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-फर्जी आईपीएस रूपिंदर सिंह का एक और कारनामा आया सामने-

Thu, 24 May 2018 09:36 PM IST
Updated Thu, 24 May 2018 09:36 PM IST
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-फर्जी आईपीएस रूपिंदर सिंह का एक और कारनामा आया सामने-
कनाडा भेजने का झांसा दे मैकेनिकल इंजीनियर से चार लाख ठगे
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खुद को बताया था आईपीएस ऑफिसर, पैसे ऐंठने के बाद दी धमकी

अमर उजाला ब्यूरो
लुधियाना।
फर्जी आईपीएस बनकर लोगों के साथ-साथ पुलिस पर भी रौब झाड़ने वाले रूपिंदर सिंह का एक और कारनामा सामने आया है। उसने एक मैकेनिकल इंजीनियर को कनाडा भेजने का झांसा देकर चार लाख रुपये ठग लिए। जब इंजीनियर उससे पैसों की मांग करता तो वह अपने ऑफिसर होने का रौब झाड़कर उसे झूठे मामले में फंसाने की धमकी दे डालता। इसलिए इंजीनियर ने पुलिस को शिकायत नहीं दी। जब रूपिंदर सिंह का भांडा फूटा तब जाकर सुखजिंदर सिंह ने पुलिस कमिश्नर के आगे इंसाफ की गुहार लगाई। सुखजिंदर की भाभी हरविंदर सिंह की शिकायत पर थाना डिवीजन नंबर-5 में आरोपी रूपिंदर सिंह के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है।
सुखजिंदर सिंह ने बताया कि रूपिंदर सिंह का एक दोस्त विदेश चला गया था। इसके बाद उसका रेस्तरां रूपिंदर सिंह संभालने लगा। इस बीच वह उससे मिला। रूपिंदर ने उसे झांसा दिया कि वह उसे कनाडा भेज देगा। वह जल्द आईपीएस बनने वाला है। उसके कई बड़े पुलिस अधिकारियों और राजनेतओं से अच्छे लिंक है। झांसे में आकर उसने रूपिंदर सिंह को चार लाख रुपये दे दिए। पैसे लेने के बाद उसने टालमटोल शुरू कर दी।
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सलेम टाबरी के सरदार नगर का रहने वाला रूपिंदर सिंह खुद को यूपी कैडर का आईपीएस बताता था। पहले वह पुलिस कमिश्नर ऑफिस आता जाता था। वहां वह सभी पुलिस मुलाजिमों से कहता था कि उसने आईपीएस के पेपर दिए है और जल्द आईपीएस चुना जाएगा। कुछ दिनों बाद उसने पुलिस कमिश्नर दफ्तर में लड्डू बांटे कि वह आईपीएस बन गया। उसने अपनी सुरक्षा में दो मुलाजिम गनमैन के तौर पर भी ले लिए थे और लाल बत्ती लगी गाड़ी में घूमता था।
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ऐसे पकड़ा गया
पुलिस के एक व्हाट्स ऐप ग्रुप में किसी मुलाजिम ने रूपिंदर के साथ फोटो डाली। उस ग्रुप में रूपिंदर की वर्दी को लेकर चर्चा हुई। एक अधिकारी ने कहा कि अगर वह नया आईपीएस है तो उसके तीन स्टार कैसे लग सकते हैं। उसके बाद पुलिस अधिकारियों ने रूपिंदर सिंह की जांच के आदेश दिए। इसके बाद खुलासा हुआ था रूपिंदर कोई आईपीएस नहीं है। पोल खुलने पर उसने लुधियाना के पुलिस अधिकारियों को गृहमंत्री की सिक्योरिटी का इंचार्ज बताकर चंडीगढ़ से फोन भी करवाया था। थाना सलेम टाबरी ने उसके खिलाफ मामला दर्ज कर उसे काबू कर लिया था और जेल भेज दिया था।
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