ दंपती के सभी कागज निकाले गए। उन्हें वेरिफाई किया गया। उसके बाद अथॉरिटी से चेक किए गए। उस व्यक्ति को भी बुलाया गया, जो खुड्डा लाहौरा में रहकर मणिपुर के लोगों के साथ को-आर्डिनेट करता है। उसकी भी जांच की गई, वह भी पाक-साफ निकला है।
जो पकड़ी गई थी महिला, वह रजिस्टर्ड नहीं थी महिला
मणिपुर की जो महिला थी, उसका नाम पीजीआई के नेफ्रोलाजी डिपार्टमेंट में रजिस्टर्ड भी नहीं था। उसके नाम के सारे कागजात खंगाल डाले गए, मगर उसके नाम का कोई कागज नहीं मिला था। पुलिस का कहना था कि उसकी जांच पीजीआई में हो रही थी। कमेटी को इसका भी कोई रिकार्ड नहीं मिला है। ट्रांसप्लांट से पहले डोनर व रिसीपीएंट का नाम डिपार्टमेंट में दर्ज कराना होता है।
कमेटी ने दिए हैं ये सुझाव
कमेटी ने जांच के दौरान पाया है कि डोनर व रिसीपीएंट के कागज चेक करने वाले व्यक्ति की संख्या काफी कम है, जबकि काम का बोझ ज्यादा। सिस्टम को फुलप्रूफ बनाने के लिए तीन व्यक्तियों की और जरूरत है। दूसरा सुझाव कमेटी में लीगल मेंबर को शामिल करने का दिया गया है। पीजीआई का जो सिस्टम है जांच का, उसमें बदलाव की कोई जरूरत नहीं है।
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आईएएस अर्पूवा कुमार के गनमैन ने खुद को सर्विस रिवॉलवर गोली मारकर की आत्महत्या

चंडीगढ़। हरियाणा सरकार के टाउन एंड कंट्री प्लानिंग डिपार्टमेंट के प्रिंसिपल सेक्रेटरी आईएएस एके सिंह के गनमैन ने खुद को सर्विस रिवाल्वर से कनपटी पर गोली मारकर आत्महत्या कर ली। घटना सेक्टर-39 स्थित गनमैन के सरकारी आवास की है। गोली की आवाज सुनकर परिवार कमरे में पहुंचा तो गनमैन की मौत हो चुकी थी। कमरे में शराब की बोतल बिखरी पड़ी थीं। इसके बाद मामले की सूचना पुलिस को दी गई। मृतक की पहचान सेक्टर-39 निवासी सोनू कुमार (35) के रूप में हुई है। पुलिस को घटनास्थल से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है।
घटना शुक्रवार शाम करीब 6.30 बजे की है। पुलिस को सूचना मिली कि सेक्टर-39 के मकान नंबर 1331 में एक कांस्टेबल ने खुद को गोली मार ली है। सेक्टर-39 थाना प्रभारी अमनजोत सिंह टीम के साथ पहुंचे। पुलिस जांच में सामने आया कि युवक का नाम सोनू कुमार था। पुलिस ने सोनू के घरवालों का बयान दर्ज किया।
पुलिस को बताया गया कि सोनू हरियाणा के आईएएस एके सिंह के साथ गनमैन ड्यूटी पर तैनात था। एके सिंह सेक्टर-16 स्थित सरकारी कोठी में रहते हैं। वह इन दिनों विदेश गए हुए हैं। इसके चलते वह 3-4 दिन की छुट्टी पर था। शुक्रवार को सोनू अपने बेटे-बेटी व अन्य के साथ शॉपिंग करने मार्केट गया। शॉपिंग करने के बाद किसी का फोन आया तो सोनू को सेक्टर-7 चला गया। इस बीच बच्चे ट्यूशन पढ़ने चले गए थे। थोड़ी देर बाद सोनू वापस अपने घर आया और सीधा पिछले कमरे में गया। जहां पर अंदर से दरवाजा जोर से मारा। इसके बाद सोनू ने पहले गुस्से में घर पर पड़ी शराब की दो बोतलों को आपस में टकराकर फोड़ दिया। जब तक घरवाले कमरे तक पहुंचते अलमारी से अपनी सर्विस रिवाल्वर निकाली और खुद को गोली मार ली। सेक्टर-39 थाना पुलिस ने 174 के तहत मामले की कार्रवाई शुरू कर दी है। वहीं, पुलिस अब पता लगाएगी कि गोली मारने से पहले किससे मिलकर आया था।
दो दिन बाद जाना था वैष्णो देवी
बताया जा रहा है कि सोनू अपने परिवार के साथ दो दिन बाद वैष्णो देवी जाने वाला था। इसके चलते सेक्टर-22 स्थित मार्केट से शॉपिंग कर परिवार वापस लौटा था। उन्होंने टिकटों की बुकिंग भी करवा ली थी और सारा सामान भी पैक कर लिया था, लेकिन वैष्णो देवी जाने से पहले ही खुद को गोली से उड़ा लिया। वहीं, पुलिस अब पता लगा रही है कि उसने किन कारणों से गोली चलाई।
सोनू के एक बेटी और बेटा
सोनू सेक्टर-39 स्थित सरकारी आवास में अपने 12 साल के बेटे 16 साल की बेटी के साथ रहता था। बेटा सातवीं और बेटी नौवीं क्लास में पढ़ाई करती है। पड़ोसियों का कहना है कि मृतक सोनू की पहली पत्नी की हादसे में मौत हो गई थी। दूसरी के साथ विवाद चल रहा है और अब वह तीसरी के साथ रह रहा था।
आज होगा पोस्टमार्टम
