लुधियाना: 22 दिन बाद सुलझी लूट की गुत्थी, लुटेरों ने महिला को मारी थी गोली, पुलिस ने पांच को पकड़ा
पुलिस का कहना है कि आरोपियों से पूछताछ में पता चला है कि 315 बोर का पिस्तौल यूपी से खरीदकर लेकर आए थे। पिस्तौल खरीदने में शलिंदर ने मदद करवाई थी। इसके अलावा आरोपी बॉबी सिंह तीसरी कक्षा तक पढ़ा है। जबकि शलिंदर 12वीं पास है और सुनील कुमार बिल्कुल ही अनपढ़ है। जेल के अंदर ही आरोपी एक दूसरे से मिले और अपना गिरोह तैयार किया था।
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लुधियाना के ग्यासपुरा की बिहारी कालोनी स्थित श्रीवास्तव मनी एक्सचेंजर के दफ्तर में घुसकर मालिक को तेजधार हथियार और महिला को गोली मारने वाले तीन लुटेरों को कमिश्नरेट पुलिस ने गिरफ्तार कर किया है। इस गिरोह के दो-तीन लुटेरे फरार हैं। पुलिस ने लूट की गुत्थी को 32 दिन में सुलझाया है। आरोपियों की गिरफ्तार के लिए अलग-अलग टीमें गठित की गई थीं।
इस मामले में पुलिस ने गिरोह के मुख्य सरगना बाबी सिंह उर्फ बोबी, शलिंदर मिश्रा उर्फ जोनी बाबा और सुनील कुमार के रूप में हुई है, जबकि फरार आरोपियों की तलाश की जा रही है। हालांकि पुलिस ने दो आरोपियों को और गिरफ्तार किया है, जो चोरी का सामान खरीदते है। उनकी पहचान अशोक कुमार और अशोक मसीह के रुप में हुई है।
गिरफ्तार लुटेरों से पुलिस ने पिस्तौल और पांच कारतूस के साथ एक लाख पांच हजार रुपये की नकदी और चोरी की बाइक भी बरामद की है। पुलिस ने चोरी का सामान खरीदने वाले दोनों आरोपियों के कब्जे से विभिन्न कंपनियों के 19 मोबाइल फोन, दो एलईडी, दो होम थिएटर और अन्य सामान बरामद किया गया है। पुलिस की टीमें अब फरार आरोपियों की तलाश में जुटी हैं।
पुलिस कमिश्नर गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने बताया कि नवनीत कुमार श्रीवास्तव का श्रीवास्तव मनी एक्सचेंजर के नाम से दफ्तर है। 15 नवंबर की देर रात वह अपनी पत्नी और ढाई साल की बेटी के साथ बैठा था। जब वह जाने लगे तो नकाबपोश पांच लुटेरे अंदर आ घुसे। दुकान पर बैठे पति-पत्नी को गन प्वाइंट पर लिया।
उन्होंने विरोध किया तो लुटेरों ने पहले नवनीत के हाथ पर तेजधार हथियार मारकर घायल कर दिया। उसके बाद गोली चला दी। गोली सीधे अमृता नंदा के जांघ पर लगी। और छर्रे ढाई साल की बच्ची को भी लगे थे। आरोपियों ने दफ्तर से 5.80 लाख कैश, लैपटाप, मोबाइल और सामान लूट लिया था। लोगों के आने पर आरोपी अपनी एक बाइक छोड़कर भाग गए थे। दूसरी बाइक कुछ दूरी पर पुलिस ने बरामद की। जिसके बाद केस दर्जकर जांच शुरू कर दी गई। सीआईए की पुलिस ने कड़ी से कड़ी जोड़ते हुए आरोपियों को काबू कर लिया।
सरगना छह साल रहा जेल में, छह महीने पहले बाहर आकर बनाई योजना
पुलिस कमिश्नर गुरप्रीत भुल्लर ने बताया कि बोबी गिरोह का मुख्य सरगना है। उसके खिलाफ महानगर के अलग-अलग पांच थानों में केस दर्ज है। जो पिछले छह सालों से जेल के अंदर ही था। वह छह महीने पहले ही जमानत पर बाहर आया था। जिसने जेल से बाहर आने के बाद शलिंदर मिश्रा उर्फ जोनी बाबा, सुनील कुमार और अन्य तीन साथियों के साथ मिलकर बड़ी वारदात की योजना तैयार की थी। इन छह महीनों के अंदर आरोपियों ने जगरांव, रायकोट और अन्य जगहों पर भी चोरी की वारदात को अंजाम दिया।
पुलिस के मुताबिक आरोपी सुनील कुमार ढंढारी खुर्द का रहने वाला है। जिसने श्रीवास्तव मनी एक्चेंजर शॉप की रेकी की थी। सूत्रों की माने तो आरोपी ने शॉप पर पहुंच कर पैसे भी ट्रांसफर करवाए थे। जिससे वह शॉप में कौन-कौन है और कितने बजे तक बैठते है, इसका पता लगा सके। पुलिस का कहना है कि आरोपी सुनील ने ही सारा प्लान तैयार किया था।
लूट के बाद भी करते थे चोरी
पुलिस के मुताबिक आरोपी इतने शातिर है कि लूट की वारदात को अंजाम देने के बाद भी आरोपी चुप होकर नहीं बैठे। आरोपियों ने इसके बाद जगरांव और रायकोट के इलाके में एक मोबाइल शॉप को निशाना बनाया था फिर साहनेवाल के इलाके में एक दुकान पर चोरी की वारदात की थी।
लूट की वारदात करने वाले तीन आरोपियों के साथ-साथ पुलिस ने अन्य दो आरोपियों को भी पकड़ा है। जिसमें एक आरोपी अशोक मसीह है, जोकि कबाड़ी है। जबकि दूसरा अशोक कुमार है, जोकि मोबाइल शॉप चलाता है। ये दोनों, आरोपियों से चोरीशुदा सामान खरीद कर उन्हें आगे बेच देते थे। पुलिस अब इन आरोपियों से पूछताछ कर रही है।