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लुधियाना की तीन निर्यातक कंपनियों पर केस दर्ज
अमर उजाला, जालंधर
Updated Sat, 07 Dec 2013 09:59 PM IST
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प्रवर्तन निदेशालय ने लुधियाना की तीन निर्यातक कंपनियों पर जाली बिल बनाकर वैट रिफंड में गड़बड़ी किए जाने के आरोप में केस दर्ज किया है। तीनों कंपनियों के मालिकों और निदेशकों के बैंक खातों और प्रापर्टी का हिसाब-किताब भी प्रवर्तन निदेशालय की टीम ने खंगालना शुरू कर दिया है।
इस मामले में सीबीआई ने जांच के बाद कंपनियों में फर्जीवाड़े का पर्दाफाश किया था, जिसके आधार पर अब परिवर्तन निदेशालय ने केस दर्ज कर उच्चस्तरीय जांच शुरू की है।
तीनों निर्यातक कंपनियों- के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय की टीम ने केस दर्ज किया है, वे जलधारा एक्सपोर्ट, यार्क इंटरनेशनल, त्रिमूर्ति एक्सपोर्ट हैं। सूत्रों के मुताबिक तीनों कंपनियों के खिलाफ पहले आबकारी व कराधान विभाग की टीम ने जांच के दौरान गड़बड़ी पाई थी। वैट रिफंड के लिए जाली बिलिंग की गई थी। उसके बाद इस केस को सीबीआई जांच के लिए सौंप दिया गया था। इसमें वैट के अलावा केंद्रीय शुल्क में भी घालमेल किया गया था। अब इस केस में प्रवर्तन निदेशालय ने भी केस दर्ज कर लिया है।
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प्रवर्तन निदेशालय को ऐसी जानकारी व कुछ पुख्ता सबूत भी मिले हैं कि पैसे की ट्रांजेक्शन के लिए हवाला का इस्तेमाल किया गया था। प्रवर्तन निदेशालय के अधिकारी अब हवाला को जहां केंद्र बिंदु मानकर जांच में जुट गए हैं वहीं इसके साथ ही उन प्रॉपर्टी को जांच के घेरे में लाया जा रहा है, जिनको तीनों कंपनियों के मालिकों ने खरीदा और बना रखी है। इसके लिए प्रवर्तन निदेशालय के उच्चाधिकारियों ने स्पेशल टीमों का गठन कर लिया है।
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इस मामले में सीबीआई ने जांच के बाद कंपनियों में फर्जीवाड़े का पर्दाफाश किया था, जिसके आधार पर अब परिवर्तन निदेशालय ने केस दर्ज कर उच्चस्तरीय जांच शुरू की है।
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तीनों निर्यातक कंपनियों- के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय की टीम ने केस दर्ज किया है, वे जलधारा एक्सपोर्ट, यार्क इंटरनेशनल, त्रिमूर्ति एक्सपोर्ट हैं। सूत्रों के मुताबिक तीनों कंपनियों के खिलाफ पहले आबकारी व कराधान विभाग की टीम ने जांच के दौरान गड़बड़ी पाई थी। वैट रिफंड के लिए जाली बिलिंग की गई थी। उसके बाद इस केस को सीबीआई जांच के लिए सौंप दिया गया था। इसमें वैट के अलावा केंद्रीय शुल्क में भी घालमेल किया गया था। अब इस केस में प्रवर्तन निदेशालय ने भी केस दर्ज कर लिया है।
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प्रवर्तन निदेशालय को ऐसी जानकारी व कुछ पुख्ता सबूत भी मिले हैं कि पैसे की ट्रांजेक्शन के लिए हवाला का इस्तेमाल किया गया था। प्रवर्तन निदेशालय के अधिकारी अब हवाला को जहां केंद्र बिंदु मानकर जांच में जुट गए हैं वहीं इसके साथ ही उन प्रॉपर्टी को जांच के घेरे में लाया जा रहा है, जिनको तीनों कंपनियों के मालिकों ने खरीदा और बना रखी है। इसके लिए प्रवर्तन निदेशालय के उच्चाधिकारियों ने स्पेशल टीमों का गठन कर लिया है।