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Budaun News: नौ बीघा सरकारी भूमि पर बनी हैं 27 दुकानें, हाईकोर्ट ने मांगी पैमाइश रिपोर्ट
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दातागंज। एचपीसीएल प्लांट में हुए दोहरे हत्याकांड के मुख्य आरोपी अजय प्रताप सिंह के ताऊ राकेश सिंह की सरकारी भूमि पर बनीं अवैध 27 दुकानों के मामले में हाईकोर्ट के आदेश पर दातागंज तहसील प्रशासन ने भूमि और दुकानों की नए सिरे से जांच शुरू कर दी है।
ये दुकानें करीब 9 बीघा भूमि पर बनी हैं। तहसील प्रशासन को भूमि और दुकानों की पैमाइश कराकर इसकी रिपोर्ट एक अक्तूबर को हाईकोर्ट में दाखिल करनी है। शुक्रवार को नायब तहसीलदार के नेतृत्व में गठित सात सदस्यीय टीम शनिवार को बारिश के कारण भूमि की पैमाइश नहीं कर सकी। एसडीएम ने जल्द पैमाइश कराकर रिपोर्ट तैयार कर उच्चाधिकारियों को भेजने की बात कही है।
12 मार्च को मूसाझाग थाना क्षेत्र के सैजनी स्थित एचपीसीएल प्लांट में दो अधिकारियों की गोलियां मारकर हत्या कर दी गई थी, इस हत्याकांड के मुख्य आरोपी अजय प्रताप सिंह के ताऊ राकेश सिंह ने दातागंज में सरकारी भूमि पर अवैध रूप से 27 दुकानों का निर्माण कराया था। कुछ माह पहले तहसील प्रशासन की ओर से कराई गई जांच में इसकी पुष्टि हुई थी। इसके बाद तहसील प्रशासन ने सरकारी भूमि पर दुकान बनाने के आरोप में राकेश सिंह पर जुर्माना भी लगाया था। वहीं दुकानों को अवैध घोषित करते हुए उन्हें ढहाने के आदेश दिए थे, लेकिन तहसील में पूर्व में तैनात अधिकारियों की लापरवाही की वजह से दुकानें ढहाई नहीं जा सकीं।
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तीन माह पहले दुकानों को ढहाने के लिए दो बुलडोजर लेकर अधिकारी भी पहुंचे, लेकिन तत्कालीन तहसीलदार ने फोर्स ना मिलने का हवाला देते हुए दुकानों को ढहाने की कार्रवाई टाल दी। इसके बाद अधिकारियों ने इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया। उधर, राकेश सिंह पक्ष के लोग दुकानों को बचाने के लिए हाईकोर्ट में चले गए। पक्ष के लोगों ने हाईकोर्ट में दुकानों को निजी भूमि पर बने होने का दावा किया है। यह प्रकरण अभी हाईकोर्ट इलाहाबाद में विचाराधीन है। पांच दिन पहले हाईकोर्ट ने प्रकरण में जिला प्रशासन को 27 दुकानों की भूमि की पैमाइश कराने और भूमि सरकारी या निजी इस संबंध में विस्तृत जांच रिपोर्ट पहली अक्तूबर को दाखिल करने का आदेश दिया है।
हाईकोर्ट के आदेश के अनुपालन में उच्चाधिकारियों के निर्देश पर एसडीएम दातागंज विनोद कुमार ने सात सदस्यीय टीम गठित की है। तहसील के अधिकारियों ने बताया कि जिस भूमि पर दुकानें बनी हैं वह भूमि सरकारी रिकॉर्ड में 238 नंबर पर है। इस भूमि पर जो 27 दुकानें बनी हैं, वह नौ बीघा भूमि है, डेढ़ बीघा भूमि पर तालाब बना है। इस तालाब को पूर्व में राकेश सिंह से कब्ज़ामुक्त कराया जा चुका है, इसके साथ ही 6 बीघा निजी भूमि है।
हाईकोर्ट के निर्देश पर जिस भूमि पर 27 दुकानें बनी हैं उसकी पैमाइश कराई जानी है। इसके लिए टीम गठित कर दी गई है। एक अक्टूबर को जांच रिपोर्ट हाईकोर्ट में दाखिल करने के निर्देश मिले हैं, उसी क्रम में भूमि की जांच कराई जा रही है। - विनोद कुमार, एसडीएम
अफसरों ने दिया मौका इसलिए हाईकोर्ट पहुंच सका आरोपी
एचपीसीएल के अधूरी हत्याकांड के बाद दातागंज क्षेत्र में मुख्य आरोपी अजय प्रताप सिंह के सगे संबंधियों के विरुद्ध भी कार्रवाई की। दातागंज तहसील ने राकेश सिंह की पांच दुकानों को ढहाया भी था, लेकिन अफसरों ने इन दुकानों पर कोई कार्रवाई नहीं की। इसके बाद लगातार तीन महीने तक इस मामले में ढिलाई बरती गई। इसी ढिलाई के कारण आरोपी राकेश सिंह को दुकानों के संबंध में हाई कोर्ट जाने का मौका मिल गया।
