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बठिंडा चंडीगढ नैशनल हाईवे पर पराली के धूंए कारण
Updated Fri, 02 Nov 2018 09:52 PM IST
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बठिंडा-चंडीगढ़ हाईवे पर पराली के धुएं में टकराए दस वाहन
अमर उजाला ब्यूरो
बठिंडा। सर्दी आते ही धुंध लोगों के लिए कहर बनकर टूटती है, वहीं सर्दी की शुरुआत में पराली का धुआं इस बार कहर बनकर टूूट रहा है। शुक्रवार को पराली के धुएं के कारण बठिंडा चंडीगढ़ नेशनल हाईवे पर स्थित गांव लहरा धूरकोट के पास करीब दस वाहन एक के बाद एक आपस में टकरा गए। इन वाहनों में ज्यादातर कारें थी। हादसे में कोई भी जानी नुकसान नहीं हुआ, लेकिन कई वाहन क्षतिग्रस्त हो गए।
बठिंडा से चंडीगढ़ अपने कार में जा रहे शाम लाल ने बताया कि हाईवे पर गहरा पराली का धुआं होने से वाहन दिखाई न देने के कारण पीछे से जा रहे वाहनों की टक्कर हो गई। टक्कर के दौरान किसी भी तरह का कोई जानी नुकसान नहीं हुआ। लेकिन जो वाहन पीछे से टकराए हैं, उनका ही नुकसान हुआ। शाम लाल ने सरकार के खिलाफ रोष जताते हुए कहा कि अगर राज्य व केंद्र सरकार किसानों की सहायता करे तो किसान पक्के तौर पर पराली का इंतजाम कर सकते हैं।
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अमर उजाला ब्यूरो
बठिंडा। सर्दी आते ही धुंध लोगों के लिए कहर बनकर टूटती है, वहीं सर्दी की शुरुआत में पराली का धुआं इस बार कहर बनकर टूूट रहा है। शुक्रवार को पराली के धुएं के कारण बठिंडा चंडीगढ़ नेशनल हाईवे पर स्थित गांव लहरा धूरकोट के पास करीब दस वाहन एक के बाद एक आपस में टकरा गए। इन वाहनों में ज्यादातर कारें थी। हादसे में कोई भी जानी नुकसान नहीं हुआ, लेकिन कई वाहन क्षतिग्रस्त हो गए।
बठिंडा से चंडीगढ़ अपने कार में जा रहे शाम लाल ने बताया कि हाईवे पर गहरा पराली का धुआं होने से वाहन दिखाई न देने के कारण पीछे से जा रहे वाहनों की टक्कर हो गई। टक्कर के दौरान किसी भी तरह का कोई जानी नुकसान नहीं हुआ। लेकिन जो वाहन पीछे से टकराए हैं, उनका ही नुकसान हुआ। शाम लाल ने सरकार के खिलाफ रोष जताते हुए कहा कि अगर राज्य व केंद्र सरकार किसानों की सहायता करे तो किसान पक्के तौर पर पराली का इंतजाम कर सकते हैं।
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