फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Punjab ›   Ludhiana News ›   धान में नमी की मात्रा ज्यादा होने से किसानों के छूटने लगे पसीने

धान में नमी की मात्रा ज्यादा होने से किसानों के छूटने लगे पसीने

Fri, 02 Nov 2018 09:52 PM IST
Updated Fri, 02 Nov 2018 09:52 PM IST
विज्ञापन
धान में नमी की मात्रा ज्यादा होने से किसानों के छूटने लगे पसीने
आगे कुआं, पीछे खाई वाले हालात बने किसानों के सामने
विज्ञापन

धान में नमी की मात्रा ज्यादा होने से किसानों के छूटने लगे पसीने
शैलर मालिक उठाने को तैयार नहीं, कट लगने पर किसानों का होगा आर्थिक नुकसान
अमर उजाला ब्यूरो
सुनाम ऊधम सिंह वाला(संगरूर)। धान में नमी का मात्रा ज्यादा होने से किसानों के माथे पर पसीने छूटने लगे हैं। परेशान किसानों के समक्ष ‘आगे कुआं, पीछे खाई’ वाले हालात बन गए हैं। धान को सुखाने का भरसक प्रयास करने के बावजूद नमी की मात्रा कम होने का नाम नहीं ले रही है। जबकि शैलर उद्योग से जुडे़ कारोबारी सरकार द्वारा तय मापदंड पर खरा उतरने वाले धान को ही उठा रहे हैं। ऐसे में किसान के समक्ष अब धान के वजन पर कट लगवाने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है। लेकिन इस स्थिती में किसानों का भारी आर्थिक नुकसान होगा जबकि इस बार पिछले वर्ष की तुलना में धान का झाड कम हासिल हुआ है। किसानों का तर्क है कि इससे उन पर दोहरी मार पडेगी। लिहाजा, सरकार इस मामले में दखल देकर नमी की मात्रा में अतिरिक्त छूट देकर किसानों को राहत दे।
शुक्रवार स्थानीय अनाज मंडी में फसल बेचने आए कई किसान अपने धान को मंडी के फर्श पर बिछाकर सुखाने का प्रयास कर रहे थे। लेकिन धान में नमी की मात्रा कम नहीं हो रही थी। किसान प्यारा सिंह, परमजीत सिंह ने बताया कि उसने सुखा धान काटा है लेकिन यहां आकर जांच की तो धान में चौबीस फीसदी नमी की मात्रा पाई गई। धान को सुखाने की कोशिश के बाद भी नमी का मात्रा बाइस फीसदी रही है। अब यदि उसने धान बेचना है तो धान के वजन पर कट लगाना पडे़गा, जिससे उसका भारी आर्थिक नुकसान होगा। जबकि इस बार धान का झाड कम नसीब हुआ है। दूसरी तरफ धान की खरीद नहीं होने से आढ़ती भी कम परेशान नहीं हैं। आढ़तियों को धान का रखरखाव करना पड रहा है और धान नहीं बिकने के हालात में उनका भी आर्थिक नुकसान हो रहा है।
विज्ञापन

भारतीय किसान यूनियन एकता उग्राहां के प्रदेश अध्यक्ष जोगिंदर सिंह उगराहां ने यूनियन की मांग को दोहराते हुए कहा कि सरकार, धान में नमी की मात्रा को बढ़ाकर 24 फीसदी करे। अगर तुरंत मांग को पूरा नहीं किया गया तो यूनियन राज्यव्यापी आंदोलन शुरू करेगी।
विज्ञापन
विज्ञापन


फोटो:1 सुनाम की अनाज मंडी में धान को सुखाने में जुटे किसान।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed