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46 साल बाद नए कलेवर के साथ सिनेमाघरों में आएगी फिल्म नानक नाम जहाज है
ब्यूरो/अमर उजाला, लुधियाना
Updated Tue, 24 Nov 2015 10:16 PM IST
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वर्ष 1969 में बनी पृथ्वी राज कपूर की फिल्म ‘नानक नाम जहाज है’ 46 साल बाद
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अब 27 नवंबर से नए कलेवर के साथ सिनेमाघरों में दोबारा रिलीज होगी।
यह फिल्म अब सिखों के पहले गुरु श्री गुरु नानक देव जी के 500 साला वर्षगांठ पर दर्शकों के समक्ष होगी। 46 साल पहले बनी फिल्म के साउंड सिस्टम को हाई तकनीक से लैस किया गया है, जबकि इसमें नए सिरे से रंग भर कर डिजिटल प्रिंट के साथ तैयार किया गया है।
वेव सिनेमा की प्रवक्ता निशी सेठी ने कहा कि इस फिल्म को 1969 में नेशनल अवार्ड मिला था। यह फिल्म गुरु नानक देव जी के जीवन पर आधारित है और समाज के हर वर्ग को प्रेरणा देती है। दोबारा इस फिल्म के रिलीज होने का सबसे अधिक लाभ बच्चों और युवा पीढ़ी को होगा। युवा भी गुरु साहिब के जीवन से प्रेरणा लेकर आगे बढ़ सकेंगे।
इस संबंध में सराभा नगर में आयोजित समारोह में मेयर हरचरण सिंह गोहलवड़िया, गुरुद्वारा दुखनिवारण साहिब के प्रधान प्रीत पाल सिंह पाली के अलावा हरजिंदर सिंह कुकरेजा मौजूद थे।
निशी सेठी ने कहा कि यदि यह प्रयोग सफल होता है तो आने वाले वक्त में ‘मन जीते जग जीत’ समेत चुनिंदा धार्मिक फिल्मों को भी नए रूप में दर्शकों के समक्ष लाया जाएगा।
मेयर गोहलवड़िया ने कहा कि 46 साल पहले इस फिल्म की वीडियो 550 रुपये में खरीद कर घर के हाल कमरे में सभी आसपास के लोगों को कई बार दिखाई गई थी। कई बार हाल भर जाता था तो लोग बाहर खड़े होकर भी फिल्म देखते थे। गुरुद्वारा दुखनिवारण साहिब के प्रधान प्रीत पाल पाली ने कहा कि उन्होंने अर्सा पहले दीपक सिनेमा में यह फिल्म तीन चार बार देखी थी। फिल्म देखने के लिए लोग जोड़े बाहर ही उतार देते थे।
यह फिल्म अब सिखों के पहले गुरु श्री गुरु नानक देव जी के 500 साला वर्षगांठ पर दर्शकों के समक्ष होगी। 46 साल पहले बनी फिल्म के साउंड सिस्टम को हाई तकनीक से लैस किया गया है, जबकि इसमें नए सिरे से रंग भर कर डिजिटल प्रिंट के साथ तैयार किया गया है।
वेव सिनेमा की प्रवक्ता निशी सेठी ने कहा कि इस फिल्म को 1969 में नेशनल अवार्ड मिला था। यह फिल्म गुरु नानक देव जी के जीवन पर आधारित है और समाज के हर वर्ग को प्रेरणा देती है। दोबारा इस फिल्म के रिलीज होने का सबसे अधिक लाभ बच्चों और युवा पीढ़ी को होगा। युवा भी गुरु साहिब के जीवन से प्रेरणा लेकर आगे बढ़ सकेंगे।
इस संबंध में सराभा नगर में आयोजित समारोह में मेयर हरचरण सिंह गोहलवड़िया, गुरुद्वारा दुखनिवारण साहिब के प्रधान प्रीत पाल सिंह पाली के अलावा हरजिंदर सिंह कुकरेजा मौजूद थे।
निशी सेठी ने कहा कि यदि यह प्रयोग सफल होता है तो आने वाले वक्त में ‘मन जीते जग जीत’ समेत चुनिंदा धार्मिक फिल्मों को भी नए रूप में दर्शकों के समक्ष लाया जाएगा।
मेयर गोहलवड़िया ने कहा कि 46 साल पहले इस फिल्म की वीडियो 550 रुपये में खरीद कर घर के हाल कमरे में सभी आसपास के लोगों को कई बार दिखाई गई थी। कई बार हाल भर जाता था तो लोग बाहर खड़े होकर भी फिल्म देखते थे। गुरुद्वारा दुखनिवारण साहिब के प्रधान प्रीत पाल पाली ने कहा कि उन्होंने अर्सा पहले दीपक सिनेमा में यह फिल्म तीन चार बार देखी थी। फिल्म देखने के लिए लोग जोड़े बाहर ही उतार देते थे।