घटना के बाद एरिया में सनसनी फैल गई। मौके पर आसपास के लोग जमा हो गए। बताया गया कि पिछले करीब डेढ़ साल से परिवार यहां रहता था। फिलहाल पुलिस ने शव को जीएमएसएच-16 की मोर्चरी में रखवा दिया है, जहां शनिवार को पोस्टमार्टम करवाने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया जाएगा।
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पंचकूला में मलेरिया के बाद अब डेंगू के सामने आए सात केस

जिले में अब मलेरिया के बाद डेंगू भी तेजी से फैल रहा है। पंचकूला में अभी तक सात डेंगू के केस सामने आए हैं। जनवरी से सितंबर तक मलेरिया के 42 केस और डेंगू के सात केस सामने आए हैं। पंचकूला स्वास्थ्य विभाग चेकिंग और नोटिस देने के बाद भी डेंगू का लारवा लोगों के घरों में मिल रहा है। सितंबर में लगातार केस बढ़ने के बाद भी निगम की ओर से दवाओं का छिड़काव समय पर नहीं हो पा रहा है। इस कारण लोगों को परेशानी हो रही है। पंचकूला स्वास्थ्य विभाग के मलेरिया और डेंगू विंग के डॉ. राजीव नरवाल ने बताया कि चेकिंग के बाद अब तक 250 लोगों को नोटिस दे चुके हैं। दोबारा चेकिंग के बाद भी लोगों के घरों में डेंगू का लारवा मिला है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से लोगों को जागरूक करने के लिए डेंगू को लेकर गाइडलाइन जारी की गई है। इसके बाद भी अभी तक कोई सुधार नहीं हो पाया है। नगर निगम और एचएसवीपी की ओर से भी चेकिंग नहीं की जा रही हैं।
चेकिंग के दौरान मिला लारवा
चेकिंग के दौरान इस बार जिला प्रशासन की बिल्डिंग, सेक्टर-एक पोस्ट ग्रेजुएट गवर्नमेंट कालेज, डिस्पेंसरी में डेंगू के लारवा मिला है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से नोटिस दिया गया। इसके बाद भी यहां पूरी सफाई नहीं हो पाई है। शहर के सेक्टर-5 के पार्कों का तालाब में गंदगी जमा है। वहीं वाटिका पार्क, खड़क मंगोली से होकर गुजरने वाले नाले की सफाई नहीं हो रही। वहीं, सेक्टर-11, 14, 15, कालका, पिंजौर में लोग पानी ड्रमों और खुले बर्तनों में जमा कर रखते हैं।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से मच्छरों को पैदा होने से रोकने के उपाय
पंचकूला स्वास्थ्य विभाग के मलेरिया और डेंगू विंग के हेड डॉ. राजीव नरवाल ने बताया लोगों को मच्छरों से बचाव करना चाहिए। स्वास्थ्य विभाग की ओर से यह गाइडलाइन जारी की गई हैं।
- घर या ऑफिस के आसपास पानी जमा न होने दें, गड्ढों को मिट्टी से भर दें, रुकी हुई नालियों को साफ करें।
- अगर पानी जमा होेने से रोकना मुमकिन नहीं है तो उसमें पेट्रोल या केरोसिन ऑयल डालें।
- रूम कूलरों, फूलदानों का सारा पानी हफ्ते में एक बार और पक्षियों को दाना-पानी देने के बर्तन को रोज पूरी तरह से खाली करें, उन्हें सुखाएं और फिर भरें। घर में टूटे-फूटे डिब्बे, टायर, बर्तन, बोतलें आदि न रखें। अगर रखें तो उलटा करके रखें।
- डेंगू के मच्छर साफ पानी में पनपते हैं, इसलिए पानी की टंकी को अच्छी तरह बंद करके रखें।
- घर की खिड़कियों और दरवाजों पर महीन जाली लगवाकर मच्छरों को घर में आने से रोकें।
- मच्छरों को भगाने और मारने के लिए मच्छरनाशक क्रीम, स्प्रे, मैट्स, कॉइल्स आदि इस्तेमाल करें। गुग्गुल के धुएं से मच्छर भगाना अच्छा देसी उपाय है।
- घर के अंदर सभी जगहों में हफ्ते में एक बार मच्छरनाशक दवा का छिड़काव जरूर करें। यह दवाई फोटो-फ्रेम्स, पर्दों, कैलेंडरों आदि के पीछे और घर के स्टोर-रूम और सभी कोनों में जरूर छिड़कें। दवाई छिड़कते वक्त अपने मुंह और नाक पर कोई कपड़ा जरूर बांधें। साथ ही, खाने-पीने की सभी चीजों को ढंककर रखें।
मच्छरों के काटने से बचाव
- ऐसे कपड़े पहने, जिससे शरीर का ज्यादा-से-ज्यादा हिस्सा ढका रहे। खासकर बच्चों के लिए यह सावधानी बहुत जरूरी है। बच्चों को मलेरिया सीजन में निक्कर व टी-शर्ट न पहनाएं।
- बच्चों को मच्छर भगाने की क्रीम लगाएं।
- रात को सोते समय मच्छरदानी लगाएं।
यह रहे हैं दो साल के केस
वर्ष मलेरिया डेंगू
2018 44 8
2019 42 7
स्वास्थ्य विभाग की ओर से चेकिंग की जा रही है। जहां भी लारवा मिल रहा है, उन्हें नोटिस देकर सफाई करने के लिए कहा जा रहा है। डेंगू और मलेरिया विंग की टीमें इसे रोकने के लिए अपना काम कर रही हैं।
- योगेश शर्मा, सीएमओ, जनरल अस्पताल सेक्टर-6
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