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एक मंच पर बिखरे कई संस्कृतियों के रंग
जालंधर।
Updated Thu, 13 Mar 2014 12:01 AM IST
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अंतरराष्ट्रीय संगीत से सजे कार्यक्रमों ने एलपीयू में चल रहे वन वर्ल्ड और सोफेस्ट के दूसरे दिन को बेहतरीन बना दिया। 25 से अधिक देशों से आए एलपीयू के अंतरराष्ट्रीय विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों ने माहौल को एक अलग ही रंग में रंग दिया।
बुधवार को कार्यक्रम में दक्षिण एशियाई देशों और एआईयू के राष्ट्रीय युवा महोत्सव जीतने वाले विश्वविद्यालयों से आये विद्यार्थियों ने भी गीत संगीत, लोक आर्केस्ट्रा श्रेणियों में भाग लिया। इस दौरान प्राचीन काल से प्रसिद्ध चीन का लोक गीत मो ली हुआ, मंगोलियाई लांग सांग उर्तीण दू , नेपाली लोकप्रिय रेशम फिरारी, भूटानी रिगसर और अन्य देशों के लोक आर्केस्ट्रा की धुनों पर हजारों विद्यार्थी झूमते गाते नजर आए। ड्रेगन, हाथियों, घोड़ों और कई अन्य प्रस्तुतियों ने फेस्ट की चमक बढ़ा दी।
इस उम्दा प्रदर्शन देख एआईयू के संयुक्त सचिव सैपसन डेविड भी दंग रह गए। मंच पर डेविड ने कहा कि उन्होंने कई आयोजन देखे लेकिन ऐसा कार्यक्रम नहीं देखा। इसके लिए एलपीयू बधाई का पात्र है। इससे पहले एक पुस्तक गोल्डन सागा ऑफ यूथ फेस्टिवल को जारी किया गया।
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इसमें युवा गतिविधियों में कई हस्तियों के कथनों को शामिल किया गया। दूसरे दिन के इस आयोजन में 23 अंतरराष्ट्रीय स्टाल लगाए गए। आरटीएम विश्वविद्यालय नागपुर के विद्यार्थियों ने 47 अलग-अलग वाद्यों से लोक आर्केस्ट्रा प्रस्तुत किया।
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बुधवार को कार्यक्रम में दक्षिण एशियाई देशों और एआईयू के राष्ट्रीय युवा महोत्सव जीतने वाले विश्वविद्यालयों से आये विद्यार्थियों ने भी गीत संगीत, लोक आर्केस्ट्रा श्रेणियों में भाग लिया। इस दौरान प्राचीन काल से प्रसिद्ध चीन का लोक गीत मो ली हुआ, मंगोलियाई लांग सांग उर्तीण दू , नेपाली लोकप्रिय रेशम फिरारी, भूटानी रिगसर और अन्य देशों के लोक आर्केस्ट्रा की धुनों पर हजारों विद्यार्थी झूमते गाते नजर आए। ड्रेगन, हाथियों, घोड़ों और कई अन्य प्रस्तुतियों ने फेस्ट की चमक बढ़ा दी।
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इस उम्दा प्रदर्शन देख एआईयू के संयुक्त सचिव सैपसन डेविड भी दंग रह गए। मंच पर डेविड ने कहा कि उन्होंने कई आयोजन देखे लेकिन ऐसा कार्यक्रम नहीं देखा। इसके लिए एलपीयू बधाई का पात्र है। इससे पहले एक पुस्तक गोल्डन सागा ऑफ यूथ फेस्टिवल को जारी किया गया।
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इसमें युवा गतिविधियों में कई हस्तियों के कथनों को शामिल किया गया। दूसरे दिन के इस आयोजन में 23 अंतरराष्ट्रीय स्टाल लगाए गए। आरटीएम विश्वविद्यालय नागपुर के विद्यार्थियों ने 47 अलग-अलग वाद्यों से लोक आर्केस्ट्रा प्रस्तुत किया।