Punjab: पूर्व मंत्री भारत भूषण आशु ने विदेश में किया निवेश, अदालत ने दो दिन का रिमांड बढ़ाया, करीबी नामजद
खाद्य एवं आपूर्ति विभाग में 2000 करोड़ रुपये के घपले की विजिलेंस जांच कर रही है। इस मामले में पूर्व मंत्री भारत भूषण आशु का नाम सामने आ आया था। आरोप है कि पूर्व मंत्री भारत भूषण आशु ने निविदाओं में घपला किया है।
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अनाज मंडी ट्रांसपोर्टेशन टेंडर घोटाले में रिमांड पर चल रहे पूर्व कैबिनेट मंत्री भारत भूषण आशु को शनिवार को अदालत में पेश किया गया। अदालत से सात दिन का रिमांड मांगते हुए विजिलेंस ने खुलासा किया कि आशु ने अपने कुछ साथियों के साथ मिलकर विदेशों में भी निवेश किया है। कहां कितना निवेश किया गया है, इसका पता रिमांड पर पूछताछ के दौरान ही हो सकता है। विजिलेंस की इस दलील के बाद अदालत ने आशु को दो दिन के रिमांड पर भेज दिया। दूसरी ओर, विजिलेंस ने मेयर बलकार संधू को भी जांच में शामिल किया है। शनिवार को संधू से करीब डेढ़ घंटे तक पूछताछ हुई है। विजिलेंस ने पूर्व मंत्री के नजदीकी साथी इंद्रजीत सिंह इंदी को भी नामजद किया गया है।
विजिलेंस टीम ने चार दिन का रिमांड खत्म होने के बाद करीब चार बजे आशु को ड्यूटी मजिस्ट्रेट आरती शर्मा की अदालत में पेश किया गया। सरकारी वकील ने पूरे केस के बारे में न्यायाधीश को जानकारी दी। अपना पक्ष रखते हुए उन्होंने कहा कि अभी पूर्व मंत्री से कई तरह की पूछताछ होनी है। उनके साथी इंद्रजीत सिंह इंदी को नामजद किया गया है। इंदी के साथ-साथ पहले से इस मामले में नामजद पूर्व मंत्री के पीए मीनू पंकज मल्होत्रा की गिरफ्तारी भी अभी बाकी है। इसलिए सात दिन का रिमांड दिया जाए।
करीब एक घंटे चली सुनवाई में दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद आशु का दो दिन का रिमांड मंजूर किया। हालांकि विजिलेंस ने आशु के विदेश भागने की आशंका जताई तो बचाव पक्ष के वकीलों ने कहा कि अगर उन्हें किसी तरह का कोई शक है तो वह आशु का पासपोर्ट जमा करवा देंगे। इसके बाद अदालत ने आदेश जारी किया कि अगर आशु का पासपोर्ट है तो उसे जमा कराया जाए। पेशी के दौरान अदालत परिसर में जाने वाले हर रास्ते पर पुलिस का पहरा था। सिर्फ उन लोगों को अंदर जाने की इजाजत दी जा रही थी जिनके केस की सुनवाई थी।
अदालत में वकीलों ने क्या दीं दलीलें
राजनीतिक रंजिश में दर्ज किया झूठा केस: बचाव पक्ष
बचाव पक्ष की तरफ से पेश हुए सीनियर वकील परोपकार सिंह घुम्मण, रमन कौशल और राजीव कौशल ने रिमांड का विरोध करते हुए दलील दी कि राजनीतिक रंजिश के चलते सरकार के दबाव में झूठा केस दर्ज किया गया है। एफआईआर में तो पूर्व मंत्री का नाम ही नहीं है। उन्हें बाद में गलत तथ्यों के आधार पर नामजद किया गया है।
पीए की पांच-छह संपत्तियां मिलीं, कई बेनामी: सरकारी वकील
सरकारी वकील ने कहा कि पूर्व मंत्री के पीए मीनू पंकज मल्होत्रा की पांच से छह संपत्तियां मिली हैं। उनकी कई बेनाम संपत्तियों का पता लगाया जाना बाकी है। तथ्यों के आधार पर कार्रवाई की जा रही है। भारत भूषण आशु से मीनू और इंदी के बारे में भी पूछताछ की जानी है।
मीनू व इंदी से आशु का कोई संबंध नहीं: बचाव पक्ष
बचाव पक्ष के वकीलों ने कहा कि मीनू पंकज मल्होत्रा और इंद्रजीत इंदी में से कोई भी आशु का पीए नहीं है। उनका आशु से कोई संबंध नहीं है।