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2017 दर्ज मामले में नामजद आरोपी किए काबू
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2017 के दर्ज मामले में नामजद आरोपी गिरफ्तार
ढोंगी महिला ने उड़ाई लाखों की नकदी और सोना
भीखी। नवनियुक्त एसएचओ ने वर्ष 2017 में स्थानीय बरनाला रोड पर रहने वाले एक अग्रवाल परिवार के साथ धोखाधड़ी करने के मामले में एक महिला समेत पांच लोगों पर दर्ज केस में आरोपियों को काबू करके जेल भेजा है।
जानकारी के अनुसार स्थानीय वार्ड नंबर 1 निवासी तरसेम लाल पुत्र सीता राम ने 2017 में पुलिस को सूचना दी कि स्थानीय शनि मंदिर के पास किराए के घर में थोड़ी दिन पहले रहने लगी अमनदीप शर्मा जोकि माता के रूप में लोगों का भला करती थी। उसके पास हमारे परिवार का आना जाना बन गया था। उक्त माता अपने परिवार समेत रहती थी। यूपी का रहना वाला मौलवी भी इनके साथ था। उसने बताया कि एक दिन माता ने हमें झांसा दिया कि उनके घर कोई खजाना दबा हुआ है जोकि पूजा पाठ के साथ मिलना संभव है। उन्होंने बताया कि उक्त माता और मौलवी ने उनके घर का 23 तोले सोना चार बर्तनों में डालकर दबा दिया और पूजा पाठ करने में लग गए। माता ने हमें कहा कि धार्मिक स्थानों के दर्शन करके वहां भी चढ़ावा चढ़ाना पड़ेगा। उसके बाद माता मुझे और मेरी लड़की की सास को लेकर माता नैना देवी, चिंतपूर्णी और ज्वाला जी ले गई। चढ़ावे के तौर पर 6 लाख रुपये नकद ले लिए। उसके बाद वापसी समय जब अंबाला कैंट आए तब वह रेलवे स्टेशन पर उतर कर हम सबको झांसा देकर फरार हो गए और वापिस नहीं आए। जब हम घर पहुंचे तो पता चला कि भीखी में किराए के मकान में पड़ा सामान भी साजिश के तहत वहां से ले गए। जिसका हमें लूट लेने का अहसास हुआ। भीखी पुलिस ने अगस्त 2017 में माता अमनदीप शर्मा, उसके पति जसपाल शर्मा, पुत्र नीरज शर्मा और मौलवी शाकिर खां पुत्र शमीर खां वासी चरवाहा कला यूपी और सुखराज सिंह उर्फ सुखा वासी चहेडू लुधियाना के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया था। उसके बाद जसपाल शर्मा अपनी जमानत करवा गया था। सुखराज सिंह को पुलिस ने पहले ही काबू कर लिया था। लेकिन मुख्य आरोपी पुलिस की गिरफ्त से बाहर थे। नवनियुक्त थाना प्रभारी अमनदीप सिंह ने बताया कि कई दिनों की मेहनत के बाद माता अमनदीप शर्मा, उसके पुत्र नीरज शर्मा और मौलवी शाकिर खां को गिरफ्तार करके माननीय अदालत में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया है।
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ढोंगी महिला ने उड़ाई लाखों की नकदी और सोना
भीखी। नवनियुक्त एसएचओ ने वर्ष 2017 में स्थानीय बरनाला रोड पर रहने वाले एक अग्रवाल परिवार के साथ धोखाधड़ी करने के मामले में एक महिला समेत पांच लोगों पर दर्ज केस में आरोपियों को काबू करके जेल भेजा है।
जानकारी के अनुसार स्थानीय वार्ड नंबर 1 निवासी तरसेम लाल पुत्र सीता राम ने 2017 में पुलिस को सूचना दी कि स्थानीय शनि मंदिर के पास किराए के घर में थोड़ी दिन पहले रहने लगी अमनदीप शर्मा जोकि माता के रूप में लोगों का भला करती थी। उसके पास हमारे परिवार का आना जाना बन गया था। उक्त माता अपने परिवार समेत रहती थी। यूपी का रहना वाला मौलवी भी इनके साथ था। उसने बताया कि एक दिन माता ने हमें झांसा दिया कि उनके घर कोई खजाना दबा हुआ है जोकि पूजा पाठ के साथ मिलना संभव है। उन्होंने बताया कि उक्त माता और मौलवी ने उनके घर का 23 तोले सोना चार बर्तनों में डालकर दबा दिया और पूजा पाठ करने में लग गए। माता ने हमें कहा कि धार्मिक स्थानों के दर्शन करके वहां भी चढ़ावा चढ़ाना पड़ेगा। उसके बाद माता मुझे और मेरी लड़की की सास को लेकर माता नैना देवी, चिंतपूर्णी और ज्वाला जी ले गई। चढ़ावे के तौर पर 6 लाख रुपये नकद ले लिए। उसके बाद वापसी समय जब अंबाला कैंट आए तब वह रेलवे स्टेशन पर उतर कर हम सबको झांसा देकर फरार हो गए और वापिस नहीं आए। जब हम घर पहुंचे तो पता चला कि भीखी में किराए के मकान में पड़ा सामान भी साजिश के तहत वहां से ले गए। जिसका हमें लूट लेने का अहसास हुआ। भीखी पुलिस ने अगस्त 2017 में माता अमनदीप शर्मा, उसके पति जसपाल शर्मा, पुत्र नीरज शर्मा और मौलवी शाकिर खां पुत्र शमीर खां वासी चरवाहा कला यूपी और सुखराज सिंह उर्फ सुखा वासी चहेडू लुधियाना के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया था। उसके बाद जसपाल शर्मा अपनी जमानत करवा गया था। सुखराज सिंह को पुलिस ने पहले ही काबू कर लिया था। लेकिन मुख्य आरोपी पुलिस की गिरफ्त से बाहर थे। नवनियुक्त थाना प्रभारी अमनदीप सिंह ने बताया कि कई दिनों की मेहनत के बाद माता अमनदीप शर्मा, उसके पुत्र नीरज शर्मा और मौलवी शाकिर खां को गिरफ्तार करके माननीय अदालत में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया है।
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