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पीएयू के रिटायर कर्मचारियों ने दिया चेतावनी धरना
ब्यूरो/अमर उजाला, लुधियाना
Updated Fri, 24 Jun 2016 08:59 PM IST
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पीएयू रिटायरीज वेलफेयर एसोसिएशन की ओर से पीएयू के थापर हॉल के सामने सुबह साढ़े दस से दो बजे तक चेतावनी धरना दिया गया। यह धरना जिला राम बंसल की प्रधानगी में लगाया गया। इसमें 100 के करीब रिटायरीज शामिल हुए।
जिला राम बंसल ने बताया कि यह लगातार चौथा धरना है। इसमें पीएयू के अधिकारियों को चेतावनी दी गई कि एलटीए (लीव ट्रेवलिंग अलाउंस) जुलाई 2015 और जनवरी 2016 से देना है।
पीएयू के अधिकारियों को बार-बार इस संबंधी मांग पत्र और खुद जाकर मिलने के बावजूद आज तक कोई भुगतान नहीं किया गया। तीसरा एलटीए जुलाई 2016 का बनता है। अधिकारी बार-बार धनराशि न होने का बहाना बनाकर उनको टाल रहे हैं। इस एलटीए की योग्य राशि करीब दो करोड़ रुपये बनती है, जो यूनिवर्सिटी के पास हैं।
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चेयरमैन डीपी मौड़ और महासचिव सतीश सूद ने कहा कि पीएयू के रिटायरीज को पंजाब सरकार की तर्ज पर कैशलैस मेडिक्लेम पालिसी देने की कोई योजना विचारधीन नहीं है। पीएयू के क्रोनिक रिटायरीज को पीएयू के अस्पताल से दवाएं उपलब्ध करवाने का कोई प्रावधान नहीं है जिससे मरीजों को कठिनाईयों का सामना करना पड़ रहा है।
इसके अलावा सीपीएफ वाले रिटायरीज को एलटीए की सुविधा प्रदान करना, रिटायरीज के लिए पेंशनर्ज भवन का निर्माण करना इत्यादि मांगों पर जल्द से जल्द ठोस कदम उठाने चाहिए। 23 माह का 23 फीसदी डीए के एरियर का भुगतान किया जाना चाहिए। इस दौरान गुलजार पंधेर, परमजीत सिंह गिल, अजीत सिंह चीमा, मनजीत महरम, जोगिंदर राम, एमआर पासी, तिलक सिंह सांगड़ा, गुरमुख सिंह, लाभ सिंह और जग्गा सिंह मौजूद रहे।
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जिला राम बंसल ने बताया कि यह लगातार चौथा धरना है। इसमें पीएयू के अधिकारियों को चेतावनी दी गई कि एलटीए (लीव ट्रेवलिंग अलाउंस) जुलाई 2015 और जनवरी 2016 से देना है।
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पीएयू के अधिकारियों को बार-बार इस संबंधी मांग पत्र और खुद जाकर मिलने के बावजूद आज तक कोई भुगतान नहीं किया गया। तीसरा एलटीए जुलाई 2016 का बनता है। अधिकारी बार-बार धनराशि न होने का बहाना बनाकर उनको टाल रहे हैं। इस एलटीए की योग्य राशि करीब दो करोड़ रुपये बनती है, जो यूनिवर्सिटी के पास हैं।
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चेयरमैन डीपी मौड़ और महासचिव सतीश सूद ने कहा कि पीएयू के रिटायरीज को पंजाब सरकार की तर्ज पर कैशलैस मेडिक्लेम पालिसी देने की कोई योजना विचारधीन नहीं है। पीएयू के क्रोनिक रिटायरीज को पीएयू के अस्पताल से दवाएं उपलब्ध करवाने का कोई प्रावधान नहीं है जिससे मरीजों को कठिनाईयों का सामना करना पड़ रहा है।
इसके अलावा सीपीएफ वाले रिटायरीज को एलटीए की सुविधा प्रदान करना, रिटायरीज के लिए पेंशनर्ज भवन का निर्माण करना इत्यादि मांगों पर जल्द से जल्द ठोस कदम उठाने चाहिए। 23 माह का 23 फीसदी डीए के एरियर का भुगतान किया जाना चाहिए। इस दौरान गुलजार पंधेर, परमजीत सिंह गिल, अजीत सिंह चीमा, मनजीत महरम, जोगिंदर राम, एमआर पासी, तिलक सिंह सांगड़ा, गुरमुख सिंह, लाभ सिंह और जग्गा सिंह मौजूद रहे।