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एस एस ए रमसा अध्यापकों ने की राज्य स्तरीय रोष रैली
Updated Sun, 18 Mar 2018 10:32 PM IST
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एसएसए रमसा अध्यापकों ने की राज्य स्तरीय रोष रैली
कैबिनेट की बैठक में अगर लोग विरोध निर्णय हुआ तो संघर्ष करेंगे तेज
अमर उजाला ब्यूरो
बठिंडा।
अपनी मांगों को लेकर रविवार को एस एस ए रमसा आदर्श अध्यापकों ने बठिंडा में रमसा अध्यापक यूनियन के अध्यक्ष दीदार सिंह की अगुवाई में राज्य स्तरीय रोष रैली की। अध्यापकों ने चेतावनी देते हुए कहा कि चंडीगढ़ में 19 मार्च को होने वाली कैबिनेट की बैठक में अगर लोग विरोधी निर्णय लिया गया तो अध्यापकों की ओर से संघर्ष को तेज किया जाएगा । रोष रैली निकालने के बाद सभी अध्यापक सचिवालय के पास एक पार्क में एकत्र हुए जहां पर अध्यापकों को संबोधन करते हुए यूनियन नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार अब अपने वायदों से भाग रही है, उन्होनें कहा कि कांग्रेस ने चुनाव से अध्यापक वर्ग के साथ उन्हें रेगुलर करने का वायदा किया था, लेकिन सरकार बनाने के बाद उक्त् वायदे से कांग्रेस मुकर गई है। इस मौके यूनियन नेताओं ने कहा कि एक तरफ शिक्षा अधिकार कानून जैसा मोलिक अधिकार है जो सभी किस्म के अध्यापकों को रेगुलर और एक सम्मान वेतन व मेडिकल सूविधांए देने की व्यवस्था करता है। उन्होनें कहा कि कैप्टन सरकार सूप्रीम कोर्ट के निर्णय को भी लागू नही कर रही । जिस के चलते सरकार अध्यापकों के धोखाधडी कर रही है। उन्होनें कहा कि समूह अध्यापकों की मांगों के हल के लिए 25 मार्च को सांझा अध्यापक मोर्चा पंजाब के बैनर तले लुधियाना में रोष रैली की जा रही है।
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कैबिनेट की बैठक में अगर लोग विरोध निर्णय हुआ तो संघर्ष करेंगे तेज
अमर उजाला ब्यूरो
बठिंडा।
अपनी मांगों को लेकर रविवार को एस एस ए रमसा आदर्श अध्यापकों ने बठिंडा में रमसा अध्यापक यूनियन के अध्यक्ष दीदार सिंह की अगुवाई में राज्य स्तरीय रोष रैली की। अध्यापकों ने चेतावनी देते हुए कहा कि चंडीगढ़ में 19 मार्च को होने वाली कैबिनेट की बैठक में अगर लोग विरोधी निर्णय लिया गया तो अध्यापकों की ओर से संघर्ष को तेज किया जाएगा । रोष रैली निकालने के बाद सभी अध्यापक सचिवालय के पास एक पार्क में एकत्र हुए जहां पर अध्यापकों को संबोधन करते हुए यूनियन नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार अब अपने वायदों से भाग रही है, उन्होनें कहा कि कांग्रेस ने चुनाव से अध्यापक वर्ग के साथ उन्हें रेगुलर करने का वायदा किया था, लेकिन सरकार बनाने के बाद उक्त् वायदे से कांग्रेस मुकर गई है। इस मौके यूनियन नेताओं ने कहा कि एक तरफ शिक्षा अधिकार कानून जैसा मोलिक अधिकार है जो सभी किस्म के अध्यापकों को रेगुलर और एक सम्मान वेतन व मेडिकल सूविधांए देने की व्यवस्था करता है। उन्होनें कहा कि कैप्टन सरकार सूप्रीम कोर्ट के निर्णय को भी लागू नही कर रही । जिस के चलते सरकार अध्यापकों के धोखाधडी कर रही है। उन्होनें कहा कि समूह अध्यापकों की मांगों के हल के लिए 25 मार्च को सांझा अध्यापक मोर्चा पंजाब के बैनर तले लुधियाना में रोष रैली की जा रही है।