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नशा नहीं मिला तो युवक ने जहरीला पदार्थ निगल की आत्महत्या
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हलवारा (लुधियाना)। गांव बुर्ज लिट्टा के करियाना व्यापारी इंद्र सिंह के बेटे मनप्रीत सिंह (25) ने रविवार की रात जहरीला पदार्थ निकल कर आत्महत्या कर ली। सूचना मिलने के बाद थाना सुधार की पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने जांच के बाद शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम करा शव वारिसों के हवाले कर दिया है।
इंद्र सिंह ने बताया कि उसका छोटा बेटा उसके साथ ही दुकान पर काम करता है और कई दिनों से मानसिक रूप से परेशान था। रविवार की रात करीब दस बजे उसके बेटे ने बताया कि वह गलती से घर में पड़ी पुरानी दवाई पी गया है। इससे उसकी हालत खराब हो गई। उसे सुधार के चोपड़ा नर्सिंग होम में लाया गया। वहां उसकी मौत हो गई। और उसके भाई कुलदीप सिंह ने मौके पर बताया कि मनप्रीत सिंह नशे का आदी था और नशा न मिलने के कारण उसने जहरीला पदार्थ निगला है। डॉ. संजीव चोपड़ा ने भी इसकी पुष्टि की है। मनप्रीत पहले भी एक दो बार नशे की ज्यादा मात्रा लेने के कारण उनके पास इलाज कराने के लिए लाया गया था। नशा छुड़ाने की दवाई भी ली थी। सूत्रों के अनुसार उसकी लुधियाना के अस्पताल ले जाते समय रास्ते में ही मौत हो गई। पुलिस की तरफ से नशे के कारण होने वाली मौत को साधारण मौत बता रही थी। सरपंच हरिंदर सिंह ने बताया कि गांव में नशे की भरमार इतनी हो गई है कि 14-15 साल के कई लड़के भी इसकी चपेट में आ चुके है। उन्होंने कहा कि इस समय नशेड़ियों की संख्या दो दर्जन के आसपास है। उन्होंने आरोप लगाया कि इलाके में सरेआम नशा बिक रहा है।
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इंद्र सिंह ने बताया कि उसका छोटा बेटा उसके साथ ही दुकान पर काम करता है और कई दिनों से मानसिक रूप से परेशान था। रविवार की रात करीब दस बजे उसके बेटे ने बताया कि वह गलती से घर में पड़ी पुरानी दवाई पी गया है। इससे उसकी हालत खराब हो गई। उसे सुधार के चोपड़ा नर्सिंग होम में लाया गया। वहां उसकी मौत हो गई। और उसके भाई कुलदीप सिंह ने मौके पर बताया कि मनप्रीत सिंह नशे का आदी था और नशा न मिलने के कारण उसने जहरीला पदार्थ निगला है। डॉ. संजीव चोपड़ा ने भी इसकी पुष्टि की है। मनप्रीत पहले भी एक दो बार नशे की ज्यादा मात्रा लेने के कारण उनके पास इलाज कराने के लिए लाया गया था। नशा छुड़ाने की दवाई भी ली थी। सूत्रों के अनुसार उसकी लुधियाना के अस्पताल ले जाते समय रास्ते में ही मौत हो गई। पुलिस की तरफ से नशे के कारण होने वाली मौत को साधारण मौत बता रही थी। सरपंच हरिंदर सिंह ने बताया कि गांव में नशे की भरमार इतनी हो गई है कि 14-15 साल के कई लड़के भी इसकी चपेट में आ चुके है। उन्होंने कहा कि इस समय नशेड़ियों की संख्या दो दर्जन के आसपास है। उन्होंने आरोप लगाया कि इलाके में सरेआम नशा बिक रहा है।
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