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लुधियाना का हाल: दो कैबिनेट मंत्रियों और बैंस ब्रदर्स पर भारी पड़े आम आदमी पार्टी के नए खिलाड़ी

Thu, 10 Mar 2022 07:50 PM IST
निवेदिता वर्मा विकास मल्होत्रा, संवाद न्यूज एजेंसी, लुधियाना (पंजाब)
विकास मल्होत्रा, संवाद न्यूज एजेंसी, लुधियाना (पंजाब) Published by: निवेदिता वर्मा Updated Thu, 10 Mar 2022 07:50 PM IST
सार

बैंस ब्रदर्स का इस बार हाल ऐसा हुआ कि वह पिछली बार जितने मार्जन से जीते थे, इस बार उन्हें उतने वोट भी नहीं पड़े। बैंस ब्रदर्स काउंटिंग सेंटर से गिनती खत्म होने से पहले ही बाहर चले गए थे। 

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Minister Bharat Bhushan Ashu and Bains Brothers Defeated in Punjab assembly election 2022
लुधियाना में जश्न मनाते आप कार्यकर्ता। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

पंजाब विधानसभा में बड़ा सियासी कद रखने वाले कैबिनेट मंत्री भारत भूषण आशु और पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह के पोते कैबिनेट मंत्री गुरकिरत सिंह कोटली पर आम आदमी पार्टी के नए खिलाड़ी भारी पड़ गए। इसके साथ साथ सात बार के विधायक और पूर्व मंत्री राकेश पांडे व पूर्व संसदीय सचिव सुरिंदर डावर को भी आप के नए खिलाड़ियों ने पटखनी दे दी। आप का झाड़ू इस कदर चला कि हर कोई साफ हो गया। महानगर में घर बैठे जीत का दावा करने वाले लोक इंसाफ पार्टी के प्रमुख मौजूदा विधायक सिमरजीत सिंह बैंस और लिप के सरपरस्त जत्थेदार बलविंदर सिंह बैंस भी नहीं जीत पाए।

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कैबिनेट मंत्री भारत भूषण आशु की बात की जाए तो वह पहली बार 36 हजार के बड़े मार्जन से जीते थे, लेकिन पंजाब में अकाली दल की सरकार आई थी। उसके बाद 2017 में भारत भूषण आशु को 36500 के करीब मार्जन मिला था। इस बार भारत भूषण आशु का काफी विरोध हुआ था। उनके सबसे करीबी साथी और चार बार के पार्षद रहे गुरप्रीत सिंह बस्सी गोगी चुनाव से पहले ही कांग्रेस से इस्तीफा देकर आप में शामिल हो गए। आप ने उन्हें टिकट देकर चुनाव मैदान में उतार दिया। इस बार कोई भी नहीं सोच पा रहा था कि गोगी आशु को पटखनी दे पाएंगे, लेकिन जो किसी ने नहीं सोचा था, वह आज हो गया। गोगी 7300 वोट से विजयी रहे। उसके अलावा बात की जाए खन्ना विधानसभा की तो गुरकिरत कोटली दो बार वहां से विधायक रहे हैं। वह पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह के पौत्र और सांसद रवनीत सिंह बिट्टू के भाई हैं। चन्नी की 111 दिन की सरकार में वह कैबिनेट मंत्री रहे। सभी भाजपा से उनका मुकाबला समझ रहे थे, लेकिन आप के नए उम्मीदवार तरुणप्रीत सिंह सौंद ने उन्हें बड़े मार्जन से हराया। कोटली इस बार तीसरे नंबर पर रहे। 

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बैंस ब्रदर्स को जीत के मार्जन से भी कम पड़े वोट

