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आम लोग भी अब अपने मुद्दों को लेकर यूनियन नेताओं से साध रहे संपर्क

Sun, 12 Dec 2021 11:37 PM IST
Punjab Bureau पंजाब ब्‍यूरो
Updated Sun, 12 Dec 2021 11:37 PM IST
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Common people are also now in touch with union leaders regarding their issues
लुधियाना। तीन खेती कानूनों को लेकर एक साल संघर्ष करने के बाद अब सिंघु और टीकरी बॉर्डर से लौट रहे किसानों के हौसले बुलंदी पर है। खेती कानूनों का मुद्दा खत्म होने के बाद अब किसान यूनियन के लिए स्थानीय मुद्दे अहम बनते जा रहे हैं।
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किसानों की जीत को देखते हुए अब स्थानीय लोग अपने मुद्दे लेकर किसान यूनियन से संपर्क साध रहे हैं। जगरांव में दिव्यांग युवती की मौत के बाद किसान पीड़ित परिवार किसान यूनियन की शरण में चला गया था। आखिरकार पुलिस प्रशासन को तुरंत एक डीएसपी सहित चार पुलिस मुलाजिमों पर 16 साल बाद मामला दर्ज करना पड़ गया। इससे साफ है कि आने वाले समय में अब स्थानीय मुद्दों को लेकर किसान यूनियन एक्टिव तरीके से काम करेंगी।
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गौरतलब है कि खेती कानूनों को लेकर एक साल तक पंजाब के लाखों किसान सिंघु और टीकरी बॉर्डर पर धरना पर रहे हैं। ऐसे में वहां बड़े नेताओं के भाषण सुनकर उनमें भी एक अलख जग चुकी है। अब पंजाब वापस लौट रहे यह किसान चाहे प्रशासन हो या फिर राजनीतिक पार्टियां सभी के लिए एक बड़ी मुसीबत बनने जा रहे हैं। अगर जगरांव की बात करें तो यहां पर 16 साल पहले एक युवती पुलिस की थर्ड डिग्री टॉर्चर से दिव्यांग हो गई थी। 11 दिसंबर को पीड़िता की मौत हो गई थी। एक युवती की संदिग्ध हालात में मौत के बाद मृतका के भाई को पुलिस ने आरोपी बनाया था। पुलिस ने भाई के घर पर नहीं मिलने के बाद मृतका और उसकी मां को थाने ले जाकर थर्ड डिग्री टॉर्चर किया था। 11 दिसंबर को युवती की मौत के बाद किसान यूनियन ने एलान कर दिया था कि अगर मृतका को न्याय नहीं दिया तो वह पक्का धरना लगा देंगे। आनन फानन पुलिस ने एक डीएसपी सहित चार पुलिस मुलाजिमों पर मामला दर्ज कर लिया है। वहीं इस समय पंजाब सरकार के खिलाफ मांगों को लेकर मोर्चा खोलकर बैठी विभिन्न यूनियनों के नेता भी किसान नेताओं की शरण में जा रहे हैं, ताकी उनके संघर्ष में साथ मिल सके। पनबस-पीआरटीसी यूनियन भी किसान नेताओं से संपर्क साध चुकी है। इसी क्रम में ग्रामीण स्तर पर पुराने मुद्दों को हल करवाने के लिए लोग किसान नेताओं पर भरोसा जता रहे हैं।
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