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Punjab: जालंधर के आप विधायक शीतल अंगुराल के गनर ने एके 47 से गोली मारकर की खुदकुशी, कुछ दिन पहले ही हुई थी शादी

संवाद न्यूज एजेंसी, जालंधर (पंजाब) Published by: निवेदिता वर्मा Updated Thu, 02 Jun 2022 12:02 PM IST
सार

गुरुवार सुबह विधायक शीतल अंगुराल को एक कार्यक्रम में जाना था लेकिन पवन उनके साथ नहीं गया। अंगुराल बाकी सुरक्षाकर्मियों को साथ लेकर चले गए। इसी बीच पवन ने खुद को गोली मार कर अपनी जान दे दी।

गनमैन की मौत के मामले में जांच करते पुलिसकर्मी।
गनमैन की मौत के मामले में जांच करते पुलिसकर्मी। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी।
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विस्तार

जालंधर वेस्ट के विधायक शीतल अंगुराल के बस्ती दानिशमंदा स्थित घर पर गनमैन पवन ने संदिग्ध परिस्थितियों में एके-47 से गोली मार ली, जिसकी मौके पर ही मौत हो गई। यह वारदात तब हुई जब विधायक परिवार के साथ मंदिर माथा टेकने गए थे और गनमैन पवन घर में अकेला था। वहीं उसके ससुर का कहना है कि मेरा दामाद इतना कमजोर नहीं था कि आत्महत्या कर ले। उसे धमकाया गया है। उसे टाइफाइड था और ठीक से चल भी नहीं पा रहा था। वह छुट्टी के लिए बात करने गया था, बंद कमरे में क्या बात हुई, पता नहीं। छोड़ने आए मौसेरे जवांई को सिर्फ इतना कहा था कि तुम दवा लो, मैं छुट्टी की बात करके आता हूं। 



जानकारी के मुताबिक गनमैन पवन निवासी मेहतपुर कुछ दिन पहले ही विधायक शीतल अंगुराल की सुरक्षा में तैनात किए गए थे और पिछले एक हफ्ते से बीमार होने के कारण छुट्टी पर चल रहे थे। वह इससे पहले थाना-5 में तैनात थे। ससुर और पत्नी के कहने पर गुरुवार को वह मौसेरे जवांई के साथ दवा लेने और टेस्ट करवाने जालंधर आए थे और छुट्टी की बात भी करनी थी। पवन ने मौसेरे जवांई को दवाई लेने के लिए भेज दिया और छुट्टी की बात करने के लिए अंदर चले गए। उसकी बंद कमरे में किससे क्या बात हुई कुछ नहीं पता। विधायक शीतल अंगुराल के परिवार सहित पूजा पर जाते ही कुछ देर बाद उन्होंने खुद को गोली मार ली। 

 
पुलिस की प्राथमिक जांच में सामने आया है कि गनमैन के घर परिवार में किसी बात को लेकर विवाद था। इस बात से वह परेशान थे। गुरुवार सुबह ही वह ड्यूटी पर लौटे थे। पुलिस ने घटनास्थल को सील कर दिया है। एसीपी वेस्ट करण सिंह संधू, थाना-5 और थाना भार्गव कैंप की पुलिस ने एके-47 को कब्जे में लेकर शव को पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल में रखवाया है। पवन दो भाई हैं। बड़ा भाई राजीव कुमार और पिता जसविंदर सिंह दुबई में है और पत्नी जालंधर में ही नौकरी करती है। पवन की एक साल पहले शादी हुई थी और बीमार होने के कारण वह गांव मेहतपुर में मां के साथ रह रहे थे। फिलहाल पुलिस ने आत्महत्या की धाराओं के तहत कार्रवाई की है।

एके-47 रिस्ट सीना चीर देती है, लेकिन ऐसा नहीं था, किसी को गोली की आवाज तक नहीं आई: ससुर 

मैं और मेरी पत्नी अक्सर दामाद से वीडियो कॉल पर बात किया करते थे, खासकर तबसे जबसे उसे टाइफाइड हुआ था। पिछले एक हफ्ते से काफी बीमार था। वह ठीक से चल नहीं पा रहा था। घर में कोई परेशानी नहीं थी, मेरी बेटी भी जॉब करती थी। बुधवार रात को दामाद को फोन किया था, लेकिन बेटी ने उठाया और कहा कि कल (यानी गुरुवार) को दिखाने आ रहे हैं और ब्लड टेस्ट जरूर करवा लेना। दामाद ने एक हफ्ते की छुट्टी ले रखी थी और दोबारा छुट्टी मांगने के लिए वेस्ट विधायक शीतल अंगुराल के दफ्तर पहुंचा था, जिसे मौसेरा जवांई छोड़ने आया था। उसे पवन ने यह कहकर भेज दिया कि तुम दवा लो मैं बात करके आता हूं। उस बंद कमरे में क्या बात हुई, किसी को नहीं पता और कुछ देर बाद दामाद ने खुद को एके-47 से गोली मार ली। आत्महत्या पर शक जताते हुए ससुर ने कहा कि अगर एके-47 से गोली मारी है तो उसका रिस्ट सीना चीर देता पर ऐसी नहीं हुआ, गोली चलने की आवाज भी आसपास के लोगों को नहीं आई और ज्यादा खून बहने से दामाद पवन ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। उन्होंने ब्लड टेस्ट करवाने के लिए फोन किया तो जवाब मिला कि पवन ने खुद को गोली मार ली है, जिससे उसकी मौत हो गई है और वह तत्काल विधायक के दफ्तर आ जाएं। इस घटना से मेरी बेटी का जीवन बर्बाद हो गया, जिसकी एक साल पहले ही शादी हुई थी। 

तेरे बगैर में किद्दां जीवांगी, मैंनूं भी नाल ले जा

पवन की मां का रो रोकर बुरा हाल है, छाती पीट-पीटकर वह सिर्फ एक ही बात कह रही थीं कि मेरा छोटा मेरी झोली बिच पा दियो, तेरे बगैर मैं किद्दां जीवांगी, जे तू नहीं आ सकदा, तां मैंनूं भी नाल ले जा। एक तू ही तो मेरा सहारा था, ऐस खातिर तैनूं पेयो ते भ्रा नाल दुबई नी भेजा। मैनूं कि पता सी कि ए दो पैसे दी नौकरी मेरे पुत्त दी जिंदगी छीन लेवांगी।

आराम करने के लिए कहा था, इसलिए दूसरे गनमैन के साथ मंदिर गए

विधायक अंगुराल ने गनमैन पवन की मौत पर गहरा शोक जताते हुए कहा कि उनका गनमैन बहुत ही शांत स्वभाव का और बढ़िया इंसान था। वह अपनी ड्यूटी बहुत ही शांति के साथ करता था, उसने यह कदम क्यों उठाया, इस पर वह भी हैरान हैं? पवन बीमार था, इसलिए उसे आराम करने की बात कहकर अन्य गनमैन के साथ चले गए। पवन ऐसा कदम उठा सकता है सोचा नहीं था। वह बस्तियों में स्थित बाबा बालक नाथ मंदिर गए थे, जहां कार्यक्रम और शोभायात्रा निकाली जानी थी। विधायक मंदिर में माथा टेकने के बाद शोभायात्रा में शिरकत करने वाले थे, इससे पहले ही पवन की मौत की सूचना मिली।

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