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लुधियाना : कोरोना संक्रमित ने फंदा लगाकर दी जान, पेट की आंत का होना था ऑपरेशन, आड़े आ रही थी पैसों की कमी
Wed, 21 Apr 2021 09:50 AM IST
निवेदिता वर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लुधियाना (पंजाब)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लुधियाना (पंजाब)
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Wed, 21 Apr 2021 09:50 AM IST
सार
लुधियाना के शिमलापुरी निवासी सतपाल को पेट की आंत में दिक्कत आ गई थी। उसे पहले एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहां डॉक्टरों ने लगभग एक लाख रुपये खर्च आने की बात कही।
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suicide
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
लुधियाना के सिविल अस्पताल में मंगलवार देर शाम उस समय हड़कंप मच गया, जब अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड के साथ लगते स्टाक रूम में एक कोरोना संक्रमित मरीज ने फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। वार्ड अटेंडेंट ने उसे लटकता देखा तो अन्य लोगों को सूचित किया। तुरंत उसे फंदे से नीचे उतारा गया, जिसके बाद डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
जानकारी मिलते ही एसीपी सेंट्रल वरियाम सिंह तुरंत मौके पर पहुंचे। उन्होंने शव को पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी में रखवा दिया है। फिलहाल पुलिस के हाथ कोई सुसाइड नोट नहीं लगा है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
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जानकारी मिलते ही एसीपी सेंट्रल वरियाम सिंह तुरंत मौके पर पहुंचे। उन्होंने शव को पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी में रखवा दिया है। फिलहाल पुलिस के हाथ कोई सुसाइड नोट नहीं लगा है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
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ऑपरेशन में आना एक लाख का खर्च
जानकारी के अनुसार लुधियाना के शिमलापुरी निवासी सतपाल को पेट की आंत में दिक्कत आ गई थी। उसे पहले एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहां डॉक्टरों ने लगभग एक लाख रुपये खर्च आने की बात कही। सतपाल मजदूरी कर किसी तरह अपना पेट पाल रहा था। इसलिए परिजनों ने पैसा नहीं होने की बात कही।
इसके बाद निजी अस्पताल से उसे पीजीआई रेफर कर दिया गया। वहां से उसे बेड नहीं होने के कारण लौटा दिया गया। सोमवार को वह फिर लुधियाना के सिविल अस्पताल में भर्ती हो गया। डॉक्टर ने उपचार शुरू करने से पहले उसका कोरोना टेस्ट किया, इसमें वह पॉजिटिव पाया गया। मंगलवार देर शाम को उसने फंदा लगा आत्महत्या कर ली।
मामले की जांच करने पहुंचे एसीपी सेंट्रल वरियाम सिंह ने बताया कि सोमवार को सतपाल को सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उसकी रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आई थी। उस समय से उसे कोई रिश्तेदार भी मिलने नहीं आ रहा था। मंगलवार शाम लगभग 5.30 बजे उसे स्टाफ ने दवा के साथ इंजेक्शन लगाया। इमरजेंसी वार्ड में उस समय सात मरीज भर्ती थे। इसका बेड एक कोने में था। छह बजे स्टाफ मेंबर चेक करने के लिए दोबारा गया, तो दरवाजा बंद था। उसने अंदर देखा तो सतपाल फंदे से लटक रहा था। उसने तुरंत अन्य स्टाफ को इसकी सूचना दी। एसपी सेंट्रल ने बताया कि फिलहाल उन्हें कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है, क्योंकि वहां पर कोरोना मरीज भर्ती हैं। पूरी किट डालकर अंदर जाकर इसकी जांच की जाएगी।
इसके बाद निजी अस्पताल से उसे पीजीआई रेफर कर दिया गया। वहां से उसे बेड नहीं होने के कारण लौटा दिया गया। सोमवार को वह फिर लुधियाना के सिविल अस्पताल में भर्ती हो गया। डॉक्टर ने उपचार शुरू करने से पहले उसका कोरोना टेस्ट किया, इसमें वह पॉजिटिव पाया गया। मंगलवार देर शाम को उसने फंदा लगा आत्महत्या कर ली।
मामले की जांच करने पहुंचे एसीपी सेंट्रल वरियाम सिंह ने बताया कि सोमवार को सतपाल को सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उसकी रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आई थी। उस समय से उसे कोई रिश्तेदार भी मिलने नहीं आ रहा था। मंगलवार शाम लगभग 5.30 बजे उसे स्टाफ ने दवा के साथ इंजेक्शन लगाया। इमरजेंसी वार्ड में उस समय सात मरीज भर्ती थे। इसका बेड एक कोने में था। छह बजे स्टाफ मेंबर चेक करने के लिए दोबारा गया, तो दरवाजा बंद था। उसने अंदर देखा तो सतपाल फंदे से लटक रहा था। उसने तुरंत अन्य स्टाफ को इसकी सूचना दी। एसपी सेंट्रल ने बताया कि फिलहाल उन्हें कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है, क्योंकि वहां पर कोरोना मरीज भर्ती हैं। पूरी किट डालकर अंदर जाकर इसकी जांच की जाएगी।