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ये दुकानें करीब 9 बीघा भूमि पर बनी हैं। तहसील प्रशासन को भूमि और दुकानों की पैमाइश कराकर इसकी रिपोर्ट एक अक्तूबर को हाईकोर्ट में दाखिल करनी है। शुक्रवार को नायब तहसीलदार के नेतृत्व में गठित सात सदस्यीय टीम शनिवार को बारिश के कारण भूमि की पैमाइश नहीं कर सकी। एसडीएम ने जल्द पैमाइश कराकर रिपोर्ट तैयार कर उच्चाधिकारियों को भेजने की बात कही है।
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12 मार्च को मूसाझाग थाना क्षेत्र के सैजनी स्थित एचपीसीएल प्लांट में दो अधिकारियों की गोलियां मारकर हत्या कर दी गई थी, इस हत्याकांड के मुख्य आरोपी अजय प्रताप सिंह के ताऊ राकेश सिंह ने दातागंज में सरकारी भूमि पर अवैध रूप से 27 दुकानों का निर्माण कराया था। कुछ माह पहले तहसील प्रशासन की ओर से कराई गई जांच में इसकी पुष्टि हुई थी। इसके बाद तहसील प्रशासन ने सरकारी भूमि पर दुकान बनाने के आरोप में राकेश सिंह पर जुर्माना भी लगाया था। वहीं दुकानों को अवैध घोषित करते हुए उन्हें ढहाने के आदेश दिए थे, लेकिन तहसील में पूर्व में तैनात अधिकारियों की लापरवाही की वजह से दुकानें ढहाई नहीं जा सकीं।
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तीन माह पहले दुकानों को ढहाने के लिए दो बुलडोजर लेकर अधिकारी भी पहुंचे, लेकिन तत्कालीन तहसीलदार ने फोर्स ना मिलने का हवाला देते हुए दुकानों को ढहाने की कार्रवाई टाल दी। इसके बाद अधिकारियों ने इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया। उधर, राकेश सिंह पक्ष के लोग दुकानों को बचाने के लिए हाईकोर्ट में चले गए। पक्ष के लोगों ने हाईकोर्ट में दुकानों को निजी भूमि पर बने होने का दावा किया है। यह प्रकरण अभी हाईकोर्ट इलाहाबाद में विचाराधीन है। पांच दिन पहले हाईकोर्ट ने प्रकरण में जिला प्रशासन को 27 दुकानों की भूमि की पैमाइश कराने और भूमि सरकारी या निजी इस संबंध में विस्तृत जांच रिपोर्ट पहली अक्तूबर को दाखिल करने का आदेश दिया है।
हाईकोर्ट के आदेश के अनुपालन में उच्चाधिकारियों के निर्देश पर एसडीएम दातागंज विनोद कुमार ने सात सदस्यीय टीम गठित की है। तहसील के अधिकारियों ने बताया कि जिस भूमि पर दुकानें बनी हैं वह भूमि सरकारी रिकॉर्ड में 238 नंबर पर है। इस भूमि पर जो 27 दुकानें बनी हैं, वह नौ बीघा भूमि है, डेढ़ बीघा भूमि पर तालाब बना है। इस तालाब को पूर्व में राकेश सिंह से कब्ज़ामुक्त कराया जा चुका है, इसके साथ ही 6 बीघा निजी भूमि है।
हाईकोर्ट के निर्देश पर जिस भूमि पर 27 दुकानें बनी हैं उसकी पैमाइश कराई जानी है। इसके लिए टीम गठित कर दी गई है। एक अक्टूबर को जांच रिपोर्ट हाईकोर्ट में दाखिल करने के निर्देश मिले हैं, उसी क्रम में भूमि की जांच कराई जा रही है। - विनोद कुमार, एसडीएम
अफसरों ने दिया मौका इसलिए हाईकोर्ट पहुंच सका आरोपी
एचपीसीएल के अधूरी हत्याकांड के बाद दातागंज क्षेत्र में मुख्य आरोपी अजय प्रताप सिंह के सगे संबंधियों के विरुद्ध भी कार्रवाई की। दातागंज तहसील ने राकेश सिंह की पांच दुकानों को ढहाया भी था, लेकिन अफसरों ने इन दुकानों पर कोई कार्रवाई नहीं की। इसके बाद लगातार तीन महीने तक इस मामले में ढिलाई बरती गई। इसी ढिलाई के कारण आरोपी राकेश सिंह को दुकानों के संबंध में हाई कोर्ट जाने का मौका मिल गया।