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Jalandhar News: पंजाब के 25.23 लाख किसानों पर 97 हजार करोड़ रुपये का कर्ज

Wed, 17 Dec 2025 08:24 PM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Wed, 17 Dec 2025 08:24 PM IST
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Farmers in Punjab owe Rs 97,000 crore in debt, affecting 25.23 lakh farmers.
-वित्त मंत्रालय की रिपोर्ट: पहले से मामूली सुधार लेकिन हालात अब भी चिंताजनक
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राजिंद्र शर्मा
चंडीगढ़। पंजाब के किसानों पर बढ़ता कर्ज बड़ी समस्या बनता जा रहा है। सूबे के 25.23 लाख किसानों पर 97,471 करोड़ रुपये का कर्ज है। पहले से इसमें मामूली सुधार हुआ है लेकिन अभी भी हालात चिंताजनक है। वित्त मंत्रालय की रिपोर्ट में यह बात सामने आई है जिसे राज्यसभा में पेश किया गया है।
इससे पहले जुलाई 2025 में भी मंत्रालय ने रिपोर्ट जारी की थी जिसमें प्रदेश के किसानों पर 1 लाख करोड़ रुपये के कर्ज की बात कही गई थी लेकिन अब मंत्रालय की अंतरिम रिपोर्ट के अनुसार कर्ज में मामूली कमी आई है। रिपोर्ट के मुताबिक कृषि परिवारों ने अपने कृषि कार्य संचालन को बनाए रखने व बढ़ाने के लिए पूंजीगत और अन्य खर्चों को पूरा करने के लिए ऋण प्राप्त किया है। सरकार ने संस्थागत ऋण को बढ़ावा देने के लिए भी कदम उठाया है जिनमें बैंकों के लिए वार्षिक कृषि ऋण लक्ष्य निर्धारित करना और किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) के माध्यम से सस्ती ऋण उपलब्ध कराना शामिल हैं।
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केसीसी योजना का मकसद किसानों को समय पर और पर्याप्त ऋण उपलब्ध कराना है ताकि वे अपनी कृषि आवश्यकताओं को पूरा कर सकें। इसमें बीज, उर्वरक, कीटनाशक आदि खरीदना और फसल के बाद के खर्चों को भी पूरा करना शामिल है। जो किसान योजना के तहत कर्ज को समय पर चुका देते हैं उनको सरकार की तरफ से विशेष छूट दी जाती है।
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हरियाणा के किसानों पर एक लाख करोड़
का कर्ज
रिपोर्ट के अनुसार बाकी राज्यों की स्थिति भी खराब है। हरियाणा के 36.63 लाख किसानों पर 1 लाख करोड़ रुपये का कर्ज है। इसी तरह हिमाचल प्रदेश के 7.04 लाख किसानों पर 14,599 करोड़ और जम्मू एंड कश्मीर के 20.25 लाख किसानों पर 20,242 करोड़ रुपये का कर्ज है। छोटे किसानों पर कर्ज में लगातार बढ़ता जा रहा है। खेती में लागत पहले से बढ़ रही है और खराब वित्तीय हालत के कारण किसान कर्ज नहीं चुका पा रहे हैं। जिन किसान परिवारों के पास भूमि ज्यादा है उनकी हालत में पहले से सुधर रही है।

कर्ज माफी का कोई विचार नहीं
केंद्र पिछली बार अपनी रिपोर्ट में स्पष्ट कर चुका है कि कर्ज माफी को लेकर किसी भी प्रकार का प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है जिससे किसानों को इस कर्ज से कोई राहत मिलने वाली नहीं है। पंजाब और हरियाणा के बॉर्डर पर एक साल से अधिक समय तक एमएसपी की कानूनी गारंटी और कर्ज माफी की मांग को लेकर किसानों का आंदोलन भी चला लेकिन उनकी यह मांग पूरी नहीं हुई थी।


कोट
किसानों की हालत सुधारने के लिए नीति में बदलाव की आवश्यकता है ताकि उनको अपनी फसल का उचित मूल्य मिल सके। कृषि की लागत पहले बढ़ती जा रही है। जो सब्सिडी मिल रही है वो किसानों तक नहीं पहुंच पा रही है। इस कारण किसानों पर लगातार कर्ज बढ़ता जा रहा है। नीति में जरूरी संशोधन करके ही किसानों की हालत सुधारी जा सकती है।
-डॉ. विनोद कुमार चौधरी,
प्रोफेसर, पंजाब यूनिवर्सिटी।
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