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मिले अधिकार तो तेज हो गया शिकायतों का दौर

Fri, 17 Jan 2014 10:02 PM IST
अमर उजाला, जालंधर
अमर उजाला, जालंधर Updated Fri, 17 Jan 2014 10:02 PM IST
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दिल्ली में दिसंबर 2012 में बिटिया के साथ दर्दनाक हादसे के बाद सरकार द्वारा आईपीसी की धारा 354 में बदलाव के बाद प्रदेश में शिकायतों की संख्या अचानक बढ़ गई है।
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लड़कियों ने पंजाब पुलिस के पास 2013 में 1150 शिकायतें ऑन रिकार्ड दर्ज करर्वाइं। इनमें से अधिकतर मामले लड़कियों के साथ छेड़छाड़ के थे। 2012 में यह संख्या महज 200 तक ही पहुंच पाई थी। सरकार ने भी इन शिकायतों से निपटने के लिए महिला पुलिस फोर्स की संख्या बढ़ाने की तरफ कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। पंजाब में बीते साल दो हजार महिला पुलिस मुलाजिमों की भरती की गई वहीं 110 महिला सब इंस्पेक्टर की डायरेक्ट भरती की जा रही है।
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धारा 354 में क्या हुआ बदलाव
धारा 354 पहले जमानती धारा थी। आईपीसी की इस धारा में लड़कियों को गालियां निकालना, मारपीट करना आदि शामिल थे। इस धारा के कमजोर होने के कारण लड़कियों को इंसाफ की उम्मीद कम ही होती थी। दिल्ली में बिटिया के साथ सामूहिक दुराचार व हत्या की घिनौनी वारदात के बाद धारा 354 में व्यापक फेरबदल किया गया। धारा 354 की अलग-अलग क्लास बना दी गईं। इसमें धारा 354, 354ए, 354 बी व 354 सी व डी बना दी गई। धारा 354 ए में लड़कियों को जबरन कोई अश्लील फिल्म दिखाना, शारीरिक संबंध के लिए जबरन कहना। धारा 354 बी में लड़कियों के साथ मारपीट करना, धारा 354 सी में लड़कियों की आपत्तिजनक फोटो खींचना और 354 डी में लड़कियों का पीछा करना या उनको संदेश भेजना शामिल है।
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धारा 354 ए में पांच साल तक सजा का प्रावधान, बी में तीन साल तक, सी व डी में एक-एक साल की सजा का प्रावधान रखा गया। इसके साथ ही धाराओं को गैर जमानती कर दिया गया। कोई भी व्यक्ति अगर इन धाराओं में आरोपी बनता है तो उसको अपनी जमानत के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाना होगा। पहले इस धारा में थाने में ही जमानत दे दी जाती थी।

धारा में बदलाव होते ही शिकायतों का लगा अंबार
धारा 354 में बदलाव होते ही पिछले एक साल में शिकायतों का अंबार लग गया है। शिकायतों की संख्या 1150 के आंकड़ा को छू गई जबकि जालंधर कमिश्नरी में यह संख्या 77 तक पहुंच गई जिसमें नई धाराओं के तहत केस दर्ज किए गए हैं। 2012 में जालंधर में यह संख्या सिर्फ 17 तक की सिमटी हुई थी।


शिकायतों में बढ़ोतरी से कई नए कदम उठाए: ईश्वर सिंह
जालंधर के पुलिस कमिश्नर ईश्वर सिंह का कहना है कि दिल्ली कांड के बाद निश्चित तौर पर महिलाओं की शिकायतों में बढ़ोतरी आई है। इन शिकायतों को प्राथमिकता के आधार पर हल किया भी जा रहा है। ईश्वर सिंह का कहना है कि महिलाओं को इंसाफ यकीनी मिले, इसके लिए सब डिवीजन स्तर पर भी महिला थानेदारों की नियुक्ति की गई है। इसके साथ प्रत्येक थाने में वुमन सेल बनाए गए हैं, जो महिलाओं के साथ हुए अपराध के केसों को डील करेंगी। तमाम पुलिस अधिकारियों को भी उन्होंने यह आदेश जारी कर रखे हैं कि किसी भी महिला के साथ हुई बदतमीजी के केस में तत्काल एक्शन लिया जाए।

रोजाना हेडक्वार्टर पहुंचाया जा रहा रिकार्ड
धारा 354 की सख्ती के साथ ऐसे केसों पर नजर रखने के लिए पूरी मॉनिटरिंग की जा रही है। केस का पूरा ब्यौरा भी ऑनलाइन चंडीगढ़ भेजा जा रहा है।
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