2012 में शिरोमणि अकाली दल से अलग होकर चुनाव मैदान में आजाद तौर पर उतरे बैंस ब्रदर्स ने पंजाब की राजनीति में नया इतिहास रचा। दोनों भाई चुनाव जीते और बड़े मार्जन से जीत दर्ज करने वाले पंजाब के चुनिंदा नेताओं में रहे। उसके बाद बैंस ब्रदर्स ने अपनी लोक इंसाफ पार्टी बनाई और 2017 में फिर चुनाव मैदान में उतरकर जीत दर्ज की। इस बार बैंस ब्रदर्स को उनकी जीत के मार्जन से भी कम वोट हासिल हुए। जत्थेदार बलविंदर सिंह बैंस की बात की जाए तो 2017 में उन्होंने 53955 वोट हासिल किए थे और उनका जीत का मार्जन तीस हजार का रहा था। मगर इस बार उन्हें सिर्फ 11872 वोट ही हासिल हुए। सिमरजीत सिंह बैंस की बात की जाए तो उन्हें 2017 में 53421 वोट हासिल हुए थे और वह 16913 वोट के बड़े मार्जन से जीते थे। इस बार सिमरजीत सिंह बैंस को सिर्फ 12619 वोट हासिल ही हुए। जत्थेदार बलविंदर सिंह बैंस को राजनीति में पहली बार उतरी राजिंदरपाल कौर छीना ने मात दी। छीना को 43811 वोट हासिल हुए। हलका आत्म नगर की बात की जाए तो कांग्रेस छोड़ आप में शामिल हुए कुलवंत सिंह सिद्धू को 44601 वोट हासिल हुए। दोनों नए खिलाड़ियों ने बैंस ब्रदर्स को जबरदस्त पटखनी दी। 

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सात बार के विधायक और पूर्व संसदीय सचिव भी नए खिलाड़ियों से हारे

दो बार आजाद तौर पर चुनाव मैदान में उतरने वाले मदन लाल बग्गा को हार का सामना करना पड़ा। वह दोनों बार राकेश पांडे से ही हारे थे, लेकिन इस बार कुछ समय पहले ही आप का झाड़ू पकड़ने वाले बग्गा ने इस बार सात बार के विधायक राकेश पांडे को पटखनी दी। अगर हलका सेंट्रल की बात की जाए तो कभी हलका साउथ से कांग्रेस के टिकट पर चुनाव मैदान में उतरने वाले अशोक पराशर पप्पी इस बार हलका सेंट्रल से आप की तरफ से चुनाव मैदान में उतरे थे। उन्होंने भी कुछ समय पहले ही आप का दामन थामा था और वह पूर्व संसदीय सचिव और कांग्रेस के पिल्लर कहे जाने वाले सुरिंदर डावर के खिलाफ लड़े। पप्पी भी डावर को पटखनी देने में कामयाब रहे।

विधायक माणुके ने दूसरी बार लहराया जीत का परचम

जगरांव से आप प्रत्याशी एवं विधायक सर्वजीत कौर माणूके दूसरी बार जीत का परचम लहराने में कामयाब रही। विधायक सर्बजीत कौर माणूके ने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी अकाली-बसपा के प्रत्याशी एसआर कलेर को बड़े अंतर से मात दी। जबकि कांग्रेस के प्रत्याशी जगतार सिंह जग्गा हिस्सोवाल को तीसरे स्थान पर संतोष करना पड़ा। 20 फरवरी को हुए पंजाब में विधानसभा चुनाव के दौरान हलके में कुल 124822 लोगों ने अपने मत डाले थे। गुरुवार को हुई वोटों की गिनती के मुताबिक जगरांव से आम आदमी पार्टी की प्रत्याशी सर्वजीत कौर माणूके को 64759 मत मिले, जबकि दूसरे नंबर पर रहे अकाली भाजपा गठजोड़ के प्रत्याशी एसआर कलेर को 25428, तीसरे नंबर पर रहे कांग्रेस के प्रत्याशी जगतार सिंह जगह हिस्सोवाल को 20816 मत मिले एवं चौथे नंबर पर रहे।

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