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15 सितंबर तक पूर्व मुख्यमंत्री बादल और डीजीपी सैणी पर कैप्टन सरकार ने कारवाई न की तो
Updated Sun, 02 Sep 2018 10:37 PM IST
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कार्रवाई नहीं करनी थी तो कमीशन से जांच क्यों कराई : फूलका
आप नेता बोले -15 सितंबर तक पूर्व सीएम बादल कार्रवाई करें सरकार, नहीं तो दे दूंगा इस्तीफा
अमर उजाला ब्यूरो
बठिंडा। कांग्रेस ने जिस प्रकार 1984 के कत्लेआम के मामले में जांच पर जांच करवाकर मामले को दशकों तक लटकाया वैसे ही अब पंजाब में कांग्रेस श्री गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी व गोलीकांड के मामले को भी जांच के नाम पर दबाने की फिराक में है। यह बात आम आदमी पार्टी के विधायक एचएस फूलका ने रविवार को पत्रकारों के साथ बातचीत करते हुए व्यक्त किए। फूलका ने कहा कि कांग्रेस ने विधानसभा में उक्त मुद्दे को उठाकर केवल बादलों के विरोध का माहौल बनाया है, लेकिन कांग्रेस मामले में कार्रवाई करने के मूड में नहीं है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री कैप्टन ने बेअदबी व गोलीकांड के मामले की जांच के लिए जस्टिस रणजीत सिंह कमीशन का गठन किया, लेकिन अब उस कमीशन की रिपोर्ट पर सरकार कार्रवाई करने को तैयार नहीं है और मामले की जांच के लिए एसआईटी का गठन करने की बात की जा रही है। उन्होंने कहा कि अगर इस मामले की जांच एसआईटी. से ही करवानी थी तो जस्टिस रणजीत सिंह कमीशन बनाने की क्या जरूरत थी? फूलका ने कहा कि गोलीकांड का मुद्दा सी.बी.आई. के पास नहीं है । उस पर सरकार अपने स्तर पर कार्रवाई कर सकती है लेकिन सरकार की मंशा कार्रवाई करने की नहीं है व सरकार इस मामले को लटकाना चाहती है। अगर 15 सितंबर तक पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल व पूर्व डी.जी.पी. सुमैध सैणी के खिलाफ गोलीकांड मामले में कार्रवाई न की गई तो 16 सितंबर को वह खुद अपने विधायक पद से इस्तीफा दे देंगे। उन्होंने कहा कि वह श्री अमृतसर साहिब जाकर गुरु के चरणों में इस्तीफा रखेंगे व बाद में स्पीकर को इस्तीफा सौंपेंगे। उन्होंने कहा कि अगर सरकार में रहते हुए मुख्यमंत्री या विधायक कोई कार्रवाई नहीं कर सकते तो उन्हें भी इन पदों पर रहने का कोई हक नहीं है।
राहुल गांधी के हाथों में रिमोट कंट्रोल:
फूलका ने कहा कि इस पूरी गेम का रिमोट कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के हाथ है ओर राहुल गांधी डेरा सच्चा सौदा मुखी गुरमीत राम रहीम तथा पूर्व डीजीपी सुमेध सिंह सैनी को इस मामले में नहीं घसीटना चाहते। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने कैप्टन इस मुद्दे को पूरी तरह उछालने व राजनीतिक लाभ लेने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी की घुड़की का ही असर है कि विधानसभा में इस मुद्दे को जोरशोर से उठाने वाले कांग्रेस के पांचों विधायक चुप्पी धारण कर गए हैं। उन्होंने निकाय मंत्री नवजोत सिह सिद्धू व अन्य कांग्रेसी मंत्रियों व विधायकों से अपील की कि वह श्री गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी के इस मामले में कार्रवाई करने के लिए अपनी सरकार पर दबाव बनाएं।
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आप नेता बोले -15 सितंबर तक पूर्व सीएम बादल कार्रवाई करें सरकार, नहीं तो दे दूंगा इस्तीफा
अमर उजाला ब्यूरो
बठिंडा। कांग्रेस ने जिस प्रकार 1984 के कत्लेआम के मामले में जांच पर जांच करवाकर मामले को दशकों तक लटकाया वैसे ही अब पंजाब में कांग्रेस श्री गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी व गोलीकांड के मामले को भी जांच के नाम पर दबाने की फिराक में है। यह बात आम आदमी पार्टी के विधायक एचएस फूलका ने रविवार को पत्रकारों के साथ बातचीत करते हुए व्यक्त किए। फूलका ने कहा कि कांग्रेस ने विधानसभा में उक्त मुद्दे को उठाकर केवल बादलों के विरोध का माहौल बनाया है, लेकिन कांग्रेस मामले में कार्रवाई करने के मूड में नहीं है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री कैप्टन ने बेअदबी व गोलीकांड के मामले की जांच के लिए जस्टिस रणजीत सिंह कमीशन का गठन किया, लेकिन अब उस कमीशन की रिपोर्ट पर सरकार कार्रवाई करने को तैयार नहीं है और मामले की जांच के लिए एसआईटी का गठन करने की बात की जा रही है। उन्होंने कहा कि अगर इस मामले की जांच एसआईटी. से ही करवानी थी तो जस्टिस रणजीत सिंह कमीशन बनाने की क्या जरूरत थी? फूलका ने कहा कि गोलीकांड का मुद्दा सी.बी.आई. के पास नहीं है । उस पर सरकार अपने स्तर पर कार्रवाई कर सकती है लेकिन सरकार की मंशा कार्रवाई करने की नहीं है व सरकार इस मामले को लटकाना चाहती है। अगर 15 सितंबर तक पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल व पूर्व डी.जी.पी. सुमैध सैणी के खिलाफ गोलीकांड मामले में कार्रवाई न की गई तो 16 सितंबर को वह खुद अपने विधायक पद से इस्तीफा दे देंगे। उन्होंने कहा कि वह श्री अमृतसर साहिब जाकर गुरु के चरणों में इस्तीफा रखेंगे व बाद में स्पीकर को इस्तीफा सौंपेंगे। उन्होंने कहा कि अगर सरकार में रहते हुए मुख्यमंत्री या विधायक कोई कार्रवाई नहीं कर सकते तो उन्हें भी इन पदों पर रहने का कोई हक नहीं है।
राहुल गांधी के हाथों में रिमोट कंट्रोल:
फूलका ने कहा कि इस पूरी गेम का रिमोट कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के हाथ है ओर राहुल गांधी डेरा सच्चा सौदा मुखी गुरमीत राम रहीम तथा पूर्व डीजीपी सुमेध सिंह सैनी को इस मामले में नहीं घसीटना चाहते। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने कैप्टन इस मुद्दे को पूरी तरह उछालने व राजनीतिक लाभ लेने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी की घुड़की का ही असर है कि विधानसभा में इस मुद्दे को जोरशोर से उठाने वाले कांग्रेस के पांचों विधायक चुप्पी धारण कर गए हैं। उन्होंने निकाय मंत्री नवजोत सिह सिद्धू व अन्य कांग्रेसी मंत्रियों व विधायकों से अपील की कि वह श्री गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी के इस मामले में कार्रवाई करने के लिए अपनी सरकार पर दबाव बनाएं।
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