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Punjab: खन्ना के रिहायशी इलाके में प्लास्टिक फैक्टरी में लगी भीषण आग, प्रशासन पर उठे गंभीर सवाल
सार
स्थानीय लोगों का आरोप है कि फायर ब्रिगेड की सिर्फ एक ही गाड़ी मौके पर पहुंची, जो पानी खत्म होने के बाद दोबारा भरने गई तो काफी देर तक वापस नहीं लौटी। इस दौरान लोगों ने खुद ही आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन प्लास्टिक फैक्ट्री होने के कारण आग तेजी से फैलती रही और धुआं भी काफी ज्यादा था।
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आग पर काबू का प्रयास करता युवक
- फोटो : संवाद
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विस्तार
खन्ना के एक रिहायशी इलाके वल्लभ मिल रोड में स्थित प्लास्टिक फैक्ट्री में रविवार सुबह करीब 8 बजे अचानक भीषण आग लग गई, जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। आग इतनी तेजी से फैली कि फैक्ट्री के साथ खड़े पेड़-पौधे और घास तक आग की चपेट में आ गए।
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मौके पर मौजूद लोगों के अनुसार, आग से लाखों रुपये का नुकसान हुआ है, हालांकि राहत की बात यह रही कि कोई जानी नुकसान नहीं हुआ। घटना के बाद फायर विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि फायर ब्रिगेड की सिर्फ एक ही गाड़ी मौके पर पहुंची, जो पानी खत्म होने के बाद दोबारा भरने गई तो काफी देर तक वापस नहीं लौटी। इस दौरान लोगों ने खुद ही आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन प्लास्टिक फैक्ट्री होने के कारण आग तेजी से फैलती रही और धुआं भी काफी ज्यादा था।
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शिवसेना नेता अवतार मोरिया ने इस घटना पर प्रशासन को घेरते हुए कहा कि उन्होंने पिछले 8 महीनों से इस फैक्ट्री को लेकर आरटीआई डाली हुई है और कई बार फोन के माध्यम से भी जानकारी मांगी, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। उन्होंने सवाल उठाया कि रिहायशी इलाके में फैक्ट्री चलाने की अनुमति किस कानून के तहत दी गई और क्या इस फैक्ट्री के पास फायर विभाग की एनओसी है या नहीं।
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उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन हमेशा किसी बड़े हादसे या जनहानि के बाद ही हरकत में आता है, उससे पहले नहीं। यह फायर विभाग और नगर कौंसिल की बड़ी लापरवाही है। स्थानीय लोगों ने भी नगर कौंसिल खन्ना पर सवाल उठाते हुए कहा कि करोड़ों के बजट के बावजूद शहर में सिर्फ एक ही फायर ब्रिगेड गाड़ी होना चिंताजनक है। ऐसे में आपात स्थिति से निपटने के लिए पर्याप्त संसाधन क्यों नहीं उपलब्ध कराए जा रहे, यह बड़ा सवाल है।