बहिबल गोलीकांड : पुलिस की मदद मामले में मोगा का कारोबारी गिरफ्तार
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बहिबल गोलीकांड मामले की जांच कर रही एसआईटी ने आरोपी पुलिस अधिकारियों के अपने बचाव के लिए झूठे सबूत गढ़ने के मामले में उनकी मदद करने वाले मोगा के कारोबारी पंकज बंसल को गिरफ्तार कर लिया है। घटना के दौरान आरोपी पंकज बंसल की फरीदकोट में ऑटो मोबाइल वर्कशाप थी और उनके पास पुलिस अधिकारियों का आना जाना था।
पिछले एक सप्ताह के दौरान एसआईटी ने पंकज बंसल के रूप में दूसरी गिरफ्तारी की है। इससे पहले फरीदकोट के सुहेल सिंह बराड़ को भी पुलिस अधिकारियों की मदद करने के आरोप में गिरफ्तार किया था जो 21 जून तक रिमांड पर है। इस केस में अब तक कुल तीन आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं जिनमें से मुख्य आरोपी और पूर्व एसएसपी चरणजीत सिंह शर्मा को अंतरिम जमानत मिली हुई है।
इस मामले में एसआईटी के प्रमुख सदस्य व आईजी कुंवर विजय प्रताप सिंह ने बताया कि पंकज बंसल को पूर्व एसएसपी चरणजीत सिंह शर्मा की पायलट जिप्सी पर फायर करके मनगंढ़त कहानी बनाने में मदद करने के आरोप में गिरफ्तार किया है और उसे रविवार को ड्यूटी मजिस्ट्रेट की अदालत में पेश करके रिमांड पर लिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि एसआईटी की पड़ताल में सामने आया है कि जिप्सी पर फायर करके फर्जी सबूत तैयार करने में पंकज बंसल की अहम भूमिका रही है और एसआईटी ने आरोपी पुलिस अधिकारियों द्वारा अपने बचाव के लिए तैयार कहानी का भंड़ाफोड़ करके बड़ी सफलता हासिल की है।
एसआईटी की पड़ताल के अनुसार बरगाड़ी बेअदबी की घटना के बाद 14 अक्तूबर 2015 को बहिबल कलां में शांतिपूर्वक धरनाकारियों पर पुलिस द्वारा गोली चलाई गई जिसमें दो लोगों की मौत हो गई थी। उस समय गोलीकांड के आरोपी पुलिस अधिकारियों ने अपना बचाव करने के लिए आत्मरक्षा में फायरिंग किए जाने की झूठी कहानी गढ़ी और उसके लिए पूर्व एसएसपी की जिप्सी पर खुद ही फायर किए गए और दावा किया कि प्रदर्शनकारियों ने फायरिंग की थी और उन्होंने आत्मरक्षा के लिए गोली चलाई। मालूम हो कि पंकज बंसल से एसआईटी ने पिछले साल भी पूछताछ की थी और अब सुहेल सिंह बराड़ की गिरफ्तारी और पूछताछ के आधार पर उसे भी गिरफ्तार कर लिया है।