{"_id":"570109924f1c1ba20cc811a1","slug":"development-mission-meeting-muktsar-news-dc-private-schools-muktsar-jalandhar","type":"story","status":"publish","title_hn":"प्राइवेट स्कूलों द्वारा वसूली जा रही अवैध फीसों का विरोध ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
प्राइवेट स्कूलों द्वारा वसूली जा रही अवैध फीसों का विरोध
ब्यूरो, अमर उजाला/मुक्तसर
Updated Sun, 03 Apr 2016 05:46 PM IST
विज्ञापन
मुक्तसर विकास मिशन की बैठक को संबोधित करते जगदीश राय ढ़ोसीवाल।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विकास मिशन की बैठक रविवार को श्री रघुनाथ मंदिर में आयोजित हुई। इसमें प्राइवेट स्कूल प्रबंधकों की ओर से वसूली जा रही अवैध फीसों का विरोध जताया गया। बैठक में मिशन के पदाधिकारियों के अलावा प्राइवेट स्कूलों में पढ़ रहे बच्चों के अभिभावकों ने भी भाग लिया।
कार्यकारी सदस्य जगदीश राय ढ़ोसीवाल ने कहा कि शिक्षा का अधिकार एक्ट (आरटीई एक्ट 2009) के अनुसार कोई भी प्राइवेट स्कूल शिक्षा विभाग की मंजूरी के बिना फीसों में बढ़ोतरी नहीं कर सकता। विद्यार्थियों से बार-बार दाखिला फीस नहीं वसूल की जा सकती। यही नहीं स्कूली बच्चों से प्राप्त की फीस व फंडों की बाकायदा रसीद भी दी जाती है।
बैठक के दौरान परिजनों ने प्राइवेट स्कूलों की ओर से वसूल की जा रही भारी फीस, स्कूल की ओर से दी जा रही पुस्तकें व स्कूल ड्रेस खरीदने के लिए दुकान निश्चित करने पर भी रोष जताया। परिजनों ने इस बारे में विकास मिशन की ओर से शुरू किए जाने वाले संघर्ष में हाथ खड़े कर साथ देने का भरोसा दिया गया।
विज्ञापन
ढ़ोसीवाल ने बताया कि मिशन का वफद 4 अप्रैल को सुबह ग्यारह बजे इस संबंध में डीसी से मिल ज्ञापन सौंपेगा। इस दौरान डीसी से प्राइवेट स्कूल संचालकों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की जाएगी। इस मौके पर काला सिंह बेदी, शम्मी तेरिया, अशोक कुमार भारती, निरंजन सिंह रखरा, ओपी खिच्ची, राजीव कटारिया, अनिल अनेजा, एडवोकेट पंकज गिरधर मौजूद थे।
विज्ञापन
कार्यकारी सदस्य जगदीश राय ढ़ोसीवाल ने कहा कि शिक्षा का अधिकार एक्ट (आरटीई एक्ट 2009) के अनुसार कोई भी प्राइवेट स्कूल शिक्षा विभाग की मंजूरी के बिना फीसों में बढ़ोतरी नहीं कर सकता। विद्यार्थियों से बार-बार दाखिला फीस नहीं वसूल की जा सकती। यही नहीं स्कूली बच्चों से प्राप्त की फीस व फंडों की बाकायदा रसीद भी दी जाती है।
विज्ञापन
बैठक के दौरान परिजनों ने प्राइवेट स्कूलों की ओर से वसूल की जा रही भारी फीस, स्कूल की ओर से दी जा रही पुस्तकें व स्कूल ड्रेस खरीदने के लिए दुकान निश्चित करने पर भी रोष जताया। परिजनों ने इस बारे में विकास मिशन की ओर से शुरू किए जाने वाले संघर्ष में हाथ खड़े कर साथ देने का भरोसा दिया गया।
विज्ञापन
ढ़ोसीवाल ने बताया कि मिशन का वफद 4 अप्रैल को सुबह ग्यारह बजे इस संबंध में डीसी से मिल ज्ञापन सौंपेगा। इस दौरान डीसी से प्राइवेट स्कूल संचालकों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की जाएगी। इस मौके पर काला सिंह बेदी, शम्मी तेरिया, अशोक कुमार भारती, निरंजन सिंह रखरा, ओपी खिच्ची, राजीव कटारिया, अनिल अनेजा, एडवोकेट पंकज गिरधर मौजूद थे।